बरहरवा। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच पढ़ाई का जुनून और डॉक्टर बनने का सपना रखने वाली 19 वर्षीय सोनी कुमारी ने NEET-2026 में सफलता हासिल कर अपने परिवार का नाम रोशन किया है। बरहरवा नगर पंचायत क्षेत्र के झिकटिया की रहने वाली सोनी का चयन रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में MBBS की पढ़ाई के लिए हुआ है। उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
सोनी के पिता शिव कुमार महतो राजमिस्त्री का काम करते हैं, जबकि मां कविता देवी गृहिणी हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सोनी ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के अपने लक्ष्य को हासिल किया।
सोनी की सफलता की कहानी
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NEET-2026 में सफलता: सोनी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर RIMS में MBBS में दाखिला लिया।
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चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर: सोनी अपने परिवार में चार भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर हैं।
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मैट्रिक में 90 फीसदी अंक: उन्होंने एनडीएम गर्ल्स हाई स्कूल, बरहरवा से मैट्रिक की परीक्षा 90 प्रतिशत अंकों के साथ पास की।
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इंटर में भी शानदार प्रदर्शन: बीएसके कॉलेज, बरहरवा से ISC की पढ़ाई पूरी कर इंटरमीडिएट में 80 प्रतिशत अंक हासिल किए।
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ऑनलाइन पढ़ाई से तैयारी: सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने घर से ऑनलाइन माध्यम के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की।
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CUET में भी मिली थी सफलता: CUET के अंकों के आधार पर उन्हें दिल्ली कैंपस में फॉरेंसिक साइंस कोर्स के लिए अवसर मिला था, लेकिन उन्होंने मेडिकल क्षेत्र को अपना लक्ष्य बनाए रखा।
मैट्रिक से NEET तक जारी रही मेहनत
सोनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय झालदिग्घी से शुरू की। इसके बाद उन्होंने एनडीएम गर्ल्स हाई स्कूल, बरहरवा से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की। ब्राइट कोचिंग सेंटर के मार्गदर्शन में उन्होंने 90 प्रतिशत अंक हासिल किए।
इसके बाद बीएसके कॉलेज से ISC की पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी और 80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। घर से ऑनलाइन तैयारी करते हुए उन्होंने NEET की परीक्षा दी और सफलता हासिल की।
डॉक्टर बनकर करना चाहती हैं समाज की सेवा
सोनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ बीएसके कॉलेज के बॉटनी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर भागीरथ पंडित को दिया है। उनका कहना है कि वह डॉक्टर बनकर जरूरतमंद लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
बेटी की सफलता पर पिता शिव कुमार महतो भी बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद बेटी ने अपनी मेहनत जारी रखी और परिवार का नाम रोशन किया।
ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए बनीं प्रेरणा
सोनी की कहानी उन विद्यार्थियों के लिए मिसाल है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी मेहनत ने साबित किया है कि मजबूत लक्ष्य, निरंतर प्रयास और सही मार्गदर्शन के दम पर कठिन परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है।

