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असीम मंडल की गिरफ्तारी से नक्सल अभियान को बड़ा झटका, 55 मामलों में दर्ज था नाम; जानिए पूरा रिकॉर्ड

रांची: झारखंड पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बने मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर की पश्चिम बंगाल में गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ दर्ज मामलों और आपराधिक रिकॉर्ड की चर्चा तेज हो गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार असीम मंडल के खिलाफ झारखंड, पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में हिंसक नक्सली गतिविधियों से जुड़े करीब 55 मामले दर्ज हैं।

असीम मंडल को भाकपा माओवादी के केंद्रीय कमेटी सदस्य और पश्चिम बंगाल स्टेट कमेटी सचिव के तौर पर सक्रिय बताया गया है। झारखंड सरकार ने उस पर एक करोड़ रुपये, जबकि ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

सुरक्षा बलों पर हमले के कई मामलों में नाम

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक असीम मंडल के खिलाफ दर्ज मामलों में सुरक्षा बलों पर फायरिंग, आईईडी विस्फोट, मुठभेड़, हत्या के प्रयास और पुलिसकर्मियों की मौत से जुड़े मामले शामिल हैं।

चाईबासा और पश्चिमी सिंहभूम के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इनमें सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर आईईडी विस्फोट और फायरिंग की घटनाओं का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में मिलता है।

2023 में टोंटो क्षेत्र में लगातार घटनाएं

11 जनवरी 2023 को टोंटो थाना क्षेत्र के तुम्बाहाका जंगल के पास पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीम की माओवादियों से मुठभेड़ हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस दौरान आईईडी विस्फोट में कोबरा-209 बटालियन के छह जवान घायल हुए थे।

अगले दिन उसी इलाके में फिर मुठभेड़ हुई और आईईडी विस्फोट में तीन जवानों के घायल होने की जानकारी दर्ज है।

इसके बाद 11 अगस्त 2023 को टोंटो थाना क्षेत्र के घुसियाडीह जंगल में मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ-60 बटालियन के जवान सुशांत कुमार के शहीद होने और एक अन्य जवान के घायल होने का मामला सामने आया।

2024-25 में भी आईईडी और फायरिंग के मामले

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 19 सितंबर 2024 को तिरिलपोसी इलाके में संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर आईईडी विस्फोट किया गया, जिसमें कोबरा-209 बटालियन का एक सदस्य घायल हुआ।

2025 में भी कई घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें छोटानागरा, जराइकेला और आसपास के जंगलों में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर आईईडी विस्फोट और फायरिंग के मामले शामिल हैं।

12 अप्रैल 2025 को राधापोड़ा जंगल इलाके में हुए हमले में कोबरा-203 बटालियन के कांस्टेबल आरओ विष्णु सैनी और झारखंड जगुआर के आरक्षी सुनील धान के घायल होने की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में है। इलाज के दौरान सुनील धान की मौत हो गई थी।

मार्च 2025 में भी जवानों को बनाया निशाना

5 मार्च 2025 को छोटानागरा-जराइकेला थाना क्षेत्र की सीमा पर बालिवा से आगे बाबूडेरा इलाके में आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ-197 बटालियन के तीन जवान घायल हुए थे।

इसके बाद 18 मार्च 2025 को जराइकेला थाना क्षेत्र के तिरिलपोसी जंगल में हुए आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ-134 बटालियन के एसआई सुबोध कुमार के घायल होने का मामला दर्ज है।

22 मार्च 2025 को छोटानागरा थाना क्षेत्र के मारंगपोंगा जंगल में हुए आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ-193 बटालियन के एसआई/जीडी सुनील कुमार मंडल की मौत और एक अन्य जवान के घायल होने का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में है।

2018 में भी मुठभेड़ का मामला

असीम मंडल के खिलाफ दर्ज मामलों का सिलसिला केवल 2023 के बाद का नहीं है। 11 जुलाई 2018 को एमजीएम थाना क्षेत्र के सुकड़ाला-डालापानी स्थित झाटी पहाड़ी के पास पुलिस और सीआरपीएफ के नक्सल विरोधी अभियान के दौरान असीम मंडल के दस्ते के साथ मुठभेड़ हुई थी।

इस घटना में सीआरपीएफ-193 कंपनी के जवान निर्मल घोष के शहीद होने की जानकारी दर्ज है। इस मामले में एमजीएम थाना कांड संख्या 62/18 दर्ज किया गया था।

2006 से दर्ज होते रहे हैं मामले

पुलिस दस्तावेजों के अनुसार असीम मंडल के खिलाफ मामलों का रिकॉर्ड 2006 तक जाता है। गुड़ाबांदा, घाटशिला, पटमदा, चाकुलिया, मुसाबनी, बोड़ाम और डुमरिया समेत कई थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ मामले दर्ज बताए गए हैं।

इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस बल पर हमला, आपराधिक षड्यंत्र, सरकारी काम में बाधा, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूएपीए की विभिन्न धाराओं का उल्लेख है।

2023 के बाद सामने आए कई नए मामले

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 2023 में टोंटो थाना क्षेत्र में असीम मंडल के खिलाफ कई मामले दर्ज हुए। इनमें नक्सली गतिविधियों, सुरक्षा बलों पर हमले, हत्या के प्रयास और विस्फोटक पदार्थों से जुड़े आरोप शामिल हैं।

2024 और 2025 में भी जराइकेला, छोटानागरा और अन्य थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और यूएपीए जैसी धाराओं का उल्लेख है।

झारखंड और ओडिशा में करोड़ों का इनाम

असीम मंडल को लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों द्वारा वांछित नक्सली कमांडर के तौर पर चिन्हित किया गया था। उसके खिलाफ दर्ज मामलों और उसकी कथित नक्सली गतिविधियों को देखते हुए झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था।

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा थाना क्षेत्र के उत्तर फूलचक गांव निवासी असीम मंडल की गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

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