रांची। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टीआरटी टनल में गुरुवार शाम हुए हादसे के बाद झारखंड के श्रमिकों को लेकर चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि खूंटी, गुमला समेत झारखंड के कई जिलों के श्रमिक इस परियोजना में कार्यरत हैं। हादसे के बाद कुछ श्रमिकों के टनल में फंसे होने की सूचना है। हालांकि, झारखंड के कितने श्रमिक प्रभावित हैं, इसकी आधिकारिक विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
- कैसे हुआ हादसा: गुरुवार शाम करीब सात बजे टनल के अंदर एक कैविटी से अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा बाहर आ गया। इससे वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला और कई श्रमिक सुरंग के अंदर फंस गए।
- सात मजदूरों की मौत: हादसे में अब तक सात मजदूरों की मौत की सूचना है, जबकि 18 मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। तीन श्रमिक अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
- बचाव अभियान जारी: घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 3.5 किलोमीटर लंबी टनल में लगभग 1.8 किलोमीटर अंदर हादसा होने की जानकारी है। रेस्क्यू टीमें लगातार मलबा हटाकर फंसे श्रमिकों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
- धमाके के बाद भरा मलबा-पानी: आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय टनल के भीतर ग्रेविटी पर पैकिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान जोरदार धमाका हुआ और पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा सुरंग में भर गया।
- झारखंड सरकार सक्रिय: हादसे के बाद झारखंड सरकार प्रभावित श्रमिकों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों तक सही सूचना पहुंचाने में जुट गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
- धामी ने दिया भरोसा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमंत सोरेन को भरोसा दिलाया कि टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- हादसों पर जताई चिंता: हेमंत सोरेन ने निर्माणाधीन सुरंगों में बार-बार होने वाले हादसों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके साथ प्रकृति और पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं और ऐसे हादसे पर्यावरणीय संतुलन को लेकर सावधान करते हैं।
- परिजनों से अपील: मुख्यमंत्री ने झारखंड के उन लोगों से अपील की है, जिनके परिजन या परिचित चमोली की इस परियोजना में काम करने गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग राज्य सरकार के कंट्रोल रूम से संपर्क कर श्रमिकों से संबंधित जानकारी साझा करें।
झारखंड सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
टोल फ्री हेल्पलाइन: 1800-3456-526
व्हाट्सऐप हेल्पलाइन: 9470132591, 9431336472, 9431336427
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और राज्य के श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

