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SIR: मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सुधार के लिए अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ी

रांची। झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में सुधार कराने के लिए चुनाव आयोग ने पात्र नागरिकों को अतिरिक्त अवसर दिया है। दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के. रवि कुमार ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों, खासकर युवाओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जरूर जांच लें।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जिन पात्र भारतीय नागरिकों का नाम SIR के तहत प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में अभी तक शामिल नहीं हो पाया है, वे ECINET के माध्यम से अथवा अपने संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से संपर्क कर फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा पत्र जमा कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए SIR के तहत दावा-आपत्ति की पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि 4 सितंबर से बढ़ाकर पहले 15 सितंबर की थी। विभिन्न स्टेकहोल्डरों से प्राप्त अनुरोध और फॉर्म-6, फॉर्म-7 तथा फॉर्म-8 की संख्या को देखते हुए अब दावा-आपत्ति की समय सीमा अंतिम बार 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

इस फैसले से उन पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है। इसके साथ ही मतदाता सूची में नाम हटाने, स्थानांतरण और विवरण में सुधार से संबंधित आवेदन भी निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से किए जा सकेंगे।

युवाओं और पात्र नागरिकों से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने की अपील

के. रवि कुमार ने कहा कि ऐसे सभी पात्र भारतीय नागरिक, जो 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, उन्हें इस अतिरिक्त अवसर का लाभ उठाना चाहिए। ऐसे नागरिक निर्धारित समय सीमा के भीतर फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी करें।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण है। SIR के तहत तैयार की जा रही मतदाता सूची को भविष्य में संदर्भ के लिए भी संधारित किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, वर्तमान SIR में 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग के आधार पर संबंधित मतदाताओं और उनके बच्चों को दस्तावेज संबंधी प्रक्रिया में सुविधा मिल रही है। इसी तरह वर्तमान SIR में नाम शामिल होने से भविष्य में संबंधित मतदाता और उनके बच्चों को आवश्यकतानुसार सुविधा प्राप्त हो सकती है।

उन्होंने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और 30 सितंबर 2026 से पहले ही फॉर्म-6 जमा कर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी कर लें।

SIR का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को जोड़ना और अपात्र नामों की पहचान करना

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।

उन्होंने सभी मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, बूथ लेवल एजेंट (BLA), बीएलओ तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र, परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों में जो भी पात्र भारतीय नागरिक अभी मतदाता सूची से नहीं जुड़े हैं, उन्हें प्रक्रिया की जानकारी दी जाए और आवश्यक सहयोग किया जाए।

पात्र नागरिकों को ECINET के माध्यम से अथवा संबंधित बीएलओ की सहायता से फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरने में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के निर्माण और शुद्धिकरण की प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए सभी स्टेकहोल्डरों का सहयोग आवश्यक है।

जानिए फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 का इस्तेमाल कब करें

फॉर्म-6:
जिन पात्र भारतीय नागरिकों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं। SIR के तहत फॉर्म-6 जमा करने की अंतिम तिथि अब 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

फॉर्म-7:
किसी मतदाता के नाम के संबंध में आपत्ति दर्ज कराने अथवा निर्धारित आधार पर मतदाता सूची से नाम हटाने का अनुरोध करने के लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि केवल फॉर्म-7 जमा कर देने से किसी मतदाता का नाम स्वतः मतदाता सूची से नहीं हटता। संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच और सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाता है।

फॉर्म-8:
मतदाता सूची में दर्ज नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार, पता बदलने अथवा मतदाता का नाम एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कराने के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

झारखंड में वर्तमान में निवास कर रहे ऐसे मतदाता, जिनका नाम किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है और जो निर्धारित पात्रता के अनुसार अपना नाम झारखंड में स्थानांतरित कराना चाहते हैं, वे फॉर्म-8 और आवश्यक घोषणा पत्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

इसी तरह झारखंड में वर्तमान निवास स्थान के अनुरूप मतदाता अपने नाम को संबंधित विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र में स्थानांतरित कराने तथा मतदाता सूची में दर्ज नाम, पता और अन्य प्रविष्टियों में आवश्यक सुधार के लिए भी फॉर्म-8 का उपयोग कर सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे 30 सितंबर 2026 तक मिले इस अतिरिक्त अवसर का लाभ उठाएं। मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जरूर जांचें और आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रपत्र समय पर जमा करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे।

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