रामगढ़: झारखंड के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है। नवरात्र के छठे दिन षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान मां के दर्शन के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं, रंग-बिरंगे देशी-विदेशी फूलों से सजा मां का दरबार भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
फूलों की सजावट देख मंत्रमुग्ध हो रहे श्रद्धालु
मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। फूलों की मनमोहक सजावट मंदिर की भव्यता को और बढ़ा रही है। मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ मंदिर की खूबसूरती को अपने मोबाइल फोन में कैद करते नजर आ रहे हैं। पूरे परिसर में मां के जयकारे और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
दामोदर और भैरवी नदी के संगम पर स्थित है सिद्धपीठ
रामगढ़ जिले में स्थित रजरप्पा का मां छिन्नमस्तिका मंदिर दामोदर और भैरवी नदियों के संगम पर अवस्थित है। यह मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। नवरात्र के दौरान यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ती है। भक्त मां के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति, खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
तंत्र साधना के लिए भी प्रसिद्ध है मंदिर
मां छिन्नमस्तिका मंदिर की धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। इसे देश के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। मान्यता है कि असम के कामाख्या मंदिर के बाद रजरप्पा तंत्र साधना के महत्वपूर्ण केंद्रों में शामिल है। मुख्य मंदिर के आसपास तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी और मातंगी सहित अन्य महाविद्याओं के मंदिर भी स्थित हैं। यही वजह है कि नवरात्र के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।
सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात है। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंच रहे भक्त मां छिन्नमस्तिका के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं। फूलों से सजे दरबार, पूजा-पाठ और मां के जयकारों से रजरप्पा का पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

