Author: ujjwalduniyapress

  • सहायक पुलिसकर्मियों के साथ अमानवीय व्यवहार कर रही है हेमंत सरकार – रघुवर दास

    उज्ज्वल दुनिया /रांची । नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासी-मूलवासी युवक-युवतियों को नक्सलियों के चंगुल से बचाने के लिए हमारी सरकार ने अनुबंध पर सहायक पुलिस की नियुक्ति शुरू की थी। तीन साल के अनुबंध के बाद नियमित बहाली करने का लक्ष्य था। इसके लिए समुचित प्रावधान भी किये गये। आदिवासी-मूलवासियों की हितैषी होने का दावा करनेवाली वर्तमान सरकार इन पर अत्याचार कर रही है। उक्त बातें पूर्व मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहीं। वे मोरहाबादी मैदान में आंदोलन कर रहे सहायक पुलिसकर्मियों से मुलाकात करने पहुंचे। 

    नक्सलवाद को काबू करने में सहायक पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही 

    रघुवर दास ने कहा कि कुछ वर्ष पहले लगातार खबरें आती थीं कि गरीबी से त्रस्त नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को डरा कर या बरगलाकर नक्सली अपने दस्ते में शामिल करते हैं। इसे देखते हुए सरकार ने फैसला किया कि इन क्षेत्रों के युवाओं को अनुबंध के आधार पर सहायक पुलिस में भर्ती किया जायेगा। तीन साल के बाद इनकी नियुक्ति नियमित रूप में कर ली जायेगी। इनकी नियुक्ति से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों को लगाम लगाने में काफी मदद मिली। इन्होंने काफी ईमानदारी से काम किया। कोरोना के दौरान भी इनका कार्य सराहनीय रहा। अब हेमंत सोरेन की सरकार ने इनकी नियुक्ति पर रोक लगा कर इनके साथ अन्याय किया है। यह अमानवीय व्यवहार है। सरकार को संवदेनशील होकर इनकी जायज मांगे माननी चाहिए। 

    हर साल पांच लाख लोगों को नौकरी देने के वादे का क्या हुआ? 

    रघुवर दास ने कहा कि झामुमो एक साल में पांच लाख नियुक्ति करने का वादा कर सत्ता में आयी। लेकिन अब उसे अपना वादा याद नहीं है। नयी नियुक्तियां तो दूर की बात है, हमारे समय रोजगार पाये लोग आज बेरोजगार हो रहे हैं। चाहे सहायक पुलिस हो या अन्य अनुबंधकर्मी। इसी प्रकार स्थानीय बच्चों को नौकरी देनेवाली कंपनियां झारखंड से अपना कारोबार समेट रही हैं। सरकार की नीतियों के कारण लोग बेरोजगार हो रहे है। मैं सरकार के मांग करता हूं कि इनकी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करें। जबतक प्रक्रिया चलती है, तब तक इनका अनुबंध विस्तार करे। सहायक पुलिस कर्मियों को आंदोलन करते चार दिन हो गये हैं, लेकिन अब तक न तो कोई मंत्री न ही अधिकारी इनकी समस्या सुनने आया है। उलटे इनपर एफआइआर की जा रही है, इनकी परिवार वालों को धमकाया जा रहा है। लोकतंत्र में इस प्रकार का दमन बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जिस सरकार ने आंदोलनकारी का चोला पहनकर जनता के सामने भाजपा सरकार की बदनामी की और सत्ता हासिल की। वही सरकार मुंह छिपाये घुम रही है। इन सहायक पुलिसकर्मियों के दर्द को दरकिनार कर अपनी जिम्मेवारी से भाग रही है सरकार। ये तपती धुप और कोरोना महामारी के बीच अपने घर से दूर छोटे-छोटे बच्चों को लेकर आंदोलन करने को बाध्य हैं। राज्य सरकार एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर इनकी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करे, वरना भाजपा आंदोलन करने को बाध्य होगी। श्री दास ने कहा कि बिहार से लौटने के बाद सहायक पुलिसकर्मियों के साथ वे भी एक दिन का सांकेतिक आंदोलन करेंगे। इस दौरान भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी संजय कुमार जायसवाल, जिला अध्यक्ष केके गुप्ता समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

  • हरिवंश एक बार फिर चुने गए राज्यसभा के उपसभापति

    उज्ज्वल दुनिया /नई दिल्ली। जदयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा के उपसभापति चुने गए। इस बात की घोषणा राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को जीत की बधाई दी। संसद में हरिवंश जी की निष्पक्ष भूमिका हमारे लोकतंत्र को मजबूत करती है
    पीएम मोदी ने कहा, हरिवंश जी का जितना सम्मान मैं करता हूं, सदन का हर सदस्य उनका उतना ही सम्मान करता है। उन्होंने यह सम्मान कमाया है। संसद में उनकी निष्पक्ष भूमिका हमारे लोकतंत्र को मजबूत करती है।

    हरिवंश जी के ऊपर जेपी का प्रभाव

    उन्होंने आगे कहा, हरिवंश जी जयप्रकाश नारायण (जेपी) के गांव से आते हैं। उनके ऊपर जेपी का प्रभाव है। शालीनता से पेश आना उनकी कला है। हरिवंश जी जमीन से जुड़े हैं। उनकी घुट्टी में संतोष ही सुख है। हरिवंश जी ने चार दशक तक पत्रकारिता की।सदन की कार्यवाही विषम परिस्थितियों में हो रहीइसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सदन की कार्यवाही विषम परिस्थितियों में हो रही है। ऐसे में यह कार्यवाही सही तरीके से चलती रहे, इसके लिए हमें सभापति और उपसभापति का सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि सदन में प्रोडक्टिविटी के साथ-साथ पॉजिटिविटी भी बढ़ी है।

    कोरोना महामारी के बीच हुई संसद के मानसून सत्र की शुरुआत

    कोरोना महामारी के बीच सोमवार से संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हो गई। पहले सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक लोकसभा की कार्यवाही हुई और अब राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई। राज्यसभा में उपसभापति के पद के लिए चुनाव में एनडीए प्रत्याशी जदयू सांसद हरिवंश जीते। उनके खिलाफ विपक्ष ने मनोज झा को मैदान में उतारा था। 

    हरिवंश के चयन का गुलाम नबी आजाद ने किया स्वागतएनडीए प्रत्याशी हरिवंश को राज्यसभा का उपसभापति चुने जाने पर कांग्रेस सासंद गुलाम नबी आजाद ने उन्हें शुभकामना दी है। आजाद ने कहा, यह दूसरी बार है जब वह (हरिवंश) सदन के उपसभापति चुने गए हैं। मैं उन्हें शुभकामना देता हूं। वह सभी दलों के सदस्यों के लिए निष्पक्ष रहे हैं।

  • रघुवर सरकार के दौरान पारा टीचर और पत्रकारों पर लाठीचार्ज मामले में दर्ज हुई गवाही

    उज्ज्वल दुनिया 
    रांची ।  केंद्रीय मानवाधिकार के निर्देश पर  झारखंड सरकार ने पत्रकारों पर पुलिस की ओर से की गई 15 नवंबर दो हजार अट्ठारह को लाठीचार्ज को लेकर कार्यवाही प्रारंभ की गई है रांची के प्रमंडलीय आयुक्त को इसकी जांच का जिम्मा मिला है  । मुखर संवाद के राजनीतिक संवाददाता अशोक कुमार गोप ने अपनी गवाही दी है 


    15 नवंबर 2018 को राज्य स्थापना दिवस के मौके पर पारा शिक्षकों को लाठीचार्ज के समय समाचार को कवरेज कर रहे पत्रकारों को बेरहमी से पीटा गया था जिसमें कई पत्रकारों को गंभीर रूप से चोटें आई थी और कई पत्रकार घायल हुए थे । अशोक कुमार को अपने केंद्रीय मानवाधिकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय को भी पत्रकारों के साथ इस बर्बर घटना  की शिकायत की गई थी ।  देर से ही सही लेकिन केंद्रीय मानवाधिकार के निर्देश पर प्रमंडलीय आयुक्त कमल जॉन लकरा ने सुनवाई प्रारंभ की जिसमें अशोक कुमार गोप ने अपनी गवाही देते हुए कहा है कि राज्य स्थापना दिवस के मौके पर दो हजार अट्ठारह में पारा शिक्षकों को लाठियों से पीटा जा रहा था । 

     उस खबर को कवर करने गए पत्रकारों के ऊपर भी पुलिस ने लाठियों और हथियारों के बट से गंभीर रूप से पिटाई की जिसमें कई पत्रकार घायल हो गए और कईयों को हॉस्पिटल भी भर्ती करना पड़ा । न्यायालय के समक्ष अशोक कुमार गोप ने अपनी गवाही देते हुए कहा है कि पुलिस की मंशा पारा शिक्षकों को पीटने के साथ ही इस खबर को मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित होने से रोकने की थी ।  इस कारण से पत्रकारों को खींच खींच कर पीटा गया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया । अशोक कुमार गोप ने इस घटना की वीडियो और फोटो भी न्यायालय को उपलब्ध कराई है जिससे यह स्पष्ट होता है कि घटना में पुलिस कर्मियों ने पत्रकारों को निशाना बनाने की मंशा से गंभीर रूप से लाठियों से पीटा । दरअसल पुलिस की ओर से या प्रयास किया गया कि पत्रकार अपने सामाजिक और कर्तव्य का निर्वाह न कर सके और यह खबर झारखंड सहित पूरे देश की जनता के बीच प्रचारित और प्रसारित न हो सके ।


     मानवाधिकार आयोग की ओर से कई ऐसे मसले आए हैं जिसमें पुलिस के अधिकारियों को दंडित किया गया है और पीड़ितों को मुआवजे की राशि देने की भी प्रावधान किया गया है जो भी पीड़ित व्यक्ति हैं वह कल यानी 15 सितंबर को अपनी गवाही प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालय के समक्ष  प्रस्तुत कर सकते हैं अशोक कुमार गोप ने इस घटना के कई अहम सबूत और दस्तावेज भी न्यायालय को उपलब्ध कराएं हैं जिससे यह साबित हो जाएगा की घटना के दिन पुलिस की मंशा सही नहीं थी और पत्रकारों को काफी नुकसान पहुंचाया गया ।

  • किसानों के लिए ‘काला कानून’ है मोदी सरकार द्वारा लाए जा रहे अध्यादेश: कांग्रेस

    उज्ज्वल दुनिया /रांची: मोदी सरकार द्वारा संसद के मॉनसून सत्र में प्रख्यापित किये गए 11 अध्यादेशों में चार अध्यादेश किसान विरोधी हैं। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ राकेश किरण महतो ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा लाये जा रहे ये अध्यादेश किसानों के हित में नहीं हैं। इसीलिए कांग्रेस पार्टी इनका पुरजोर विरोध करेगी। 

    कॉर्पोरेट फारर्मिंग से निजी कंपनियों को फायदा 

    ज्ञात हो की इन अध्यादेशों का किसान संगठन भी विरोध कर रहे हैं। देश में जितने भी कृषि आधारित राज्य हैं जैसे – पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड आदि उनके राजस्व पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। इन अध्यादेशों के माध्यम से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और कॉरपोरेट फार्मिंग का जो प्रावधान किया जा रहा है उनसे सिर्फ निजी कंपनियों को फायदा हो सकता है। पिछले 50 सालों में हमारे देश में जो एमएसपी और न्यूनतम समर्थन मूल्य की जो प्रणाली थी उसको खत्म किया जा रहा है। पब्लिक प्रोक्योरमेंट और एफसीआई जो  सार्वजनिक वितरण के लिए अनाज खरीदती है उसको भी खत्म किया जा रहा है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात तो यह है कि केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाने से पूर्व राज्य सरकारों से विचार- विमर्श करना भी मुनासिब नहीं समझा, जबकि संविधान के अनुसार कृषि  राज्यों की सूची में आती है।

    अपने ही खेतों में ठेके पर काम करेंगे किसान

    अब यह सरकार खेती हड़पने के लिए तीन काले कानून लेकर आई है। खेत-खलिहान को पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने का घिनौना षड्यंत्र कर रही है भाजपा। मोदी सरकार कृषि को गुलामी की जंजीरों में जकड़ने का षड्यंत्र रच रही है। यह खेत-खलिहान और अनाज-मंडियों पर अध्यादेशों के माध्यम से क्रूर प्रहार किया गया है। यह काले कानून देश में करोड़ों खेती और करोड़ों आढ़तियों को खत्म करने की साजिश के दस्तावेज हैं। खेती और किसानी को मुट्ठी भर पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने का सोचा-समझा षड्यंत्र है। अब यह साफ है कि मोदी सरकार अपने पूंजीपति मित्रों के जरिए ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ बना रही है जो अन्नदाता किसान व मजदूर की मेहनत को मुट्ठी भर पूंजीपतियों की जंजीरों में जकड़ना चाहती है।

     50 फीसदी मुनाफे का सपना दिखाकर किसानों को  कंपनियों का गुलाम बनाना चाहती है मोदी सरकार 

    किसान को लागत के अतिरिक्त 50 फीसदी मुनाफा का सपना दिखाकर सत्ता में आए मोदी जी ने तीनों अध्यादेश के माध्यम से देश में खेती के खात्मे का पूरा उपन्यास ही लिख दिया है। अन्नदाता किसान के वोट से जन्मी मोदी सरकार आज किसानों के लिए भस्मासुर साबित हो रही है। इसीलिए हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश आदि सभी राज्यों में इसके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी और ‘हरित क्रांति’ को हराने की भाजपा की साजिश को कभी कामयाब नहीं होने देगी।

    अब सभी सहकारी बैंक भी आरबीआई के अधीन

    भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा इसी सत्र में एक और अध्यादेश लाया गया है बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट में संशोधन करने का,वह भी त्रुटिपूर्ण है। इस बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के तहत सारे सहकारी बैंक (कोऑपरेटिव बैंक) जिस पर आज राज्य सरकारों का रेगुलेशन चलता है, वे सारे बैंकों का रेगुलेशन अब आरबीआई करेगा। और जो कोऑपरेटिव बैंक की सदस्यता है, उसमें भी बदलाव लाया जा रहा है ताकि जो किसान नहीं हैं, जो कोऑपरेटिव के मेंबर नहीं है, उनको भी इन बैंकों में शेयर मिले। यह संविधान के खिलाफ है और राज्यों के खिलाफ है।

  • रांची में पत्रकार के साथ मारपीट करने वाले ASI को SSP ने किया सस्पेंड

    रांची: पत्रकार आनंद दत्ता के साथ रांची में मारपीट करने के मामले में एसआई मोहन महतो को एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने रविवार को सस्पेंड कर दिया है। मारपीट को लेकर एसएसपी ने सिटी डीएसपी अमित कुमार सिंह को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। जांच में एएसआई दोषी पाए गए।

    इसके बाद एसएसपी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। उल्लेखनीय है कि शनिवार को पत्नी के साथ मोरहाबादी मैदान के समीप लगे बाजार में पत्रकार आनंद दत्ता की पुलिसकर्मी ने पिटाई की थी। इस संबंध में आनंद दत्ता ने लालपुर थाने में यह साई के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी।
    आवेदन में बताया गया था कि शनिवार की शाम में पत्नी के साथ सब्जी खरीदने मोराबादी गए थे। उन्होंने देखा कि एएसआई दो महिलाओं से पूछताछ कर रहे हैं। सामने आनंद को देख एएसआई ने पूछा कि यहां क्या कर रहे हो।

    उसने कहा कि सब्जी लेने आया हूं। इस पर एएसआई ने ने कहा कि थैला कहां है। उसने कहा कि थैला पत्नी के पास है। वह आगे बढ़ गई है।

    इस पर एएसआई ने तबातोड़ चार थप्पड़ आनंद को मार दिया। फिर कॉलर पकड़कर पीसीआर में बैठा दिया और मोरहाबादी टीओपी ले गए ।वहां भी मारपीट की। पुलिस कर्मी ने आनंद को पॉकेट मार कहकर प्रताड़ित किया। जब पत्रकारों को सूचना मिली पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया।

    आनंद को छोड़ा गया। प्रेस क्लब रांची के प्रतिनिधियों ने एसएसपी से एसआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस कर्मी के द्वारा पत्रकार आनंद की पिटाई पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर रांची पुलिस को आदेश देते हुए कहा कि मामले की जांच कर दोषियों पर शीघ्र कार्यवाही करें।

    डीजीपी एमवी राव ने भी मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने का आदेश एसएसपी को दिया है।

  • लालू प्रसाद से मुलाकात के बाद राजनीतिक बयान देकर मुख्यमंत्री ने जेल मैनुअल का उल्लंघन किया

    उज्ज्वल दुनिया /रांची । भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लालू प्रसाद के साथ 1 घंटे 40 मिनट तक मुलाकात किया। प्रतुल ने कहा कि जेल आईजी ने अपने 31 अगस्त के लिखे पत्र में स्पष्ट किया था कि मुलाकातियों के द्वारा कोई भी राजनीतिक बयानबाजी करना जेल मैनुअल का उल्लंघन है। बंगला से बाहर निकल कर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में राजद और झामुमो साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। यह पूर्णतः जेल आईजी के लिखे पत्र और जेल मैनुअल का उल्लंघन है। प्रतुल ने कहा की मुख्यमंत्री की यह दलील गले से नीचे नही उतर रही की वो 1 घंटे 40 मिनट तक सिर्फ लालू प्रसाद का हाल चाल लेते रहे और कोई राजनीतिक बातचीत नहीं हुई।


    प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा शुरू से कह रही है की सभी कायदे कानूनों की धज्जियां उड़ा कर लालू प्रसाद को बंगला आवंटित किया गया है। यहां से चुनावी कार्य का संचालन हो रहा है।अफसोस की बात है कि भाजपा के द्वारा अनेक बार मांग करने के बावजूद भी बंगला में सीसीटीवी लगाकर उसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग नहीं की जा  रही है।दिन में आने जाने वाले लोग पर मीडिया नजर रख सकती है।लेकिन मध्य रात्रि को कोई भी बेरोक टोक आ जा सकता है। इस पर अविलम्ब नकेल कसने की आवश्यकता है।

  • सहायक पुलिसकर्मियों के समर्थन में उतरे बाबूलाल मरांडी

    सहायक पुलिसकर्मियों पर डंडा बरसाने वाले अधिकारियों पर हो कार्रवाई- बाबूलाल  


    उज्ज्वल दुनिया /रांची । भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने अपनी मांगों को लेकर मोराबादी में डटे सहायक पुलिसकर्मियों से मुलाकात की। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मियों ने जैसा बतलाया तो हमें लगा कि कोई भी सरकार इतनी अमानवीय कैसे हो सकती है ? लोकतंत्र में किसी को भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का हक है। आंदोलन के लिए ये लोग जब रांची आ रहे थे। तब रास्ते में इनके साथ जैसा सलूक किया गया, वह जांच का विषय है। आंदोलन में महिलाएं भी शामिल हैं । महिलाओं के साथ उनके छोटे छोटे बच्चें भी साथ में हैं परंतु इनकी भी परवाह नहीं की गई। रास्ते में इन्हें रोका गया । इन्हें वाहन से उतार दिया गया। 70-80 किमी की दूरी पैदल तय कर ये यहां पहुंचे हैं। सरकार को जांच करानी चाहिए कि किन अधिकारियों ने ऐसा कृत्य किया है। उन्हें सजा मिलनी चाहिए। इनकी मांगें जायज है। इन पर डंडा बरसाना, कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है। सरकार को इनसे बात करनी चाहिए।

  • झारखंड लैंड म्यूटेशन बिल वापस ले हेमंत सरकार: बाबूलाल मरांडी

    काला कानून के खिलाफ सड़क से सदन तक विरोध करेगी भाजपा


    उज्ज्वल दुनिया /रांची  झारखंड लैंड म्यूटेशन बिल 2020 को राज्य विरोधी बिल बताते हुए भाजपा विधायक दल के नेता व पूर्व मुख्य मंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि सरकार ने चुपके चुपके झारखंड लैंड म्युटेशन बिल कैबिनेट से पास करा कर झारखंड की जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने इस बिल को काला कानून होने की संज्ञा देते हुए कहा कि सरकार भू माफियाओं के लिए यह बिल लेकर आ रही है। उन्होंने आशंका जताया है कि विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार इस बिल को पास करा कर कानून बनाने का प्रयास करेगी। जो राज्य के लिए दुर्भाग्यजनक होगा। उन्होंने कहा कि इस बिल के सेक्शन 22 में निर्धारित किया गया है कि म्यूटेशन में किसी भी तरह की फर्जीवाड़ा होने की स्थिति में पदाधिकारी के खिलाफ ना ही सिविल और ना ही क्रिमिनल किसी तरह का केस नही  बनेगा।

    भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के लिए लाया जा रहा है लैंड म्यूटेशन बिल 


    बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह कानून भू माफिया के लिए और भू माफियाओं द्वारा सरकारी पदाधिकारी के संरक्षण के लिए लाया जा रहा है। सरकार भू माफियाओं से घिरी हुई है। यह सरकार जनता के लिए काम करने के बजाए भू माफियाओं को खुश करने में लगी है।


    फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों को नहीं मिल सकेगी सजा 

     बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में गैरमजरूआ और सरकारी जमीन का भी फर्जीवाड़ा हो रहा है। फर्जी तरीके से म्यूटेशन हो रहा है। ऐसे गैरमजरूआ जमीन सरकारी पदाधिकारी और जमीन के दलाल मिलकर बेच रहे हैं। ऐसे सैकड़ों मामले आने के बाद अफसरों पर कार्रवाई करने हेतु मैंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखा था। किंतु सरकार ने पदाधिकारियों के प्रोटेक्शन के लिए ही कानून बनाने को लेकर बेताब दिख रही है। कहा कि सरकार म्यूटेशन में फर्जीवाड़ा होने की स्थिति में जेल भेजे जाने का कड़ा कानून बनाने के बजाय पदाधिकारियों के प्रोटेक्शन में बिल लाया जा रहा है।यह कानून राज्य के हित में नहीं होगा। 


    बाबूलाल मरांडी ने कहा कि  इस कानून के पारित होने पर गरीब अपने जमीन से हाथ धो बैठेंगे। सरकार दलाल और पदाधिकारियों से मिलकर गरीबों की जमीन बेच देगी। उन्होंने सरकार से इस जनविरोधी कानून को वापस लेने की मांग की।

  • शाह दोबारा एम्स में हुए भर्ती

    नई दिल्ली । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को शनिवार रात करीब 11 बजे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) एम्स में भर्ती कराया गया है। कोरोना से उबरने के बाद उन्हें स्वास्थ्य सम्बंधी दिक्कतों का कारण दोबारा एम्स में भर्ती किया गया है।


    शाह बीते माह अगस्त में भी कोरोना बीमारी के बाद देखभाल के लिए (पोस्ट कोविड केयर) एम्स में भर्ती हुए थे। इसके 12 दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। हालांकि उनको दोबारा किस लिए भर्ती कराया गया है कि इस संबंध में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।


    उल्लेखनीय है कि गृहमंत्री अमित शाह पिछले दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए थे। मेदांता अस्पताल में इलाज के बाद थकान और शरीर में दर्द की शिकायत के कारण उन्हें एम्स में भर्ती किया गया था। अमित शाह का इलाज एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की अगुवाई वाली टीम की देखरेख में चला था। 


    55 वर्षीय शाह ने दो अगस्त को ट्विटर के माध्यम से देश को बताया था कि वह कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोरोना से उबरने के बाद उन्हें यहां से छुट्टी दी गई।

  • चीन से तनातनी के बीच उत्तरकाशी में चिन्यालीसौड़ से अग्रिम चौकियों में सैन्य हलचल तेज

    उत्तरकाशी (हि.स.)। चीन से तनातनी के बीच जिले में सैन्य हलचल बढ़ गई है। उत्तरकाशी जिला चीन और तिब्बत की सीमा से सटा है। चिन्यालीसौड़ से सीमा की अग्रिम चौकियों तक आईटीबीपी और सेना ने चौकसी बढ़ा दी है। चिन्याली हेलीपैड में भी सेना की हलचल बढ़ गई है। सीमांत उत्तरकाशी जिले में नेलांग सीमा की अंतिम चौकियों पर सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आइटीबीपी) के जवानों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

    हालांकि, आईटीबीपी की उप महानिरीक्षक अपर्णा कुमार का कहना है कि उत्तराखंड से लगी सीमा पर हाई अलर्ट तो है, पर गतिरोध जैसी कोई बात नहीं है। जो हिमवीर कोरोना पॉजिटिव हुए थे, उन्हें भी स्वस्थ होने के बाद सीमा पर भेजा जा रहा है। स्थानीय लोगों का सेना के साथ अच्छा तालमेल है। सूत्रों के मुताबिक रविवार को 150 जवानों की टुकड़ी बॉर्डर के लिए रवाना हुई है।  उत्तराखंड की चीन सीमा पर सुरक्षा को लेकर वायु सेना भी अलर्ट है।

    चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर सेना की गतिविधि बढ़ गई है। सीमा की ओर जाने वाले जवानों का अहम पड़ाव चिन्यालीसौड़ है। यहां सेना के जवानों की आवाजाही दो दिन से बढ़ गई है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ की करीब 345 किलोमीटर सीमा चीन से सटी है। यह बेहद संवेदनशील सीमा है। यहां की चौकसी बेहद जरूरी है। इसमें से 122 किलोमीटर हिस्सा उत्तरकाशी जिले में पड़ता है। उधर, नीलांग घाटी में सेना की नई टुकडियां पहुंच गई हैं। वायुसेना के जंगी विमान भी गस्त लगा रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत-चीन के बीच बढ़ते तनाव के बाद उत्तराखंड के सीमांत इलाकों में वायुसेना अलर्ट पर है। उत्तरकाशी जिले की 122 किलोमीटर सीमा पर आईटीबीपी के जवान मोर्चा संभाले हैं। पिछले दो दिन से सुबह के वक्त वायुसेना के हेलीकॉप्टर सीमा का जायजा ले रहे हैं।