रांची। 14वीं JPSC पीटी परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में सीआईडी ने जांच तेज करते हुए परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज की पत्नी और सगे भाई को गिरफ्तार किया है। दोनों पर JPSC और JSSC-CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप है। अभय कुमार तिवारी को सीआईडी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब जांच एजेंसी उसके परिवार और करीबी लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
सीआईडी के मुताबिक, अभय कुमार तिवारी ने JSSC-CGL के जरिए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति हासिल की थी। गिरफ्तारी के समय वह पोड़ैयाहाट प्रखंड में पदस्थापित था। जांच में उस पर JPSC और JSSC की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कथित तौर पर अनुचित तरीके अपनाकर सफलता हासिल करने के आरोप सामने आए हैं। जांच एजेंसी को उसके कुछ करीबी रिश्तेदारों के भी सरकारी नौकरी हासिल करने की जानकारी मिली है। इसी क्रम में पत्नी और भाई की गिरफ्तारी को अहम माना जा रहा है।
20 से ज्यादा गिरफ्तारियां, जांच का दायरा बढ़ा
14वीं JPSC PT परीक्षा सहित JPSC और JSSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी लगातार कार्रवाई कर रही है। चतरा जिले से एक प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
अब तक इस मामले में 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते भी शामिल हैं। सीआईडी जांच के दौरान दस्तावेज, परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरण जुटा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित परीक्षा गड़बड़ी का नेटवर्क कितना व्यापक था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

