Category: समाचार

  • रांची के हिंदपीढ़ी से गायब नाबालिग लड़कियां कर्नाटक से मिलीं, अपहरण का मामला दर्ज

    रांची के हिंदपीढ़ी से गायब नाबालिग लड़कियां कर्नाटक से मिलीं, अपहरण का मामला दर्ज

    रांची: राजधानी के हिंदपीढ़ी इलाके से 11 जनवरी को रहस्यमय तरीके से गायब हुईं दो नाबालिग लड़कियों को कर्नाटक से बरामद किया गया है। रांची पुलिस ने उनकी बरामदगी की पुष्टि की है। दोनों लड़कियां सुरक्षित हैं और पुलिस टीम उन्हें रांची वापस ला रही है।

    घटना का विवरण:

    • गायब होने की तारीख: 11 जनवरी की शाम से दोनों नाबालिग लापता थीं।
    • आखिरी संपर्क: लड़कियां आधार कार्ड सुधारने के लिए घर से निकली थीं और ऑटो से लौटते समय संदिग्ध हालात में गायब हो गईं।
    • एफआईआर दर्ज: परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए अज्ञात ऑटो चालकों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था।

    पुलिस कार्रवाई:

    • टीम का गठन: घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी रांची के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई।
    • टेक्निकल ट्रेसिंग: पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद से लड़कियों की लोकेशन कर्नाटक में ट्रेस की।
    • बरामदगी: रांची पुलिस ने कर्नाटक पुलिस की सहायता से दोनों लड़कियों को बरामद किया।

    गुमशुदगी का कारण:

    • लड़कियां आधार कार्ड ठीक कराने के बाद हिंदपीढ़ी लौट रही थीं।
    • ऑटो चालक ने उन्हें गलत रास्ते पर ले जाना शुरू किया, जिससे उन्हें संदेह हुआ।
    • लड़कियों ने अपने पिता को कॉल कर घटना की जानकारी दी, लेकिन बातचीत के दौरान चालक ने मोबाइल छीन लिया।
    • इसके बाद से लड़कियों का कोई संपर्क नहीं हो सका।

    मामला तूल पकड़ा:

    घटना के बाद राजधानी में हड़कंप मच गया था।

    • मंत्री का हस्तक्षेप: राज्य सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने परिजनों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि प्रशासन हरसंभव प्रयास करेगा।
    • पुलिस का बयान: रांची पुलिस ने जनता को भरोसा दिया था कि लड़कियां जल्द बरामद होंगी।

    अगले कदम:

    पुलिस लड़कियों के रांची पहुंचने के बाद विस्तृत जांच करेगी।

    • यह स्पष्ट किया जाएगा कि यह अपहरण का मामला है या कुछ और।
    • घटना के सभी पहलुओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

    निष्कर्ष:

    इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है, लेकिन यह मामला इस बात का संकेत है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

  • बिहार सरकार के मंत्री को धमकी: 30 लाख की फिरौती का व्हाट्सएप कॉल, पुलिस जांच में जुटी

    बिहार सरकार के मंत्री को धमकी: 30 लाख की फिरौती का व्हाट्सएप कॉल, पुलिस जांच में जुटी

    पटना: बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह को व्हाट्सएप कॉल और धमकी भरे मैसेज के जरिए 30 लाख रुपये की मांग की गई है। धमकी देने वाले ने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस घटना के बाद पुलिस सतर्क हो गई है और जांच में जुटी है।


    धमकी का विवरण

    मंत्री को व्हाट्सएप पर कॉल के जरिए धमकी दी गई, जिसमें कहा गया:

    • “अगर अपनी जिंदगी चाहते हो तो 30 लाख रुपये भेज दो, वरना कहीं भी टपका दिया जाएगा।”
    • धमकी देने वाले ने मंत्री की गाड़ी का नंबर 00011 का जिक्र करते हुए कहा, “जिस गाड़ी में बैठोगे, वहीं मार दिया जाएगा।”
    • मैसेज में लिखा गया कि, “जैसे तेरा बाबा सिद्दीकी का मर्डर हुआ, वैसे ही तेरा भी होगा।”
    • धमकी देने वाले ने 2 बजे तक का समय दिया और कहा कि यह बात पार्टी के अन्य सदस्यों को भी बता दी जाए।

    पुलिस की कार्रवाई

    • धमकी मिलने के तुरंत बाद मंत्री ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
    • कोतवाली थाना प्रभारी राजन कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की।
    • लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि मैसेज और कॉल की जांच की जा रही है।
    • तकनीकी जांच के जरिए कॉल और मैसेज के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।

    पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां

    • हाल ही में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को भी धमकी दी गई थी।
    • मंत्री को मिली धमकी से यह स्पष्ट है कि राज्य में ऐसी घटनाओं का सिलसिला बढ़ रहा है।

    मंत्री और प्रशासन का रुख

    मंत्री संतोष कुमार सिंह ने मामले को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर शीघ्र ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।


    यह घटना न केवल राज्य प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती है।

  • महाकुंभ 2025: विदेशी श्रद्धालुओं ने किया अमृत स्नान, बोले- अनुभव अद्भुत और अनुपम

    महाकुंभ 2025: विदेशी श्रद्धालुओं ने किया अमृत स्नान, बोले- अनुभव अद्भुत और अनुपम

    प्रयागराज: महाकुंभ 2025 के पहले शाही स्नान में त्रिवेणी संगम पर आस्था का महासागर उमड़ा। साधु-संतों, देशी और विदेशी श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाकर अमृत स्नान का आनंद लिया। इस आध्यात्मिक आयोजन में हजारों लोग शांति, पवित्रता, और आत्मिक ऊर्जा की तलाश में खिंचे चले आए।


    विदेशी श्रद्धालुओं की अनोखी अनुभूतियां

    • रूस की जेरेमी: सात वर्षों से सनातन धर्म का पालन कर रहीं जेरेमी ने गंगा-यमुना के संगम में डुबकी लगाकर इसे तर्क और विश्वास का धर्म बताया। उन्होंने कहा, “यह अनुभव मेरी आत्मा को शांति देने वाला है।”
    • पोलैंड की क्लाउडिया: उन्होंने इसे जीवन का सबसे अद्भुत अनुभव बताया। क्लाउडिया ने कहा, “यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और आनंद को मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती।”
    • ऑस्ट्रेलिया की मंजरिका: भारत में 40 दिन से रह रहीं मंजरिका ने कहा कि महाकुंभ में आने का उनका सपना पूरा हुआ। उन्होंने इसे एक अनोखा और दुर्लभ अनुभव बताया।
    • जापान के मसाजी और मिसाकी: मसाजी, जो दूसरी बार कुंभ में आए हैं, ने इसे मंत्रमुग्ध करने वाला अनुभव बताया। मिसाकी ने कहा, “यहां आकर मुझे शांति का एहसास हो रहा है।”
    • साउथ अफ्रीका की निक्की: निक्की ने बताया कि अमृत स्नान से उन्हें अद्भुत शक्ति मिली। उन्होंने संगम के स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण की प्रशंसा की।
    • स्पेन के जोस और उनके दोस्त: जोस ने कहा, “अमृत स्नान करने से हमें नई ऊर्जा और शांति की अनुभूति हुई। यह यात्रा हमारी आत्मा के लिए धन्यकारी है।”

    आध्यात्मिकता और उत्सव का संगम

    माना जाता है कि मकर संक्रांति के दिन त्रिवेणी संगम में स्नान करना अमृतपान के समान है। विदेशी श्रद्धालुओं ने भारत की संस्कृति, आध्यात्मिकता, और मिलनसार लोगों की जमकर प्रशंसा की।


    महाकुंभ के इस भव्य आयोजन ने न केवल देशवासियों बल्कि पूरी दुनिया के श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया। यह आयोजन भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की वैश्विक पहचान को और अधिक मजबूत बना रहा है

  • सड़क हादसे में पूर्व मंत्री राजा पीटर बाल-बाल बचे, पुलिस ने कंटेनर जब्त कर चालक को पकड़ा

    सड़क हादसे में पूर्व मंत्री राजा पीटर बाल-बाल बचे, पुलिस ने कंटेनर जब्त कर चालक को पकड़ा

    खूंटी: झारखंड के पूर्व मंत्री राजा पीटर एक सड़क हादसे में बाल-बाल बच गए। यह हादसा रांची-टाटा मुख्य मार्ग पर तमाड़ थाना क्षेत्र के पास हुआ। राजा पीटर की गाड़ी को एक कंटेनर ने जोरदार टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कंटेनर को जब्त कर लिया और चालक व खलासी को हिरासत में ले लिया है।


    कैसे हुआ हादसा?

    राजा पीटर अपने होटल से बुंडू स्थित एसबीआई बैंक जा रहे थे। जब उनकी गाड़ी पोड़ाडीह कांची पुल के पास सिंगल लेन में प्रवेश कर रही थी, तभी सामने से आ रहे कंटेनर ने गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। गाड़ी का ड्राइवर साइड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन गाड़ी में सवार राजा पीटर और उनके अंगरक्षक सुरक्षित बच गए।


    पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    घटना की सूचना पाकर तमाड़ थाना प्रभारी रोशन कुमार झा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कंटेनर का पीछा कर उसे जब्त कर लिया। चालक और खलासी, जो हरियाणा के रहने वाले हैं, को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।


    राजा पीटर ने क्या कहा?

    राजा पीटर ने हादसे के बाद बताया कि टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी का एक हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, इस दुर्घटना में किसी को चोट नहीं आई, सिर्फ गाड़ी को नुकसान हुआ है।


    एफआईआर नहीं दर्ज

    फिलहाल राजा पीटर ने घटना को लेकर थाने में कोई लिखित शिकायत (एफआईआर) नहीं दी है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुर्घटना के पीछे चालक की गलती थी या कोई अन्य कारण।


    निष्कर्ष

    यह हादसा एक बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन गनीमत रही कि राजा पीटर और उनके साथियों को कोई चोट नहीं आई। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से हादसे के बाद अपराधी फरार नहीं हो सके। मामले में जांच जारी है।

  • पलामू: शराब दुकान में 45 लाख का घोटाला, ऑडिट से बचने के लिए रच दी चोरी की साजिश

    पलामू: शराब दुकान में 45 लाख का घोटाला, ऑडिट से बचने के लिए रच दी चोरी की साजिश

    पलामू (PALAMU): हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में एक सरकारी शराब दुकान में 45 लाख रुपये की शराब घोटाले का मामला सामने आया है। दुकान के मैनेजर और उसके साथियों ने चोरी की एक साजिश रचकर इसे छिपाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की सतर्कता से मामले का खुलासा हुआ और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।


    कैसे रचा गया चोरी का नाटक?

    घटना 9 जनवरी की है, जब शराब दुकान में चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस को बताया गया कि दो हथियारबंद व्यक्ति दुकान में घुसे और कर्मचारियों को बंधक बनाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया।

    जांच के दौरान, पुलिस को संदेह हुआ कि यह पूरी वारदात पहले से प्लान की गई थी। दुकान के तीन कर्मचारी – रणधीर कुमार, अभय कुमार, और विकास कुमार ने मिलकर यह साजिश रची। उन्होंने पंकज सिंह और विपिन सिंह की मदद से दुकान में चोरी का नाटक किया ताकि ऑडिट से पहले घोटाले को छिपाया जा सके।


    पुलिस की जांच और गिरफ्तारी

    पलामू एसपी रिश्मा रमेशन ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद टेक्निकल सेल की मदद से जांच शुरू की गई। जब तीनों कर्मचारियों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने घोटाले और चोरी की पूरी साजिश कबूल कर ली।

    पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से 62,600 रुपये नकद, एक पिस्टल, और एक जिंदा गोली बरामद की है।


    ऑडिट से बचने की कोशिश थी मकसद

    जांच में यह खुलासा हुआ कि दुकान में काम करने वाले कर्मचारी लंबे समय से शराब और पैसे का गबन कर रहे थे। ऑडिट की जानकारी मिलने पर, उन्होंने चोरी की योजना बनाई ताकि घोटाले को छिपाया जा सके।


    मामले का खुलासा और कार्रवाई

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह साजिश नाकाम हो गई। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, और मामले की तह तक जाने के लिए जांच जारी है।

    यह घटना न केवल सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जिम्मेदार पदों पर कार्यरत लोग किस तरह साजिश रचकर कानून को चकमा देने की कोशिश करते हैं।

  • हजारीबाग: डीसी कार्यालय के कर्मचारी पिंटू नायक की गोली मारकर हत्या, ग्रामीणों में दहशत

    हजारीबाग: डीसी कार्यालय के कर्मचारी पिंटू नायक की गोली मारकर हत्या, ग्रामीणों में दहशत

    हजारीबाग: जिले के डीसी कार्यालय के कोषागार में कार्यरत 35 वर्षीय पिंटू नायक की कसमार थाना क्षेत्र के मधुकरपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना सोमवार रात करीब 11 बजे की है, जब दो अपराधी छत के रास्ते उनके घर में घुसे और सीने में दो गोलियां मारकर उनकी जान ले ली।


    घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत

    हत्या की इस वारदात के बाद ग्रामीणों में डर और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट सदर अस्पताल भेज दिया है।


    पुलिस की जांच जारी

    पुलिस घटना की जांच में जुट गई है और अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सघन प्रयास कर रही है। घटना का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है।


    इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

    वारदात के बाद इलाके में पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने की मांग की है।


    पिंटू नायक की हत्या ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के लिए यह घटना एक चुनौती बन गई है, और ग्रामीण जल्द न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।

  • महाकुंभ 2025: संगम पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, डेढ़ करोड़ ने लगाई डुबकी

    महाकुंभ 2025: संगम पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, डेढ़ करोड़ ने लगाई डुबकी

    प्रयागराज: महाकुंभ 2025 का शुभारंभ पौष पूर्णिमा के पहले स्नान के साथ भव्य तरीके से हुआ। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था, और दोपहर 2 बजे तक 44 घाटों पर डेढ़ करोड़ से अधिक भक्तों ने पवित्र संगम में डुबकी लगाई। यह आयोजन 144 साल बाद दुर्लभ खगोलीय संयोग में हो रहा है, जो इसे और खास बनाता है।


    संगम तक 12 किमी की पैदल यात्रा

    श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते प्रशासन ने वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है। भक्त रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से 10-12 किलोमीटर पैदल चलकर संगम तक पहुंच रहे हैं। संगम पर एंट्री के सभी रास्ते श्रद्धालुओं से पटे पड़े हैं।


    विदेशी भक्तों की भी मौजूदगी

    महाकुंभ में केवल भारत ही नहीं, बल्कि जर्मनी, ब्राजील, रूस जैसे 20 से अधिक देशों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। ब्राजील से आए फ्रांसिस्को ने कहा,

    “मैं योग का अभ्यास करता हूं और मोक्ष की तलाश में हूं। भारत दुनिया का आध्यात्मिक केंद्र है। जय श्रीराम।”


    प्रशासन की विशेष तैयारी

    सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 60,000 जवानों की तैनाती की गई है। कमांडो और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी विभिन्न जगहों पर तैनात हैं। पुलिसकर्मी स्पीकर के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह विशेष व्यवस्था की गई है।


    महाकुंभ से जुड़ी दो खास बातें

    1. स्टीव जॉब्स की पत्नी की भागीदारी: एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स भी महाकुंभ में पहुंचीं। उन्होंने निरंजनी अखाड़े में अनुष्ठान किया और कल्पवास करने की तैयारी में हैं।
    2. गूगल का अनूठा फीचर: महाकुंभ की लोकप्रियता को देखते हुए गूगल ने एक खास फीचर लॉन्च किया है। ‘महाकुंभ’ सर्च करते ही स्क्रीन पर वर्चुअल फूलों की बारिश होती है।

    कल्पवास की शुरुआत

    पहले स्नान के साथ ही श्रद्धालुओं ने 45 दिनों के कल्पवास का भी संकल्प लिया। हर घंटे संगम में करीब 2 लाख लोग स्नान कर रहे हैं।


    महाकुंभ 2025 श्रद्धा और आस्था का ऐसा संगम बन चुका है, जहां हर कोने से भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। सुरक्षा और सुविधाओं की पुख्ता तैयारी के बीच यह आयोजन भारत की आध्यात्मिक समृद्धि को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित कर रहा है।

  • डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे भारत के ‘चाणक्य’, अमेरिका की नई सरकार से बढ़ाएंगे दोस्ती: एस. जयशंकर

    डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे भारत के ‘चाणक्य’, अमेरिका की नई सरकार से बढ़ाएंगे दोस्ती: एस. जयशंकर

    वॉशिंगटन: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे। इस दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वैंस भी शपथ लेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत को भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है। भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अमेरिका जाएंगे और इस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।


    विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर की महत्वपूर्ण यात्रा

    भारत सरकार के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अमेरिका का दौरा करेंगे और डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे। इस दौरान डॉ. जयशंकर नए अमेरिकी प्रशासन के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। यह यात्रा भारत और अमेरिका के रिश्तों को और भी मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।


    भारत-अमेरिका संबंधों में मजबूती की दिशा में कदम

    विदेश मंत्री की इस यात्रा से भारत-अमेरिका संबंधों को नया आयाम मिलेगा। डॉ. जयशंकर की कूटनीति को लेकर कई बार उन्हें भारत के ‘चाणक्य’ के रूप में संदर्भित किया गया है। उनकी रणनीतिक सोच और कूटनीतिक कौशल दोनों देशों के रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने में मदद करेगा।


    शपथ ग्रहण समारोह का विवरण

    डोनाल्ड ट्रंप दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। यह समारोह कैपिटल बिल्डिंग के सामने होगा, जहां अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ट्रंप को शपथ दिलाएंगे। शपथ के बाद ट्रंप अपने पहले भाषण में अमेरिकी जनता से संवाद करेंगे। इस अवसर पर निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन भी शामिल होंगे और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया का गवाह बनेंगे। गौरतलब है कि साल 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को हार का सामना करना पड़ा था, और तब उन्होंने बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में भाग नहीं लिया था।


    विशेष अतिथि और समागम

    इस विशेष शपथ ग्रहण समारोह में कई वैश्विक नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इनमें अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिली और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल हैं। इस अवसर पर जो बाइडन अपने आखिरी संबोधन में अमेरिकी नागरिकों को संबोधित करेंगे।


    निष्कर्ष

    डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की सहभागिता और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा का संचार करेगी। यह यात्रा अमेरिका और भारत के बीच राजनयिक, आर्थिक, और वैश्विक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

  • BPSC: बिहार बंद में तोड़फोड़ के लिए पप्पू यादव पर एफआईआर, पटना में हुआ था बवाल

    BPSC: बिहार बंद में तोड़फोड़ के लिए पप्पू यादव पर एफआईआर, पटना में हुआ था बवाल

    पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर रविवार को बिहार बंद के दौरान पटना में हुई तोड़फोड़ के मामले में पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।


    क्या था मामला?

    बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के कारण पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने बिहार बंद बुलाया था। इस बंद का प्रभाव पटना, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा जैसे कुछ प्रमुख शहरों में देखा गया। आरोप है कि पप्पू यादव के समर्थकों ने पटना में एक गाड़ी में तोड़फोड़ की और एक शोरूम को जबरन बंद कराया। इसके बाद इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।


    पप्पू यादव पर एफआईआर

    पटना के एक शोरूम में तोड़फोड़ करने के आरोप में पप्पू यादव समेत उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। रविवार को पटना के डीएम ने बताया कि इस घटना में शामिल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन 10 लोगों में पप्पू यादव भी शामिल हैं। पुलिस ने तोड़फोड़ और हिंसा के आरोप में कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।


    बंद के दौरान पटना में क्या हुआ?

    बंद के दौरान पप्पू यादव के समर्थक पटना के साइंस कॉलेज के पास सुबह-सुबह इकट्ठा हुए और उन्होंने गाड़ियों को रोका। इसके बाद अशोक राजपथ पर पुतला दहन किया गया और डाक बंगला चौराहे के पास यातायात को बाधित किया गया। बंद के दौरान अन्य जगहों पर भी प्रदर्शन हुए, लेकिन सबसे ज्यादा बवाल पटना में देखा गया।


    सांसद पप्पू यादव का पक्ष

    बिहार बंद के आयोजनकर्ता पप्पू यादव ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बीपीएससी परीक्षा में हुई अनियमितता को लेकर यह आंदोलन किया गया है और वे इसे पूरी तरह से शांतिपूर्वक करने का दावा कर रहे हैं। हालांकि, पटना में हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जो मामले को और जटिल बना सकता है।


    निष्कर्ष

    इस मामले ने बिहार में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। बिहार बंद और इसके बाद की हिंसक घटनाओं ने राज्य सरकार और प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा दी है। अब देखना यह होगा कि पप्पू यादव और उनके समर्थकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है और इस आंदोलन के परिणाम क्या होते हैं।

  • डीपीएस बोकारो के पूर्व छात्र हिमांशु बने श्रम प्रवर्तन अधिकारी

    डीपीएस बोकारो के पूर्व छात्र हिमांशु बने श्रम प्रवर्तन अधिकारी

    डीपीएस बोकारो के एक और होनहार छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर अपने विद्यालय और परिवार का नाम रोशन किया है। वर्ष 2015 बैच के मेधावी छात्र रहे हिमांशु कुमार का चयन श्रम प्रवर्तन अधिकारी (Enforcement Officer/Accounts Officer) के रूप में हुआ है। हिमांशु ने यह उपलब्धि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित ईपीएफओ परीक्षा में 224वीं रैंक प्राप्त कर अर्जित की है।

    देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक इस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर हिमांशु ने अपने विद्यालय के गौरव में नया अध्याय जोड़ा है। उनकी इस सफलता पर डीपीएस बोकारो के शिक्षकों, छात्रों और पूरे विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है।


    प्राचार्य की शुभकामनाएं

    डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने हिमांशु की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की और उसे उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा,
    “विद्यालय में छात्रों के सर्वांगीण विकास की प्रतिबद्धता का यह एक और प्रमाण है। हिमांशु न केवल एक मेधावी छात्र था, बल्कि सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी उसका प्रदर्शन हमेशा उत्कृष्ट रहा है।”

    डॉ. गंगवार ने हिमांशु की सफलता को विद्यालय की उपलब्धियों का नया अध्याय बताते हुए कहा कि वह अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।


    हिमांशु ने क्या कहा?

    हिमांशु ने अपनी इस सफलता का श्रेय डीपीएस बोकारो और अपने परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास के लिए उपलब्ध विभिन्न अवसरों ने उनके सपनों को नई उड़ान दी। उन्होंने कहा,
    “गांव से डीपीएस बोकारो आने के बाद मैंने करियर के अलग-अलग आयामों को पहचाना। विद्यालय में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सह-शैक्षणिक गतिविधियों जैसे वाद-विवाद प्रतियोगिता, गिटार वादन, खेलकूद आदि ने मेरे व्यक्तित्व को निखारा।”


    परिवार का योगदान

    हिमांशु ने अपनी सफलता के पीछे अपने परिवार की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया। वर्ष 1999 में पिता स्व. अनिल कुमार के निधन के बाद कठिन परिस्थितियों में उनकी माता विमला देवी ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

    तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे हिमांशु के बड़े भाई ज्ञानदीप कुमार बिहार के नालंदा में युवा जदयू के नेता हैं, जबकि मंझले भाई सुधांशु कुमार एचपीसीएल, मुंबई में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। हिमांशु ने कहा,
    “मेरे परिवार ने मेरे हर कदम पर मुझे प्रोत्साहित किया और इस मुकाम तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”


    डीपीएस बोकारो का गौरव

    हिमांशु की इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डीपीएस बोकारो न केवल शिक्षा में, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास और उनके उज्जवल भविष्य के निर्माण में भी अग्रणी है। विद्यालय के शिक्षक और छात्र उनकी सफलता से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए उत्साहित हैं।