Author: ujjwalduniyapress

  • झारखंड में लचर बिजली व्यवस्था के खिलाफ भाजपा विधायक मनीष जायसवाल ने दिया धरना


    उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  झारखंड में बिजली की लचर व्यवस्था, बिगड़ती विधि व्यवस्था को लेकर हजारीबाग विधायक मनीष जायसवाल ने विधानसभा में धरना दिया।उनका कहना है कि पूरे राज्य में बिजली की व्यवस्था आंख मिचोली जैसी बनी हुई है। वहीं राज्य में विधि व्यवस्था भी बिगड़ती हुई नजर आ रही है। आए दिन राज्य में हत्या, लूट, नक्सलवाद, उग्रवाद जैसी घटनाएं हो रही है।
    उन्होंने कहा कि सरकार पिछले सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं को भी बंद करने का काम कर रही है। जिससे आम जनता को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।मौके पर मनीष जायसवाल के समर्थन में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, विधायक भानु प्रताप शाही ने भी समर्थन दिया।

  • दो दशक बाद फिर चालू हुआ तापिन साउथ का लोकल सेल

    रैयत विस्थापितों की पूरी हुई आस, करना पड़ा लंबा संघर्ष


    खुला रोजगार का अवसर,पहले फेज में मिलेगी 3500 लोगों को नौकरी 
    लोकल सेल बंद होने से 10,000 मजदूर हो गए थे बेरोजगार……………


    नंदन कुमार/फराज करीम/उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/चरही। सीसीएल हजारीबाग कोयला क्षेत्र में सबसे ज्यादा चर्चित तापिन साउथ कोलियरी में लोकल सेल शुक्रवार को शुरू हो गया। इसके साथ ही रैयत विस्थापितों के नौ साल से चले आ रहे संघर्ष पर विराम लग गया। वहीं रोजगार के नए अवसर की राह भी खुल गई। 
    गौरतलब है कि करीब दो दशक पूर्व डंप संचालन समिति और विस्थापित संघर्ष में गहरे मतभेद की वजह से तापिन साउथ लोकल सेल में ताला लटक गया था। तब करीब 10,000 मजदूर बेरोजगार हो गए थे। शुक्रवार को तापिन साउथ परियोजना में लोकल सेल चालू होते ही स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो गया। लोगों की खुशी पुरुष-महिलाओं के चेहरे पर साफ दिख रही थी। हो भी क्यों नहीं, रोजगार प्राप्त होने का सपना जो पूरा हो गया। पहले फेज में करीब 3500 लोगों को रोजगार मिलेगा। डंप के उद्घाटन अवसर पर स्थानीय लोगों ने बताया कि इस डंप से हमलोगों को बहुत उम्मीदें है। वहां अहलेे सुबह से ही लोगों का हुजूम उमड़ने लगा था। धीरे-धीरे लोग तापिन साउथ कोलियरी में चेक पोस्ट के पास इकट्ठा हुए। सैकड़ों की संख्या में लोगों के हाथों मे नारियल, अगरबत्ती आदि देख कर लोगों का उत्साह देखते बन रहा था। बस बारी थी नेतागण के आने की। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमन्य नेता शिवलाल महतो, फ़ागु बेसरा, शंकर सिंह, महेश सिंह पहुंचे। इसके अलावा रैयत विस्थापित मोर्चा के अध्यक्ष रामकिशोर मुर्मू, सचिव मन्नू टूड्डू आदि सभी नेताओं का स्वागत स्थानीय लोगों ने फूल मालाओं से किया। लोगों का हुजूम उद्घाटन स्थल पर पहुंचा तथा सारी विधि के साथ नारियल फोड़ कर सेल का उद्घाटन किया गया। 

    इस कोल सेल में विस्थापितों की  हिस्सेदारी 55 फीसदी और प्रभावितों की हिस्सेदारी 45 फीसदी रहेगी। यहां पर लगभग ढाई से तीन हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।रैयत विस्थापित मोर्चा के सचिव मन्नू टूडू बताते हैं कि इस लोकल सेल के चालू होने से ढाई से तीन हजार स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। आगे वो कहते हैं के इस रोजगार को पाने के लिए लोगों ने बहुत सारी कठिनाइयों का सामना किया है। अत: जो आज लोगो को रोजगार प्राप्त हुआ है यह इनलोगों के परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने पूरे क्षेत्र के लोगो को इस अवसर पर शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। इसके अलावा नेता शिवलाल महतो ने कहा कि इस लोकल सेल के खुल जाने से लोगों को रोजगार का एक विशाल अवसर प्राप्त हुआ है। साथ ही हम सब लोगों को मिलजुल कर इस रोजगार अवसर को सदुपयोग करना है। 
    इस  रोज़गार प्राप्ति के अवसर पर  शिवलाल महतो, महेश सिंह, फागु बेसरा, शंकर सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता, देवकी महतो, मुरारी सिंह, जिपसदस्य, अग्नेशिया सांडि पूर्ति, चुरचू प्रमुख अनुक्षि देवी, उपप्रमुख् चोलेश्वर महतो, रैय्यत विस्थापित मोर्चा के अध्यक्ष रामकिशोर मुर्मु सचिव मन्नू टूडू, इनके अलावा जगदीश मांझी, विनोद मांझी, जीवलाल मांझी, राजेश हंसदा, लखीराम मांझी, मो आशिक, मो रियाज़, बौबी करीम, इकबाल करीम, बाबर करीम, मो सिकंदर, मो मासूम, गुलाबी किस्कू, शांति देवी, संगीता देवी, लालमुनि बेसरा, मरियम निशा, शाहिदुन निशा, काज़मा खातून, सायदा जमाल समेत सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

  • मोदी कैबिनट में मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कृषि विधेयकों को किसान विरोधी बताते हुए दिया इस्तीफा

    नयी दिल्ली।  शिराेमणि अकाली दल (बादल) के नेता एवं केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने किसानों के मुुद्दे को लेकर इस्तीफा दे दिया है। श्रीमती कौर ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काे भेज दिया है। उन्होंने ट्वीट करके अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह किसान विरोधी अध्यादेशों का विरोध करते हुए केन्द्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप के खड़ी हैं।

  • ACB की जांच में गोपालजी तिवारी दोषी करार

    एसीबी की पीई जांच में सीएम हेमंत सोरेन के पूर्व ओएसडी गोपालजी तिवारी दोषी पाए गए हैं. मिली जानकारी के अनुसार, पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एसीबी ने गोपालजी तिवारी को पीई जांच में दोषी पाया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर एसीबी ने गोपालजी तिवारी पर मामला दर्ज करने की अनुशंसा की है. इसको लेकर एसीबी ने मंत्रिमंडल, निगरानी और सचिवालय विभाग से अनुमति मांगी है.

    29 जुलाई को एसीबी ने गोपलाजी तिवारी खिलाफ पीई दर्ज किया था

    पद का दुरुपयोग कर गलत तरीके से रुपये कमाने व आय से अधिक संपत्ति के मामले में गोपालजी तिवारी के खिलाफ एसीबी ने बीते 29 जुलाई को पीई दर्ज की थी. अधिवक्ता राजीव कुमार के बयान पर दर्ज पीई में गोपालजी तिवारी पर गलत तरीके से संपत्ति अर्जित करने और करीब 21.55 करोड़ रुपये के निवेश करने का आरोप है. उनपर जमीन व फ्लैट में बड़ी राशि निवेश करने और अनाधिकृत रूप से विदेश यात्रा का आरोप है.

    सीएम ने एसीबी से जांच कराने का आदेश दिया था

    सीएम हेमंत सोरेन ने बीते 24 जुलाई को ही आय से अधिक संपत्ति के मामले में गोपालजी तिवारी के खिलाफ एसीबी से जांच कराने का आदेश दिया था. यह पहला मामला है, जब मुख्यमंत्री ने अपने ही ओएसडी के खिलाफ एसीबी को जांच का आदेश दिया.

    अधिवक्ता राजीव कुमार ने अपने शिकायत पत्र में गोपाल जी तिवारी के बेटे के नाम पर निवेश से संबंधित दस्तावेज भी मुख्यमंत्री को सौंपा था. जिसमें यह आरोप लगाया था कि मेसर्स किग्सले डेवलपर नामक एक कंपनी बनाई गई है, जिसमें गोपाल जी तिवारी का बेटा भी पार्टनर है. इस कंपनी का कार्यालय अशोक नगर रोड नंबर चार में है.

    कंपनी का दूसरा पार्टनर डोरंडा के नाथ ऑफिस पाड़ा निवासी जयदेव चटर्जी, तीसरा पार्टनर मोरहाबादी आशाश्री गार्डन निवासी निलभ है. जिसके पिता का नाम जी तिवारी बताया गया है. शिकायत में बताया गया है कि जी तिवारी ही गोपाल जी तिवारी हैं, क्योंकि गोपाल जी तिवारी का जो पता है, निलभ का भी वही पता है

  • ओपन कास्ट माइंस में तैनात सुरक्षा गार्ड की हत्या कर अपराधियों ने शव को घर के बाहर फेंका , जांच में जुटी पुलिस

    गिरिडीह बनियाडीह कोलियरी के ओपन कास्ट माइंस में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात पंचानंद महतो की हत्या कर अपराधियों ने शव को घर के बाहर फेंक दिया । घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। बताया गया कि मृतक जवान पचम्बा थाना क्षेत्र के पिंडाटांड़ मगहियाटोला के रहने वाले थे। बताया गया कि मोटरसाइकिल में इन्हें लादकर लाए और इनके घर के दरवाजे पर छोड़ कर फरार हो गए। घटना के बाद परिजन आनन फानन में इन्हें सदर अस्पताल लेकर आए जहां चिकित्सकों ने इन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। घटना की सूचना पर पचम्बा थाना प्रभारी शर्मानंद सिंह भी सदर अस्पताल पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की। बताया गया कि मृतक पंचानंद का पैर किसी धारदार हथियार से वार कर काट दिया गया है। यह घटना कैसे हुई और इसके पीछे क्या कुछ कारण है इसकी पड़ताल फिलहाल पुलिस कर रही है।

  • माइका फैक्ट्री में काम कर रहे मिस्त्री की करंट से मौत

    गिरिडीह। औधोगिक क्षेत्र के गादी श्रीरामपुर स्थित दीपशिखा माइका फैक्ट्री में रंग रोगन का काम कर रहे मिस्त्री की मौत करंट लगने से हो गई। घटना बुधवार की शाम का बताया जा रहा है। मृतक की पहचान देवरी थाना के बिलोटांड़ निवासी अक्षय तिवारी (23) के रूप में हुई है।

    फैक्ट्री में कर रहा था रंग रोगन का काम


    घटना के संबंध में बताया जाता है कि विश्वकर्मा पूजा को ले फैक्ट्री के मालिक सचिन गुप्ता फैक्ट्री में रंग रोगन का काम करवा रहे थे। इसी दौरान अक्षय तिवारी को करंट का तेज झटका लगा और वह वहीं बेसुध होकर गिर पड़ा। घटना के बाद आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

  • बरही विधायक के समर्थकों ने इंजीनियर्स को पीटा सड़क बनाने में अनियमितता का लगाया आरोप



    अपने समर्थकों के साथ जांच करते विधायक उमाशंकर अकेला

    उज्ज्वल दुनिया संवाददाता
    हजारीबाग। भारतीय अनुसंधान संस्थान गौरियाकरमा में बन रहे प्रशासनिक भवन, हॉस्टल भवन सहित सड़क निर्माण की जांच करने के लिए विधायक उमाशंकर अकेला अपने दर्जनों समर्थकों के साथ बुधवार को निर्माण स्थल पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान महावीर निर्माण प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा बनाए जा रहे प्रशासनिक भवन का जायजा लिया। वहां उन्होंने निर्माण कार्य में लगाए जा रहे सामग्री की जानकारी वहां मौजूद साइट जेई विश्वजीत कुमार से ली। जेई विश्वजीत का आरोप है कि बिना उनकी बात सुने विधायक उमाशंकर अकेला ने अपने समर्थकों से कहा कि पहले इसे मारो। तब सही-सही बताएगा। इतना सुनते हुए विनोद कुमार यादव ने उनके साथ गाली-गलौज कर मारपीट करने लगे।

    क्या है जूनियर इंजीनियर का आरोप


    जेई का आरोप है कि विधायक को सब कुछ सही सही बताया गया। बावजूद उनके साथ मारपीट एवं गाली गलौज की गई। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य सीपीडब्लू के देख रेख किया जा रहा है। विधायक उमाशंकर अकेला ने महावीर निर्माण कंपनी द्वारा बनाए जा रहे प्रशासनिक भवन का काम अनियमितता का आरोप लगाकर बंद करवा दिया। इसके साथ मॉडर्न कंपनी के द्वारा बनाए जा रहे हॉस्टल भवन के जेई श्यामल प्रसाद के साथ भी विधायक समर्थकों ने मारपीट की।

    विधायक और उनके समर्थकों का है कहना


    विधायक एवं उनके समर्थकों का तर्क है कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में बन रहे प्रशासनिक भवन सहित अन्य भवन तथा रोड निर्माण में काफी अनियमितता बरती गई है। रोड की ढलाई मात्र एक इंच तो कहीं सबा इंच की जा रही है। घटिया ईंट और बालू लगाया जा रहा है। घटिया क्वालिटी का सीमेंट लगाया जा रहा है। अपनी कमी एवं अनियमितता छिपाने के लिए झूठा आरोप लगा रहे है। विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनके क्षेत्र में बन रहे हर आधारभूत संरचना की गुणवत्ता की जांच एवं देखभाल करना उनकी ड्यूटी है। विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा कि मारपीट किया तो सबूत दे इंजीनियर।घाटिया काम करने का लगाया आरोप। उन्होंने कहा कि बंगाल, पाकुड़, गोड्डा के मजदूरों से करवा रहे हैं काम। विधायक ने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दे रहा है।इतना ही नहीं एक भी सुपरवाइजर को नहीं रखा। स्थानीय लोगों को रोजगार देने की बात कही।

    मारपीट की शिकायत करेंगे


    भारतीय अनुसंधान संस्थान परिसर में निर्माण कराने वाले एजेंसियों में महावीर निर्माण कंपनी के एके दुबे का कहा कि सारे निर्माण का कार्य केंद्र सरकार की निर्माण एजेंसी सीपीडब्लू के द्वारा किया जा रहा है। उनके इंजीनियर्स की निगरानी में ही सारे निर्माण कार्य हो रहे हैं। गुणवत्ता की जांच हर सप्ताह उच्च अधिकारियों के द्वारा होता रहता है। ऐसे में विधायक एवं उनके समर्थक के द्वारा अनियमितता की बात पूरी तरह गलत है। यदि अनियमितता थी तो विधायक एवं उनके समर्थकों को उचित फोरम में शिकायत करनी चाहिए। लेकिन, उनके जेई एवं अन्य स्टाफ के साथ मारपीट करना सही नहीं है। इसकी शिकायत उचित फोरम में की जाएगी।

  • युवतियों को स्वावलंबी औऱ आत्मनिर्भऱ बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है

    रांची ।  आज के इस दौर में युवा वर्ग का हुनरमंद होना नितांत आवश्यक है । इसलिए सरकार ने राज्य के युवक-युवतियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर अपने पैरों पर खड़ा करने का संकल्प लिया है । युवतियों को स्वावलंबी औऱ आत्मनिर्भऱ बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है । सीएम हेमन्त सोरेन ने दुमका प्रखंड के हरिपुर पंचायत भवन में स्वंय सहायता समूहों (SHG) सखी मंडल से जुड़ी महिलाओं को संबोधित करते हुए कही. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने यहां कोरोना महामारी के कारण बंद शगुन सुतम सिलाई सेंटर को पुन संचालित करने के कार्य का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत के हिसाब से इस तरह के और भी सेंटरों को प्रारंभ किया जाएगा.
     

    सेंटरों को सहयोग करेगी सरकार


    मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास के लिए संचालित होनेवाले केंद्रों को सरकार पूरा सहयोग करेगी, उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा बच्चियों के कौशल को निखारने के लिए कृत संकल्पित है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप में हुनर होगा तो किसी का मोहताज होने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसी  सोच के साथ ही बच्चियों के  कौशल विकास के साथ सखी मंडल से जुड़ी महिलाओं को विभिन्न माध्यमों से आत्मनिर्भर बनाने का काम  सरकार कर रही है.
     

    शगुन सुतम सिलाई केंद्र से 600 महिलाओं को मिलेगा रोजगार


    मुख्यमंत्री ने हरिपुर पंचायत भवन में सिलाई केंद्र का उद्घाटन किया. यहां तीस सिलाई मशीनें फिलहाल लगाई गई हैं, जहां युवतियों को प्रशिक्षित किया जाएगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस सिलाई केंद्र के जरिए छह सौ महिलाओं को रोजगार मिलेगा. यहां से कोरोना पीरिएड में लगभग 80 हजार मास्क तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया  जा चुका है, जबकि फिलहाल हजारों स्कूली विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म तैयार करने का काम चल रहा है, सिलाई केंद्र में कार्य कर रही महिलाओं  से मुख्यमंत्री ने इस संबध में पूरी जानकारी भी  ली. 

    लाभुकों के बीच 51.50 लाख की राशि का वितरण


    मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 11 लाभुकों के बीच  51.50 लाख रुपए की राशि का वितरण किया. इसके अलावा मुख्यमंत्री सुकन्या योजना, जेएसपीएलएस की क्रेडिट लिंकेज योजना, केसीसी लोन योजना के कुछ लाभुकों को सांकेतिक रुप से  लाभ प्रदान किया. इसके  अलावा उन्होंने प्रतीक के रुप में कुछ लाभुकों को नए राशन कार्ड भी दिए.
     इस कार्यक्रम में विधायक स्टीफन मरांडी, बसंत सोरेन, डीआईजी , उपायुक्त राजेश्वरी बी, पुलिस अधीक्षक अंबर लकड़ा और विभिन्न सखी मंडलों की सैकड़ों महिलाएं मौजूद थीं ।

  • विफल सरकार लोकतंत्र की कर रही है अवहेलना: दीपक प्रकाश

    विधायक दल की बैठक में भाजपा दल के नेता को नहीं बुलाना दुर्भाग्यजनक

    उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  आगामी मानसून सत्र की दृष्टि से विधानसभा में हुए विधायक दल के नेताओं की बैठक में भाजपा को बुलावा नहीं दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता को बुलावा नहीं देना लोकतंत्र की हत्या है। पार्टी द्वारा वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी को विधिवत विधायक दल का नेता चुना गया है।  जिसकी सूचना विधानसभा अध्यक्ष को दे दी गयी है। सब कुछ विधानसभा अध्यक्ष के संज्ञान में है। बावजूद इसके बैठक में पार्टी के किसी  अन्य सदस्य को बुलाना सरकार की मंशा को उजागर करता है।

    भाजपा विधायक दल का नेता कौन होगा इसका फैसला सरकार नहीं कर सकती 

    दीपक प्रकाश ने कहा कि भाजपा विधायक दल का नेता कौन होगा यह भी अब सरकार के इशारे पर तय किया जा रहा है। जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। कहा सरकार अपने हिसाब से सदन को भी चलाना चाह रही है और विपक्ष को भी चलाना चाह रही है। 

    सवालों से बचने के लिए तीन दिन का छोटा सत्र 

      वहीं तीन दिन के सदन पर सवाल उठाते हुए दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार जनता के सवाल से भाग रही है। सरकार अपने असफलता से भाग रही है। कोरोना काल होने के बावजूद लोकसभा और राज्यसभा सुचारू रूप से चल रही है। जनता के सवालों पर चर्चा हो रही है। किंतु झारखंड विधानसभा का सत्र सिर्फ तीन दिनों का होना सरकार की मंशा पर सवाल उठाता है। छोटा सत्र होने से आम जनता की परेशानियां सदन तक नहीं लाया जा सकेगा जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
    उन्होंने कहा कि जनता की रक्षा करने वाले जवान आज खुले आसमान के नीचे आंदोलन करने को विवश हैं और सरकार दमनकारी बनी हुई है। 

  • लैंड म्यूटेशन बिल पर बोले रघुवर दास, कहा

    उज्ज्वल दुनिया /रांची । झारखंड लैंड म्यूटेशन बिल 2020 के संबंध में रघुवर दास ने कहा कि मंत्रिमंडल का काम है नीतियां बनाना और ब्यूरोक्रेसी का काम है, उसे लागू कराना। लेकिन इस सरकार में उल्टा हो रहा है। ब्यूरोक्रेट्स नीतियां बना रहे हैं और मंत्रिमंडल उसको लागू कर रहा है। 

    कैसे लोग हैं जिनसे अधिकारी बिना जानकारी दिए हस्ताक्षर करवा लेते हैं? 

    वर्तमान सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री कहते हैं कि उन्होंने कैबिनेट में आया संलेख पढ़ा ही नहीं और यह पास हो गया। इसी तरह जब हेमंत सोरेन जी पिछली बार मुख्यमंत्री बने थे और सीसैट को समाप्त किया था, तब भी उन्होंने विधानसभा में माना था कि अधिकारियों ने उनसे हस्ताक्षर करवा लिए थे। 

    झामुमो के बड़े नेता आदिवासी जमीन के सबसे बड़े लुटेरे, उनको बचाने के लिए लाया गया बिल

    रघुवर दास ने कहा कि यह बिल मेरे समय में भी राजस्व विभाग के द्वारा आया था, लेकिन इसमें आदिवासी मूलवासियों की जमीन लूटने का डर था, इस कारण दो-दो बार इसे वापस लौटा दिया गया था। झामुमो के बड़े-बड़े नेता, बिल्डर आदि ने गरीब आदिवासियों को जमीन को लूटने का काम किया था, अब अपनी जमीन को बचाने के लिए उस अधिकारी पर कोई कार्यवाही ना हो, यह बिल लाया गया है।