लंदन: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने नई पीढ़ी यानी Gen-Z और Gen-Alpha को लेकर भरोसा जताया है। लंदन में ‘Celebration of Oneness’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी दुनिया को बेहतर बनाने की इच्छा रखती है और अपने छोटे-छोटे मतभेदों को पीछे छोड़कर किसी बड़े उद्देश्य के लिए काम करने को तैयार है।
मुख्य बिंदु
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मोहन भागवत ने Gen-Z और Gen-Alpha की जमकर तारीफ की
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नई पीढ़ी को ज्यादा ईमानदार बताया
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युवाओं में दुनिया को बेहतर बनाने की चाहत होने की बात कही
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युवाओं को अपने लक्ष्य हासिल करने का तरीका खुद तय करने देने की अपील
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पुरानी पीढ़ी को अनुभव और जरूरी जानकारी साझा करने की सलाह
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Gen-Z और Gen-Alpha के सवाल पूछने और तार्किक जवाब चाहने का जिक्र
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अगस्त में भी भागवत ने नई पीढ़ी को लेकर इसी तरह की टिप्पणी की थी
युवाओं पर ज्यादा भरोसा जताया
लंदन में कम्युनिटी लीडर्स के रिसेप्शन और सिविलाइजेशनल डायलॉग को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि उन्हें आने वाली पीढ़ियों पर ज्यादा भरोसा है। उनके मुताबिक, युवाओं में दुनिया को बेहतर जगह बनाने की इच्छा है और वे इस उद्देश्य के लिए व्यक्तिगत मतभेदों को पीछे छोड़ने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि युवा पुरानी पीढ़ियों की तरह आशंकाओं और पुराने अनुभवों से ज्यादा बंधे नहीं होते। जब उन्हें कोई बात सही लगती है तो वे उस दिशा में काम करने के लिए तेजी से आगे बढ़ते हैं।
उम्र के साथ बढ़ती है सावधानी
भागवत ने युवाओं और बुजुर्गों के व्यवहार में अंतर बताते हुए कहा कि उम्र बढ़ने के साथ लोगों के अनुभव बढ़ते जाते हैं। इन अनुभवों की वजह से व्यक्ति संभावित परिणामों को लेकर ज्यादा सतर्क हो जाता है।
इसके विपरीत, युवा पीढ़ी के पास जीवन के कम अनुभव होते हैं। इसलिए वे किसी काम को शुरू करने से पहले संभावित नतीजों की उतनी चिंता नहीं करते और अपनी सोच के अनुसार आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं।
युवाओं को लक्ष्य दें, तरीका नहीं
RSS प्रमुख ने कहा कि पुरानी पीढ़ी को युवाओं के सामने अपने अनुभव और जरूरी जानकारी रखनी चाहिए, लेकिन यह तय नहीं करना चाहिए कि युवा अपने लक्ष्य को किस तरीके से हासिल करें।
उनके अनुसार, युवाओं को लक्ष्य चुनने और उसे हासिल करने का रास्ता खुद तलाशने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। इससे नई पीढ़ी अपने तरीके से तेजी और प्रभावी ढंग से काम कर सकती है।
Gen-Z और Gen-Alpha के सवालों का किया जिक्र
भागवत ने सार्वजनिक मुद्दों को लेकर युवाओं के नजरिए की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज की Gen-Z और Gen-Alpha पीढ़ी पहले से बनी धारणाओं पर सवाल करती है और किसी बात को स्वीकार करने से पहले तार्किक जवाब चाहती है।
उन्होंने युवाओं के साथ ज्यादा संवाद स्थापित करने और उनके सवालों को समझने की जरूरत पर जोर दिया।
अगस्त में भी की थी नई पीढ़ी की तारीफ
मोहन भागवत ने अगस्त में मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भी Gen-Z और Gen-Alpha को लेकर ऐसी ही टिप्पणी की थी। उस दौरान उन्होंने नई पीढ़ी को मौजूदा पीढ़ी की तुलना में ज्यादा ईमानदार बताया था।
उन्होंने कहा था कि देशभक्ति और सेवा की ईमानदार अपील युवाओं के बीच प्रभावी हो सकती है। साथ ही उन्होंने युवाओं के साथ ज्यादा बातचीत और संवाद की जरूरत बताई थी।
RSS के शताब्दी वर्ष से जुड़ा कार्यक्रम
मोहन भागवत लंदन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के तहत पहुंचे हैं। ‘Celebration of Oneness’ संवाद का आयोजन हिंदू स्वयंसेवक संघ यूके (HSS UK) की ओर से किया गया।
कार्यक्रम में ब्रिटेन के 310 से ज्यादा सामुदायिक संगठनों और एसोसिएशनों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। भागवत अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दौरे पर हैं और लंदन उनकी यात्रा का अंतिम पड़ाव है।

