Author: ujjwalduniyapress

  • प्रधानमंत्री ने दी बिहार को 901 करोड़ की सौगात, किया बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन

    पटना । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को बिहार को 901 करोड़ रुपये की दूसरी सौगात दी। उन्होंने दिल्ली से ही रिमोट दबा कर बांका में एलपीजी प्लांट का शुभारम्भ किया। पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर  पाइपलाइन  के दुर्गापुर – बांका खंड के बीच बीच 634 करोड़ की लागत से  निर्मित 193 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन बिहार को समर्पित करते हुए उन्होंने बांका में 131 करोड़ की लागत से एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का भी उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने इन योजनाओं का उद्घाटन करते हुए आत्मनिर्भरता पर जोर दिया और कहा कि इससे बिहार के बहुत दिनों तक बंद रहे बरौनी खाद कारखाने को भी लाभ होगा। उन्होंने बांका के साथ हरसिद्धि में भी बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन किया।

     प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के शुभारंभ से पहले बिहार के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि उनके निधन से देश और बिहार की राजनीति में एक शून्य पैदा हो गया। उन्होंने उन्हें नमन करते हुए कहा कि उनसे मेरे वर्षों से व्यक्तिगत संबंध थे।  प्रधानमंत्री ने कहा कि वे जमीन और गांव से जुड़े नेता थे। रघुवंश बाबू ने अपने  सिद्धांत से कभी समझौता नहीं किया। जीवन के अंतिम दिनों में जब उन्हें लगा कि उनकी पार्टी सिद्धांत से हट गई है तो उनका दिल व्यथित हो उठा और उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। राजद छोड़ने के बाद रघुवंश बाबू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर विकास के कामों की सूची दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश जी से आग्रह करूंगा कि वे उनके सुझावों को कार्यान्वित करें। इसमें हम भी सहयोग करेंगे।
     इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को इतनी बड़ी सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया।

  • मेरी खामोशी को मेरी कमजोरी न समझें: मुख्यमंत्री

    मुंबई,। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह हर तरह के तूफान का सामना कर रहे हैं, जिनमें राजनीतिक तूफान भी शामिल हैं। हालांकि वह इस तूफान पर बाद में बोलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खामोश हैं, तो उनकी खामोशी को उनकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष लगातार मुंबई और महाराष्ट्र की बदनामी कर रहा है, जबकि उनकी सरकार कोरोना से मजबूती से निपट रही है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को राज्य की जनता को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लगातार तूफानों का सामना कर रही है। कोंकण में निसर्ग तूफान हो या कोरोना का संकट, राज्य सरकार इन सबसे मजबूती से निपट रही है। इसी दौरान विपक्ष राजनीतिक तूफान लाने का लगातार प्रयास कर रहा है ।

    उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना इस तरह तूफान का सामना करने में समर्थ रही है लेकिन मैंने इस समय अपने मुंह पर मुख्यमंत्री पद का मास्क लगाया है, इसलिए आज कुछ नहीं बोलूंगा। इस मुद्दे पर बोलेंगे जरूर ,लेकिन आज नहीं, बाद में बोलेंगे। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मराठा आरक्षण के लिए हर तरह का प्रयास कर रही है। इस संबंध उन्होंने परसों नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस से बात करने का प्रयास किया था लेकिन वे बिहार में थे। आज फिर उनकी फडणवीस से बात हुई है। मराठा आरक्षण जब दिया गया था तो उस समय शिवसेना सरकार के साथ थी। उस समय कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी इसका समर्थन किया था। इसलिए मराठा आरक्षण भाजपा, शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा सहित सभी राजनीतिक दलों की सहमति के साथ एकमत से (बहुमत से नहीं) दिया गया था। पिछली सरकार के समय जो वकील इसकी पैरवी कर रहे थे, वही वकील इसकी अब भी पैरवी कर रहे हैं। इसलिए इस मामले को लेकर जनता किसी भी तरह का आंदोलन न करे, राज्य सरकार इस पर रास्ता निकालने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सूबे में 15 सितंबर से मेरा परिवार मेरी जिम्मेदार अभियान शुरू कर रही है। इस अभियान में सभी जनप्रतिनिधि शामिल होकर कोरोना से निपटने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के नागरिकों को यह समझना जरूरी है कि कोरोना का संकट समाप्त नहीं हुआ है। राज्य सरकार धीरे-धीरे अनलॉक शुरू कर रही है लेकिन लोग कोरोना से बचाव के लिए बनाई गई गाइडलाइन का पालन जारी रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए बेहतर काम कर रही है। किसानों का कर्ज भी माफ किया है।    

  • Big Breaking: पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के दिग्गज नेता डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन

    रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) का इलाज 4 अगस्त से ही दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) में चल रहा था और वो पिछले चार दिनों से वेंटिलेटर पर थे

    नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के दिग्गज नेता रहे डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) का आज निधन हो गया. राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी रहे नेता ने दिल्ली स्थित AIIMS में अंतिम सांसें ली. बिहार की राजनीति में रघुवंश बाबू के नाम से जाने-पहचाने जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री को कुछ दिन पहले ही दिल्ली एम्स में भर्ती किया गया था।

    सांस लेने में थी तकलीफ-

    पिछले कई दिनों से रघुवंश सिंह की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। बताया जा रहा था कि उनको सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है. दिल्ली के एम्स में इलाजरत रघुवंश बाबू की निगरानी 4 डॉक्टर, ICU में कर रहे थे। रविवार सुबह रघुवंश बाबू के परिवारवालों ने बताया था कि वो अभी भी वेंटिलेटर पर ही हैं और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। मालूम हो कि रघुवंश प्रसाद सिंह का इलाज 4 अगस्त से ही दिल्ली स्थित एम्स में चल रहा था और वो पिछले चार दिनों से वेंटिलेटर पर थे।

    आरजेडी से दिया था इस्तीफा-

    मालूम हो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने कुछ दिन पहले की आरजेडी से इस्तीफा था। दिल्ली एम्स में भर्ती रघुवंश प्रसाद सिंह ने अपना इस्तीफा एक सामान्य पन्ने पर लिखकर भेजा था। इसमें उन्होंने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को संबोधित करते हुए लिखा था कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद 32 वर्षों तक आपके पीछे-पीछे खड़ा रहा, लेकिन अब नहीं। पार्टी नेता, कार्यकर्ता और आमजनों ने बड़ा स्नेह दिया। मुझे क्षमा करें।

  • स्वाब टेस्ट लेते वक्त स्लाइड टूट कर गर्भवती महिला के गले में फंसा

    उज्ज्वल दुनिया /बोकारो: बोकारो सदर अस्पताल में कोरोना जांच कराने गई गर्भवती महिला के साथ ऐसी घटना घटी सब हैरान रह गए वहीं महिला की जान पर बन आई। साथ में गए पति भी सहम गए। हुआ यूं कि कोविड जांच के दौरान गर्भवती महिला का स्वाब टेस्ट लेने के लिए स्वास्थ्य कर्मी ने जैसे ही स्लाइड को मुंह के अंदर डाला, स्लाइड टूटकर गले में फंस गया। घटना के बाद हड़कंप की स्थिति बन गई। जबकि को भी जांच कराने के लिए अस्पताल में भारी भीड़ जमा थी। लोक स्वास्थ्य कर्मी पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। मामले की जानकारी सदर अस्पताल के उपाधीक्षक और सिविल सर्जन को दी गई। डॉक्टरों की टीम आई और सदर अस्पताल में इसके लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं होने के कारण और स्थिति बिगड़ता देख महिला को धनबाद के पीएमसीएच रेफर कर दिया।

    महिला को धनबाद रेफर किया गया 


    खबरों के अनुसार गर्भवती महिला के 108 एंबुलेंस की व्यवस्था कर धनबाद पीएमसीएच भेजा गया। पीड़ित महिला का कहना है कि गर्भवती होने के कारण उन्हें कॉविड टेस्ट कराने के लिए अस्पताल बुलाया गया था। शुक्रवार को चास से सदर अस्पताल कोविड टेस्ट कराने पहुंची थी। महिला के पति का कहना है कि यह हादसा काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। हम कोविड-19 टेस्ट कराने आए थे और इस तरह की घटना घट गई।

    स्टिक स्लाइड का अगला भाग टूट कर गले में अटका 

    वहीं बोकारो के सिविल सर्जन का कहना है कि इस तरह की ये पहली घटना है। कोविड जांच के लिए स्वाब लेने के लिए स्थास्थ्यकर्मी जैसे ही स्टिक स्लाइड डाला आगे का भाग टूट गया है और गला में फंस गया। ऐसी घटना किसी के साथ भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि महिला को पीएमसीएच धनबाद रेफर किया गया है। उन्होंने कहा मामला दुर्भाग्यपूर्ण है टेक्नीशियन की गलती क्या है यह जांच हो रही है।

  • चीनी सेना ने पांच अरुणाचली युवाओं को रिहा किया

    शिकार करने के दौरान 10 दिन पहले भटककर चले गए थे एलएसी पार 
     किबिथू के कवाई इलाके में भारतीय सेना को सौंपे गए पांचों युवक 
    सेना 14 दिन एकांतवास में रखने के बाद सौंपेगी परिवार वालों को 


    इटानगर, 12 सितम्बर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी में राह भटक कर चीन की सीमा में चले गए पांच भारतीय नागरिक वतन लौट आए हैं। चीनी सेना ने शनिवार को अंजाव जिला के अंतर्गत किबिथू के कवाई इलाके में भारतीय सेना को सौंप दिया। भारत के रक्षा मंत्रालय के पीआरओ (तेजपुर) ने भी ट्वीट करके पुष्टि की है कि 2 सितम्बर को एलएसी पार करने वाले 5 शिकारी युवा आखिरकार 12 सितम्बर को भारत को सौंप दिए गए।

    अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिला के नाचो सर्कल निवासी सात युवक तोच सिगंकाम, प्रशांत रिंगलिंग, दोंगतू इबिया, तानू बाकर और गारु दिरी अपने दो अन्य साथियों के साथ इलाके में हमेशा की तरह शिकार की तलाश में गए थे। शिकार करने के दौरान पांच युवक चीनी सीमा में प्रवेश कर गए थे। दो युवक मौके से भाग निकलने में सफल रहे जिन्होंने घर पहुंचने के बाद अपने गांव के बुजुर्गों और युवकों के परिजनों को इस बारे में बताया। इसकी जानकारी परिजनों व प्रशासन को दी गई।

    पांचों युवाओं के अन्य दो साथियों ने चीनी सेना द्वारा युवाओं का अपहरण करने का आरोप लगाया था। शनिवार को भारतीय सेना ने सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद पांचों युवकों को अपने जिम्मे ले लिया। सभी युवाओं को कोरोना नियमों के तहत अगले 14 दिनों के लिए एकांतवास में रखा जाएगा। उसके बाद उनके परिवार को सौंप दिया जाएगा।
    इन युवाओं को आज भारतीय सेना को सौंपने जाने संबंधी जानकारी भारतीय सेना के तेजपुर स्थित पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल हर्ष वर्धन पांडे ने शुक्रवार को ट्वीट कर दी थी। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने भी शुक्रवार को एक ट्वीट के माध्यम से कहा कि चीन की पीएलए द्वारा शनिवार को अरुणाचल प्रदेश से लापता पांच युवाओं को भारतीय अधिकारियों को सौंपने की जानकारी दी थी।

    इस घटना को मिलाकर चालू वर्ष में ऊपरी सुबनसिरी और पश्चिम सियांग जिले में इस तरह की तीन घटनाएं हुईं हैं। अतीत में भी भारतीय सेना के लगातार प्रयासों और समन्वय के बाद ऐसे सभी व्यक्तियों को सुरक्षित तरीके से घर वापस लाया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय सेना ने गत 08 सितम्बर को हॉट लाइन के जरिए पीएलए से बात कर इस मामले में जानकारी मांगी थी जिसके बाद पीएलए ने पांचों युवकों के उनके कब्जे में होने की पुष्टि की थी। इसी के बाद युवकों को वापस लाने के लिए प्रयास शुरू किए गए।

    उल्लेखनीय है कि भारतीय और चीनी सेना लद्दाख में लंबे समय से आमने-सामने हैं। दोनों सेनाओं के बीच कई बार झड़प भी हुुई है। स्थिति गंभीर होते देख तिब्बत से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय सेना की निगरानी बेहद कड़ी की गई है। पीएलए भारतीय क्षेत्र और भारतीय सेना की गतिविधियों की जानकारी हासिल करने के लिए लगातार तरह तरह के हत्थकंडे अपना रही है। संभवतः इन पांचों युवकों को कब्जे में लेकर 10 दिन बाद छोड़ने के पीछे भी चीनी सेना की कोई गहरी चाल हो।

  • नौसेना के पूर्व अधिकारी से मारपीट करने वाले शिवसेना के 6 कार्यकर्ताओं को मिली जमानत

    मुंबई । कांदिवली इलाके में नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी मदन शर्मा की पिटाई के मामले में गिरफ्तार 6 शिवसैनिकों को शनिवार को जमानत मिल गई है। कोरोना महामारी को कारण बताते हुए 5-5 हजार रुपये के मुचलके पर यह जमानत दी गई है।  

    जानकारी के अनुसार मदन शर्मा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के एक कार्टून को सोशल मीडिया में फारवर्ड किया था। इससे नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को शर्मा की पिटाई कर दी थी। इसकी सूचना मिलते ही समतानगर पुलिस तत्काल घटना स्थल पर पहुंची थी और आरोपितों- कमलेश चंद्रकांत कदम(39), संजय शांताराम मांजरे(52), राकेश राजाराम वेलणेकर(31), प्रताप मोतीराम सुंदवेरा(45), सुनील विष्णु देसाई( 42) और राकेश कृष्णा मुलीक(35) को गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार को इन सभी आरोपितों को कोर्ट ने कोरोना का कारण बताते हुए 5-5 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मंजूर कर दिया। मदन शर्मा ने बताया कि उन्होंने एक कार्टून व्हाट्सएप्प ग्रुप पर फारवर्ड कर दिया था। उसके बाद उन्हें धमकी भरे फोन आने लगे थे। शुक्रवार शाम को करीब 10 शिवसैनिक उनके घर आए और उनकी पिटाई की। मदन शर्मा ने कहा कि उन्होंने आजीवन देश की सेवा की और अब शिवसेना के गुंडों ने उनपर इस तरह हमला किया है। इस मामले में सभी आरोपितों को जमानत मिल चुकी है, इसलिए वह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस घटना में घायल मदन शर्मा का इलाज मालाड स्थित संजीवनी अस्पताल में हो रहा है। भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि कंगना रनौत का कार्यालय तोड़ने के बाद शिवसैनिकों ने अब एक पूर्व अधिकारी पर हमला किया है। यह सब मुख्यमंत्री की शह पर किया जा रहा है। 

  • उप्र में कोरोना के 67,955 सक्रिय मामले, मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़कर हुई 76.35 प्रतिशत

    राज्य में संक्रमण से अब तक 4,349 मरीजों की हुई मौत

    लखनऊ, । प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या अब बढ़कर 67,955 हो गई है। राज्य में कुल 2,33,527 लोग इलाज के बाद पूरी तरह ठीक होने के बाद घर भेजे जा चुके हैं। बीते चौबीस घंटे में संक्रमण के 6,846 नए मामले सामने आए हैं। वहीं अब तक 4,349 लोगों की संक्रमण के बाद मौत हुई है। 


    अब तक 73.58 लाख कोरोना नमूनों की हो चुकी है जांच

    अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने शनिवार को बताया कि राज्य की विभिन्न प्रयोगशालाओं में शुक्रवार को कुल 1,40,562 कोरोना नमूनों की जांच की गई। इसके साथ ही राज्य में अब कुल जांच का आंकड़ा 73,58,471 हो गया है। 

    प्रदेश में मृत्यु दर घटकर हुई 1.42 प्रतिशत

    राज्य में मरीजों के ठीक होने की दर में एक बार फिर सुधार देखने को मिला है। वर्तमान में रिकवरी दर 76.35 प्रतिशत है, जबकि गुरुवार को यह 75.85 प्रतिशत थी। केस फैटेलिटी रेट (सीएफआर) यानी मामलों में मृत्यु दर की बात करें तो अब यह घटकर अब 1.42 प्रतिशत हो गई है। 

    अब तक 1.49 लाख लोगों ने होम आइसोलेशन की सुविधा का लिया लाभ

    उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल सक्रिय मरीजों में से 36,334 लोग होम आइसोलेशन यानि घर पर रहकर इलाज की सुविधा का लाभ ले रहे हैं। यह कुल मरीजों का 53.46 प्रतिशत है। इसके अलावा 3,607 लोग निजी अस्पतालों और 275 लोग होटल में एल-1 प्लस की सेमिपेड फैसिलिटी सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। वहीं इनके अलावा शेष राज्य सरकार की एल-1, एल-2 व एल-3 की व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं।अभी तक कुल 1,49,396 लोग होम आइसोलेशन की सुविधा का लाभ ले चुके हैं, जिनमें से 1,13,062 लोगों के इलाज का समय पूरा होने पर उन्हें डिस्चार्ज घोषित कर दिया गया है।

    ई-संजीवनी का अब तक 72,148 लोगों ने उठाया लाभ

    इसके साथ ही ई-संजीवनी पोर्टल का प्रदेश के लोग लगातार इस्तमाल कर रहे हैं, इस पोर्टल से घर बैठे डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं। शुक्रवार को 1,739 लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। अब तक कुल 72,148 लोग इस पोर्टल के जरिए चिकित्सीय लाभ ले चुके हैं।

    आरोग्य सेतु एप को लेकर 10.75 लाख लोगों को किया जा चुका है फोन

    प्रदेश में ‘आरोग्य सेतु’ एप डाउनलोड करने वालों के जो अलर्ट मिल रहे हैं, उन्हें कन्ट्रोल रूम और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 के जरिए फोन किया जा रहा है। अभी तक 10,75,978 लोगों को फोन कर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    21-40 आयु वर्ग के लोगों में सबसे अधिक संक्रमण

    उन्होंने बताया कि वहीं कोरोना संक्रमण के कुल मामलों में अभी भी पुरुषों का प्रतिशत महिलाओं की तुलना में ज्यादा है। अभी तक 69 प्रतिशत पुरुष और 31 प्रतिशत महिलाओं में संक्रमण पाया गया है। संक्रमण के कुल मामलों में 0-20 आयु वर्ग के 13.98 प्रतिशत, 21-40 आयु वर्ग के 48.58 प्रतिशत और 41-60 आयु वर्ग के 28.69 प्रतिशत और 60 से अधिक आयु के 8.75 प्रतिशत लोग संक्रमित हुए हैं। 

    11.40 करोड़ लोगों के बीच पहुंची स्वास्थ्य टीमें

    स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के बीच पहुंचकर सर्वेश्रण कर रही हैं। अभी तक 1,00410 इलाकों में 3,43,519 टीमों ने 2,28,74,346 करोड़ घरों का सर्वेक्षण किया है। इसके तहत 11,40,14,407 लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई है।

    प्रदेश में अब तक 64,447 कोविड हेल्प डेस्क स्थापित

    प्रदेश में कुल 64,447 ‘कोविड हेल्प डेस्क’ की स्थापना की जा चुकी है। इनके जरिए 7,36,000 लक्षणात्मक लोगों की पहचान की गई। इनमें ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर उपलब्ध हैं। इन सभी इकाइयों में सैनिटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता की गई है।

    इस वर्ष 01 सितम्बर से 11 सितम्बर तक की गई 5,727 सर्जरी

    अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि राज्य में कोविड केयर के साथ नॉन कोविड केयर पर भी पूरी तरह ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में बीते वर्ष 01 सितम्बर से 11 सितम्बर तक सरकारी अस्पतालों में जहां 7,769 मेजर सर्जरी की गई वहीं कोरोना संक्रमण काल के बावजूद इस वर्ष इसी समयावधि में 5,727 मेजर सर्जरी की गई।

  • रजौली में बरामद नकली डीजल के मामले में कोेडरमा के फैक्ट्री संचालक पिता

    कोडरमा के गझंडी रोड में केमिकल के नाम पर  संचालित फैक्ट्री में चल रहा है नकली डीजल बनाने का खेल

    संजय साजन
    कोडरमा। केमिकल फैक्ट्री के संचालन की आड़ में पिछले कई सालों से चल रहा है नकली डीजल तैयार करने  का खेल।  बिहार के रजौली पुलिस द्वारा बुधवार की देर रात थाना क्षेत्र  के गोपालपुर से बरामद किए गए नकली डीजल भरे टैंकर की छानबीन में इसकी आपूर्ति कोडरमा के झुमरी तिलैया से किए जाने की पुष्टि हुई है। टैंकर के उप चालक राहुल  कुमार  के बयान पर इस मामले में  कोडरमा केमिकल के संचालक खीरु साव और उसके पुत्र दीपक साव सहित 5 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। वैशाली निवासी  खलासी राहुल कुमार ने पुलिस को बताया कि वह काफी दिनों से टैंकर के माध्यम से तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत गझंडी रोड में स्थित उक्त केमिकल फैक्ट्री से मिलावटी डीजल लाकर मुजफ्फरपुर, रजौली और बिहार के अन्य जिलों  में बेचा करता था।  इसके पहले भी वह नकली डीजल आपूर्ति कर चुका है।जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत गझंडी रोड में कोडरमा केमिकल्स फैक्ट्री में पिछले कई सालों से मिलावटी डीजल तैयार करने का खेल बड़े ही सुनियोजित तरीके से किया जाता रहा है। यहां से तैयार किए गए नकली डीजल की आपूर्ति झारखंड के कई जिलों के अलावा बिहार के भी कई जिलों में की जाती रही है। गौरतलब रहे कि जिले में उक्त फैक्ट्री के संचालन को लेकर संचालक द्वारा केमिकल ऑयल तैयार करने के नाम पर जिला प्रशासन सहित राज्य स्तर के कई विभागों से लाइसेंस ले रखी है।

    कैमिकल फेक्ट्री फिर सुर्खियों में 


    हाल ही में हुए एक हादसे के बाद एक बार फिर उक्त फैक्ट्री   सुर्खियों में  है । गत मंगलवार को फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर हो रहे टैंकर निर्माण कार्य के दौरान गैस सिलेंडर फटने से टैंकर निर्माण में लगे 5 मजदूर बुरी तरह आग से झुलस गए थे। इस मामले को लेकर पुलिस के कई आला अधिकारी ने उस फैक्ट्री का मुआयना किया था मगर किसी भी पदाधिकारी की नजर वहां अरसे से चल रहे मिलावटी डीजल निर्माण के खेल पर नहीं पड़ा। विदित हो कि पूर्व में उक्त फैक्ट्री का संचालन कोडरमा थाना अंतर्गत चंचाई में भी कई सालों तक किया जाता था। 

  • राज्य के कई प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला

    उज्ज्वल दुनिया /रांची । राज्य के कई प्रशासनिक अधिकारियों कातबादला किया गया है । इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है । शशिधर मंडल को नगर आयुक्त आदित्यपुरनगर निगम के पद से हटाया गया है । शशिधर मंडलको एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक कल्याणविभाग का विशेष सचिव बनाया गया है ।


    बशारत क्यूम को संयुक्त सचिव महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग बनाया गया । वहीं चंदन कुमार को अपर जिला दंडाधिकारीधनबाद बनाया गया है । कर्ण सत्यार्थी को भू-अर्जन, भू-अभिलेख और परिमाप विभाग का निदेशक बनाया गया है । मेघा भारद्वाज को संयुक्त सचिव योजना सहवित्त विभाग बनाया गया है । विशाल सागर को संयुक्तसचिव कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग बनाया गया है । लोकेश मिश्रा को अपर जिलादंडाधिकारी रांची का पदभार सौंपा गया है ।

  • 9 अक्तूबर तक जेल में ही रहेंगे लालू यादव, अभी नहीं मिली जमानत

    उज्ज्वल दुनिया /रांची । राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की जमानत पर सुनवाई शुक्रवार को टल गयी। अब इस पर नौ अक्तूबर को सुनवाई होगी। चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद को सीबीआई की अदालत ने पांच साल की सजा सुनायी है। 

    लालू की ओर से दाखिल जमानत याचिका में कहा गया है कि उन्होंने इस मामले में आधी सजा काट ली है। इस आधार पर उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। जबकि सीबीआई की ओर से इसका विरोध किया गया। 

    सीबीआई की ओर से बताया गया कि अभी आधी सजा पूरी होने में 23 दिन कम है। इस कारण आधी सजा काटने के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। जबकि लालू प्रसाद की ओर से पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि नौ अक्तूबर को आधी सजा की अवधि पूरी हो रही है। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है।  वह कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। इस कारण भी अदालत लालू को जमानत दे सकती है।

    जुलाई महीने में लालू प्रसाद यादव के अधिवक्ता के द्वारा झारखंड हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी और जमानत के लिए लालू यादव के बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला दिया गया था।  जमानत याचिका में आधार बनाया गया है कि लालू प्रसाद यादव ने चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सीबीआई कोर्ट द्वारा सजा की आधी अवधि पूरी कर ली है और लालू प्रसाद यादव फिलहाल आधा दर्जन से ज्यादा गंभीर असाध्य रोगों से ग्रसित हैं इसलिए उन्हें जमानत दी जाए।वहीं आज सुनवाई से पहले नेता प्रतिपक्ष और लालू के बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा है कि उच्च न्यायलय पर हम लोगों को पूरा भरोसा है कि लालू जी को न्याय जरूर मिलेगा। आधी सज़ा पूरी हो जाने के बाद जमानत में कोई रुकावट नहीं होती।