नई दिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने प्रतिबंधों को दरकिनार कर भारत लाए जा रहे पाकिस्तानी मूल के 362 टन से अधिक सूखे खजूर (छुहारे) जब्त किए हैं। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। भारत में पाकिस्तान से होने वाले आयात पर फिलहाल रोक है।
मंत्रालय के अनुसार, विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर DRI अधिकारियों ने नासिक के अंबाद स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) में 13 कंटेनरों को रोका। इनमें सूखे खजूर भरे थे। यह खेप मुंबई की एक कंपनी ने आयात की थी और UAE के जेबेल अली बंदरगाह से भारत पहुंची थी। हालांकि, आयात दस्तावेजों में संयुक्त अरब अमीरात को माल का मूल देश बताया गया था।
तीसरे देश के रास्ते आयात का आरोप
DRI की शुरुआती जांच में सामने आया कि यह खेप कथित तौर पर एक सुनियोजित ट्रांसशिपमेंट व्यवस्था का हिस्सा थी। इसका उद्देश्य माल के पाकिस्तानी मूल को छिपाना बताया जा रहा है।
जांच के अनुसार, छुहारे पहले पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से UAE के जेबेल अली बंदरगाह तक एक पोत में भेजे गए थे। इसके बाद जेबेल अली में उन्हें दूसरे पोत पर लादा गया और कंटेनरों के दूसरे सेट में स्थानांतरित किया गया। फिर इन्हें भारत भेजा गया।
DRI के मुताबिक, आगे की शिपमेंट कथित तौर पर पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा संचालित कंपनियों के माध्यम से की गई थी। एजेंसी अब इस पूरी व्यवस्था से जुड़े दस्तावेजों और कंपनियों की भूमिका की जांच कर रही है।
2 मई 2025 से लागू है आयात प्रतिबंध
भारत सरकार ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान से या पाकिस्तान के रास्ते होने वाले सामानों के प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आयात और ट्रांजिट पर प्रतिबंध लगाया था। यह प्रतिबंध 2 मई 2025 से लागू हुआ था। इसे विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की अधिसूचना संख्या 06/2025-26 के माध्यम से लागू किया गया था।
इस प्रतिबंध के दायरे में पाकिस्तान से सीधे आने वाले सामानों के अलावा तीसरे देशों के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से भारत पहुंचने वाले पाकिस्तानी मूल के सामान भी शामिल हैं।
‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत कार्रवाई
DRI ने बताया कि ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत एजेंसी ऐसे पाकिस्तानी मूल के सामानों की पहचान कर रही है, जिन्हें कथित तौर पर आयात प्रतिबंधों से बचने के लिए तीसरे देशों के रास्ते भेजा जा रहा है।
विभाग के अनुसार, हालिया जब्ती उन नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा है, जो गलत जानकारी, ट्रांसशिपमेंट और आयात दस्तावेजों में हेरफेर के जरिए व्यापार प्रतिबंधों से बचने का प्रयास करते हैं।
DRI ने कहा कि ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने के साथ-साथ भारत की आपूर्ति श्रृंखलाओं में पारदर्शिता और अखंडता सुनिश्चित करना है।

