Author: ujjwalduniyapress

  • सरना धर्म कोड की मांग को लेकर आदिवासी संगठन सड़क पर उतरे

    राजधानी समेत अन्य जिलों में मानव श्रृंखला बनायी गयी

    रांची: जनगणना में सरना धर्म कोड की व्यवस्था करने की मांग को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा रविवार को राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में मानव श्रृंखला बनाई गई है। राजधानी रांची में भी बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया।


    इसके अलावा रांची के ओरमांझी में विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा एनएच-33 फोरलेन पर सरना धर्मकोड की मांग को लेकर मानव श्रृंखला बनाई गई है। झारखंड समेत देशभर के आदिवासी समाज के लोगों द्वारा अरसे से सरना धर्मकोड लागू करने की मांग की जा रही है। झारखंड में सरना धर्म कोड की मांग तेज हो गई है।


    झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले आदिवासी संगठनों द्वारा जोर-शोर से आवाज उठाई गयी और लोगों से एकजुट होने की अपील की गयी। शहर के विभिन्न हिस्सों में रविवार को बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने सड़क पर उतर कर अपनी आवाज बुलंद की।
    राजधानी एवं आसपास के प्रमुख चौक-चौराहों पर मानव श्रृंखला बनाई है। रांची के बिरसा चौक से लेकर जगरनाथपुर मंदिर मोड़ तक विभिन्न आदिवासी संगठनों ने सरना धर्मकोड की मांग को लेकर मानव श्रृंखला बनाई है। मानव श्रृंखला में कई सामाजिक संगठन के लोग शामिल हैं। बिरसा चौक नगरा टोली, अलबर्ट एक्का चौक, आदि स्थानों पर 11 बजे के बाद से ही लोग जुटने लगे थे। हजारों महिला-पुरुष इसमें शामिल हुए।ओरमांझी में जुलूस निकालकर सरकार से अलग धर्म कोड देने की मांग की। बच्चे, बूढ़े, नौजवान अपने हाथों में झंडा, पोस्टर-बैनर, तख्ती लेकर विभिन्न मोहल्लों से गुजर रहे हैं। केंद्रीय सरना समिति के सदस्य बिरसा चौक पर सरना धर्म कोड को लागू करने की मांग को लेकर मानव श्रृंखला में शामिल हैं।


    लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा समेत अन्य जिलों में भी आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी चिर परिचित मांग सरना धर्म कॉलम की मांग को लेकर मानव श्रृंखला बनाया। मानव श्रृंखला में लोहरदगा जुरिया गांव के प्रबुद्ध जन के साथ-साथ बच्चे महिलाएं भी शामिल हुई। एक स्वर में कहा हमारी मांगे पूरी करनी होगी।


    लोगों ने बताया कि आज तक उन्हें छला जाता रहा है। लोगों ने सरना कोड के नाम पर गंदी राजनीति की लेकिन अब और नहीं। हम सब अपना अधिकार लेके रहेंगे। मानव श्रृंखला में बडी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल थे।

  • अभिनेत्री पायल घोष अगर शिकायत करें, तो राष्ट्रीय महिला आयोग करेगा कार्रवाई

    आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, पायल घोष को मिलेगी हर संभव मदद-

    अभिनेत्री पायल घोष ने अनुराग कश्यप पर लगाया यौन शोषण का आरोप 

    नई दिल्ली । अभिनेत्री पायल घोष ने निर्देशक और अभिनेता अनुराग कश्यप पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। इस बारे में अभिनेत्री पायल घोष ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कार्रवाई करने की मांग की है। इस ट्वीट का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने अभिनेत्री को विस्तृत शिकायत देने को कहा है। रेखा शर्मा ने कहा कि ये एक चौकाने वाली बात है। अभिनेत्री अगर विस्तृत शिकायत करती हैं तो वे इस पर कार्रवाई करेंगी और पुलिस को भी इसकी जांच के लिए निर्देश जारी करेंगी। उन्होंने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि महिला आयोग अभिनेत्री पायल घोष के साथ है।

    अभिनेत्री पायल घोष ने अनुराग कश्यप को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा है, ‘अनुराग कश्यप ने मेरे साथ जबरदस्ती की। नरेंद्र मोदी जी आपसे अनुरोध है कि इनके खिलाफ कार्रवाई कीजिए ताकि देश को पता चले कि हकीकत क्या है। मुझे पता है कि ये कहना मेरे लिए नुकसानदेह है और मेरी सुरक्षा खतरे में है। कृपया मदद कीजिए।’ पायल ने आरोप लगाया है कि साल 2015 में अनुराग कश्यप ने उनका यौन शोषण किया था।

  • ​अब ​​अंतरिक्ष में होगी​ ​भारत ​की चौथी सेना​

    ​बेंगलुरु में ​बनेगी ​अंतरिक्ष युद्ध एजेंसी​, ​​आसमान में ​​होगी ‘अंतरिक्ष कमान​’
    भारत ने पिछले साल ​​की थी ‘रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी‘ के निर्माण की घोषणा


    नई दिल्ली । जमीन से लेकर आसमान और समुद्री सीमाओं के बाद अब भारत ने युद्ध की तैयारियों के लिहाज से अंतरिक्ष में भी खुद को मजबूत करना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी तक दुनिया के चार देशों ने ही अंतरिक्ष में अपनी सैन्य शक्तियों को बढ़ाया है जिसमें अमेरिका, रूस और चीन के साथ भारत भी शामिल है। भारत ने चीन से मुकाबला करने के लिए अंतरिक्ष से संचालित होने वाली ‘चौथी सेना’ के लिए एक मजबूत कमांड बनाने के लिए जमीनी कार्य शुरू कर दिया है। बेंगलुरु में बनने वाली अंतरिक्ष युद्ध एजेंसी की निगरानी में इस चौथी सेना की कमान अंतरिक्ष में होगी, जो भारत के अंतरिक्ष आधारित रणनीतिक गियर की देखरेख और देखभाल करेगी। भारत ने पिछले साल ही रक्षा मंत्रालय के एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय के तहत एक विशिष्ट ‘रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी‘ के निर्माण की घोषणा की थी।

    पिछले साल भारत ने ‘मिशन शक्ति’ का सफलता के साथ प्रदर्शन करके अपनी सैन्य और तकनीकी योग्यता दिखाई है। आज दुनिया भर के आतंकवादी अंतरिक्ष में तैनात संचार प्रणालियों, टोही और निगरानी प्रणालियों पर बहुत अधिक निर्भर हैं। मौजूदा समय में युद्ध क्षेत्र की पारदर्शिता के कारण सैन्य बलों के लिए अंतरिक्ष जनित सेंसर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे युद्ध परिदृश्य की बेहतर स्थितिजन्य और खुफिया जानकारियां मिलती हैं। इसीलिए अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों में सैन्य संचार, इलेक्ट्रॉनिक खुफिया और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल के साथ-साथ रडार उपग्रहों सहित अंतरिक्ष जनित सेंसर बड़े पैमाने पर हैं। अकेले चीनी सेना दर्जनों जासूसी श्रेणी के सेंसरों का संचालन करती है, जिसमें हुंजिंग और योगान श्रृंखला के उपग्रह शामिल हैं।

    भारतीय सेना ने पहले अंतरिक्ष में अपनी तैयारियों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था लेकिन इधर कुछ वर्षों में अंतरिक्ष बजट बढ़ाने के साथ ही भारत ने भी अपनी अंतरिक्ष आधारित क्षमताओं में पर्याप्त प्रगति की है। भारत ने स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली विकसित की है जिसका लाभ वर्तमान में भारतीय रक्षा बलों को मिल रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) समय-समय पर नई पीढ़ी के अंतरिक्ष जनित डिटेक्टरों का विकास और प्रक्षेपण कर रहा है। इसी क्रम में इसरो ने भारतीय सेना के लिए कई उच्च तकनीकी सैन्य संचार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक और उपग्रहों को लॉन्च किया है। भारतीय सेना अपने हवाई, समुद्री और भूमि आधारित अभियानों में एक दर्जन से अधिक अंतरिक्ष जनित गियरों का उपयोग करने में सक्षम हुई है।

    इसरो ने सशस्त्र बलों की उपग्रह आधारित संचार और नेटवर्क केंद्रित ताकत बढ़ाने के लिए जीएसएटी-7 और जीएसएटी-7ए को पृथ्वी की कक्षा में रखा है। मल्टी बैंड जीसैट-7 को रुक्मिणी के रूप में भी जाना जाता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से भारतीय नौसेना करती है। यह पहला ऐसा सैन्य संचार उपग्रह है, जो समुद्री जहाजों और वायुयानों के बीच सटीक वास्तविक समय की जानकारी प्रसारित करता है। नई पीढ़ी के जीसैट-7ए की सहायता से भारतीय वायु सेना अपने हवाई बेड़े, एयरबेस, रडार स्टेशनों के साथ-साथ अवाक्स नेटवर्क को संचालित करती है। इसके अलावा यह भारतीय सेना को भूमि आधारित संचालन के लिए पर्याप्त ट्रांसमिशन तंत्र से लैस करता है। इसके अलावा एक अधिक शक्तिशाली जीसैट-7R वर्ष के अंत तक अंतरिक्ष में भेजा जाना है जो जीसैट-7 को निष्क्रिय कर देगा। 

    भारतीय सेना भी निगरानी के लिहाज से अंतरिक्ष के कार्टोसैट और रिसैट श्रृंखला पर बहुत अधिक निर्भर हैं। इसरो ने इनमें से एक दर्जन से अधिक अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की कक्षा में डाल दिया है। नौ लॉन्च किए गए कार्टोसैट उपग्रहों में नवीनतम तीसरी पीढ़ी का कार्टोसैट-3 अंतरिक्ष में भारत का सबसे शक्तिशाली इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पर्यवेक्षक है। यह अत्यधिक फुर्तीला उपग्रह है जो उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले पंचक्रोमाटिक पेलोड से लैस है। इसके जरिये 0.25 मीटर ग्राउंड रिज़ॉल्यूशन की तस्वीरें मिलती हैं जो मौजूदा समय में भारतीय सेना द्वारा संचालित किसी भी रक्षा उपग्रह से बेहतर है। इसरो के नवीनतम लॉन्च रिसैट-2बीआर1 और रिसैट-2बी रडार इमेजिंग जासूस उपग्रह हैं जो रडार का उपयोग करके भारत की भूमि सीमाओं के साथ-साथ सभी मौसमों में समुद्री सीमाओं की 24 घंटे निगरानी करते हैं।

  • कृषि सुधार विधेयक से किसान होंगे सशक्त: पीएम मोदी

    राज्यसभा में कृषि विधेयक पारित होने पर प्रधानमंत्री ने किसानों को दी बधाई 

    नई दिल्ली (हि.स.)। देश में कृषि सुधार के लिए दो महत्वपूर्ण विधेयक, कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 रविवार को राज्यसभा में पारित कर दिया गया। इस पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि भारत के कृषि इतिहास में आज एक बड़ा दिन है। संसद में अहम विधेयकों के पारित होने पर अपने परिश्रमी अन्नदाताओं को बधाई देता हूं। यह न केवल कृषि क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन लाएगा, बल्कि इससे करोड़ों किसान सशक्त होंगे। 

    उन्होंने कहा कि दशकों तक हमारे किसान भाई-बहन कई प्रकार के बंधनों में जकड़े हुए थे और उन्हें बिचौलियों का सामना करना पड़ता था। संसद में पारित विधेयकों से अन्नदाताओं को इन सबसे आजादी मिली है। इससे किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों को बल मिलेगा और उनकी समृद्धि सुनिश्चित होगी। हमारे कृषि क्षेत्र को आधुनिकतम तकनीक की तत्काल जरूरत है, क्योंकि इससे मेहनतकश किसानों को मदद मिलेगी। अब इन बिलों के पास होने से हमारे किसानों की पहुंच भविष्य की टेक्नोलॉजी तक आसान होगी। इससे न केवल उपज बढ़ेगी, बल्कि बेहतर परिणाम सामने आएंगे। यह एक स्वागत योग्य कदम है। 

    विपक्ष के सवालों पर उन्होंने कहा कि मैं पहले भी कह चुका हूं और एक बार फिर कहता हूं कि एमएसपी  की व्यवस्था जारी रहेगी। सरकारी खरीद जारी रहेगी। हम यहां अपने किसानों की सेवा के लिए हैं। हम अन्नदाताओं की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे और उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करेंगे। 

  • राज्यसभा के उप

    विधेयक पारित होने के विरोध में विपक्षी दलों के 12 सांसद सदन में ही धरने पर बैठे

    नई दिल्ली । संसद में मानसूत्र के सातवें दिन आज रविवार को विपक्ष के हंगामे के बीच कृषि संबंधी दो विधेयक राज्यसभा से पास हो गए। दोनों विधेयक ‘कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020’ तथा ‘कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020’ उच्च सदन में ध्वनिमत से पास हुए। इसे लेकर विपक्षी सांसदों ने विरोध जताया और उप-सभापति हरिवंश पर नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया। यहीं नहीं विपक्षी दलों के 12 सांसद सदन में ही धरने पर बैठ गए हैं।

    दरअसल, कृषि विधेयकों पर चर्चा के बाद जब कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर जवाब दे रहे थे तो विपक्षी दलों के सांसदों ने जोरदार हंगामा किया और विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। इसी दौरान उपसभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही को निर्धारित समय दोपहर एक बजे के बाद भी चलाने का फैसला किया जिसके बाद विपक्ष के तमाम विरोधों के बावजूद दोनों विधेयक पारित हो गए। इसी बात को लेकर विपक्षी सांसद उपसभापति पर पक्षपात करने तथा सदन के सारे नियम तोड़ने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आये। इतना ही नहीं विपक्षी दलों के 12 सांसद सदन में ही धरने पर बैठ गए हैं।

    अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस सांसद अहमद पटेल ने कहा कि आज का यह दिन इतिहास में ‘काले दिन’ के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ये बिल पारित किए गए हैं, वह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ और लोकतंत्र की हत्या के रूप में जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के उपसभापति के फैसलों को लेकर ही 12 विपक्षी दल उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाये हैं।

    कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश को लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए लेकिन वो खुद सदन के नियमों को तोड़ते हैं। आज के उनके रवैये ने लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचाया है। उनके इस पक्षपातपूर्ण व्यवहार ने ही विपक्ष को ‘अविश्वास प्रस्ताव’ लाने की दहलीज पर खड़ा किया है।

    तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि आज जो हुआ वह लोकतंत्र की हत्या है। विपक्ष के विरोध को साइडलाइन करने के साथ आम लोगों तक हमारा विरोध न पहुंचे, इसलिए राज्यसभा टीवी की फीड तक काट दी गई। सदन के नियमों को ताख पर रखकर विधेयकों पास कराए जा रहे हैं, यह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ की बात है।

  • केईआई कंपनी को 60 करोड़ रुपये के भुगतान की जांच हो

    उज्ज्वल दुनिया /रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डा राजेश गुप्ता छोटू ने बिजली विभाग और केईआई कंपनी की लापरवाही से पिछले 24 घंटे में देवघर और रांची के ओरमांझी में अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों को मुआवजा देने और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है । 

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक दूबे,किशोर शाहदेव, राजेश गुप्ता ने कहा कि कोरोना काल में राज्य सरकार की ओर से पिछले छह महीने से अधिक समय से ट्रेजरी से  छोटे-छोटे हजारों संवेदकों के बकाया भुगतान पर रोक लगा दी गयी है, लेकिन इस रोक के बावजूद केईआई कंपनी को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किस तरह से कर दिया जाता है, यह भी जांच विषय है। 

    उन्होंने कहा कि अरबों रुपये की लागत से केबुल बिछाने का काम किया जा रहा है, जिस तरह से पूरे शहर में जगह-जगह गड्ढे खोद कर छोड़ दिये गये है और उसमें बिजली प्रवाहित हो रही है, वह लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। उन्होंने इन सारी गड़बड़ियों के लिए पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में ही केबुल बिछाने के लिए बहार की एक असक्षम कंपनी को ठेका दिया गया और उनके कार्यकाल में ही पदस्थापित कुछ अधिकारियों और अभियंताओं द्वारा ही अब इन्हें संरक्षण दिया जा रहा है ।

  • झोलाछाप डॉक्टर के गलत ईलाज के कारण महिला की मौत

    नितेश जायसवाल / उज्ज्वल दुनिया /लातेहार । हेरहंज थाना अंतर्गत इचाक ग्राम में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के कारण महिला की हुई मौत। ग्रामीणों ने बताया कि महिला का इलाज  झोलाछाप डॉक्टर सुमित यादव के द्वारा किया जा रहा था । रीता देवी का इलाज लगभग 15 -20  दिनों से वही झोला छाप डॉक्टर कर रहा था । इसी ईलाज के कारण रीता देवी की मौत हो गई जिसके बाद परिजनों के द्वारा इस मामले में लेन देन करके दबाने का प्रयास किया जा रहा हैं। 

    लातेहार जिले में झोला छाप डॉक्टरोंकी भरमार 

    बताते चलें कि हेरहंज प्रखण्ड में कई ऐसे झोलाछाप डॉक्टर हैं जिनके पास कोई भी कागज न होते हुए भी खुलेआम फर्जी क्लीनिक में दवा रख कर चला रहे हैं और कई ऐसे झोलाछाप डॉक्टर हैं जो बाइक में बैग टांगकर कर ग्रामीण इलाकों में घूम कर इलाज करते हैं।जिससे आये दिन लोगों की मौत होते रहती हैं।

    इसके पहले भी हेरहंज प्रखण्ड में ऐसा ही मामला आया था जिसके बाद  विक्रम शर्मा का क्लीनिक सील करने का आदेश मिला था लेकिन स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से सिर्फ कुछ दिन क्लीनिक बन्द होने के बाद विक्रम शर्मा हेरहंज प्रखण्ड में क्लीनिक व इलाज करते नजर आ रहे हैं। यही नही बहुत ऐसे भी झोला झाप डॉक्टर हैं जो पारा शिक्षक भी हैं घर से स्कुल के नाम पर निकलते हैं और विद्यालय के आस-पास ग्रामीण इलाकों में अपना निजी प्रेक्टिस भी करते नजर आते हैं। प्रखण्ड क्षेत्र में ऐसे दर्जनों की संख्या में झोलाछाप व फर्जी डॉक्टर क्लिनिक व ग्रामीण क्षेत्र व देहातों में घूमकर इलाज करते नजर आ रहे हैं। इलाज करते हैं और मनमाना वसूली भी करते हैं। अगर किसी गरीब बीमार पड़ जाए तो उसे भहला फुसला कर रखते हैं की हम ठीक कर देंगें ठीक होने के बाद बकरी मुर्गा लेकर पैसा लूट लेते हैं।

    क्या कहते हैं सीएस ?

    लातेहार सीएस से पूछे जाने पर उन्होंने बतायाइस मामले में सीएस सन्तोष कुमार श्रीवास्तव से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि लातेहार सीएस का तबादला हो जाने के बाद मुझे सीएस का पदभार मिला था लेकिन कोरोना के कारण अब तक पूरी तरह से पदभार नहीं लिए हैं अगर क्षेत्र में अवैध क्लीनिक चला रहे हैं या  व झोलाछाप डॉक्टर ईलाज कर रहे हैं तो इनलोंगो पर जांच कर करवाई की जाएगी।

  • कोरोनाकाल में बच्चों को मिड डे मील की जगह मिल रहा खाद्य सुरक्षा भत्ता

    झारखण्ड के 31 लाख 29 हजार  548 बच्चों को मिल रहा भत्ता  
    राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर सरकार ने दी जानकारी 

    उज्ज्वल दुनिया /रांची : कोरोना संकट के दौरान मोदी सरकार ने न सिर्फ किसानों, मजदूरों, गरीबों, असहायों, वृद्धों, विधवाओं आदि को उनके दरवाजे तक आर्थिक सहायता पहुंचाई बल्कि स्कूली बच्चों को भी उनके हक़ “दोपहर के भोजन” से वंचित नहीं होने दिया| मौजूदा परिस्थितियों (कोविड-19) में पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराना संभव नहीं है, अतः झारखंड राज्य सरकार सहित राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्रों को सलाह दी गई है कि जब तक महामारी के कारण स्कूल बंद हैं, तब तक वे सभी पात्र बच्चों को खाद्य सुरक्षा भत्ता (एफएसए) प्रदान करें, जिसमें खाद्यान्न, दालें, तेल आदि (खाना पकाने की लागत के बराबर) शामिल हैं। राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के एक अतारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने यह जानकारी दी|
    मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि फिलहाल, देश के विबिन्न राज्यों में कुल 9,52,24,169 बच्चों को खाद्य सुरक्षा भत्ता दिया जा रहा है| झारखण्ड सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गयी सूचना के मुताबिक़ राज्य के 31,29,548 बच्चों को मिड डे मील के एवज में खाद्य सुरक्षा भत्ता उपलब्ध कराया जा रहा है|

  • आतंकी की गिरफ्तारी के बाद राज्यपाल ने फिर ममता सरकार की कार्य शैली पर उठाये सवाल

    बंगाल बन गया है बम बनाने वालों का पनाहगाह, राजनीति से निर्देशित है राज्य पुलिस : राज्यपाल

    कोलकाता । पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने एक बार फिर राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था और एक के बाद एक आतंकियों की गिरफ्तारी को लेकर राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है। इस संबंध में शनिवार को राज्यपाल धनखड़ के तीन ट्वीट किए।


    अपने ट्वीट में राज्यपाल ने लिखा कि एनआईए ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में अलकायदा के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने मुझसे कहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस मजबूती से कानून का पालन करती है। कानून का अतिरिक्त इस्तेमाल कर न तो किसी का साथ दिया जा सकता है और न किसी के खिलाफ कोई भेदभाव किया जा सकता है। आखिर जब पुलिस इतनी मजबूती से कानून का पालन कर रही थी तो यहां लगातार आतंकी मॉड्यूल स्थापित कैसे हो रहे हैं? डीजीपी का यह कहना कि कानून का इस्तेमाल किसी के साथ भेदभाव के लिए नहीं कर सकते, का क्या मतलब है? 


    राज्यपाल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि बंगाल अवैध बम बनाने वालों का सुरक्षित पनाहगाह बन गया है। इससे लोकतंत्र अस्थिर हो सकता है जबकि ममता बनर्जी की पुलिस राजनीतिक कामों को पूरा करने और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई में व्यस्त है। अपने ट्वीट के जरिए राज्यपाल ने पुलिसकर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे पुलिसकर्मी, जो ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं,  बुरे नहीं हैं। शीर्ष पदों पर बैठे लोगों का बर्ताव राजनीतिक रूप से निर्देशित है। बंगाल पुलिस के डीजीपी का इस तरह का बर्ताव बहुत परेशान करने वाला है। वास्तविकता यह है कि बंगाल पुलिस के आला अधिकारी राजनीतिक रूप से निर्देशित हैं।

  • जासूसी कांड: पत्रकार मामले में चीन की युवती और नेपाल का युवक गिरफ्तार

    नई दिल्ली । चीन के लिए जासूसी करने के शक के मामले में गिरफ्तार दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा के बयान और निशानदेही पर दो और लोगों को आज गिरफ्तार किया गया है।इसमें चीन की एक महिला और नेपाल का एक युवक शामिल है। इन दोनों को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है।
    पुलिस को शक है कि पत्रकार राजीव शर्मा रक्षा से संबंधित दस्तावेज चीन को पहुंचा रहा था। बदले में उसे मोटी रकम मिल रही थी। इसी सिलसिले में शनिवार को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने एक चीनी और दूसरे नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है।

    ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मामला दर्ज : 

    स्पेशल सेल सूत्रों के मुताबिक सूचना मिली थी कि एक पत्रकार के पास देश के कुछ दस्तावेज हैं, जो वह चीन को पहुंचा रहा है। स्पेशल सेल की टीम ने छानबीन शुरू की तो कुछ अहम जानकारियां मिलीं। उसी आधार पर राजीव शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी में पत्रकार के पास से रक्षा संबंधित कुछ दस्तावेज मिले। पुलिस ने ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गहन पूछताछ शुरू की। साथ ही इस संबंध में रक्षा मंत्रालय से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

     खुफिया जानकारी के बदले में देते थे रुपये:

     पुलिस के अनुसार राजीव शर्मा को 6 दिन की हिरासत में लिया गया है। इस बीच पूछताछ में उसने चीन की एक महिला और नेपाल के एक युवक के बारे में बताया। स्पेशल सेल ने इन दोनों को राजीव की निशानदेही पर शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों की मानें तो ये दोनों एक फर्जी कंपनी के जरिए पत्रकार को रुपये मुहैया करवा रहे थे। बदले में उससे भारत की खुफिया जानकारी हासिल करते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप भी जब्त किया है। खबर लिखने तक स्पेशल सेल की टीम जनकपुरी स्थित दफ्तर में राजीव शर्मा सहित तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही थी।