-हथियार बरामदगी के दौरान चतरा पुलिस से भिड़ा मुख्य शूटर, जवाबी फायरिंग में पैर में लगी गोली
उज्जवल दुनिया संवाददाता
चतरा। चतरा जिले के कोयलांचल क्षेत्र टंडवा थाना क्षेत्र में विगत दिनों सुशी चंद्रगुप्त कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। टंडवा थाना पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, फायरिंग कांड का मुख्य शूटर विकास कुमार सिंह हथियार बरामदगी के दौरान पुलिसकर्मी का पिस्टल छीनकर भागने और पुलिस पर गोली चलाने का प्रयास करते हुए मुठभेड़ में घायल हुआ है। मामले को लेकर चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि विगत 23 अगस्त को टंडवा-पिपरवार थाना क्षेत्र के उड़सू मोड़ स्थित सुशी चंद्रगुप्त कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। उन्होंने बताया कि घटना के बाद टंडवा थाना में मामला दर्ज कर एसडीपीओ टंडवा प्रभात रंजन बरवार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। गठित एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर रांची एयरपोर्ट थाना क्षेत्र से घटना में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों में रांची के सचिवालय कॉलोनी, डोरंडा निवासी विकास कुमार सिंह व हजारीबाग जिले के कटकमसांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत असधी गांव निवासी स्वराज ठाकुर शामिल हैं। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के पास से घटना में प्रयुक्त 7.65 एमएम का एक खाली खोखा, 7.62 एमएम के 19 खाली खोखे, विभिन्न कंपनियों के तीन अलग-अलग स्मार्टफोन व घटना को अंजाम देने को लेकर गैंगस्टर राहुल दुबे द्वारा यूपीआई के माध्यम से उपलब्ध कराया गया एडवांस में से 32 हजार 800 रुपये नकद जप्त किया गया है। एसपी नें बताया कि दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान फायरिंग की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों के नाम का भी खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि मामले में फरार अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
-स्वराज ठाकुर था घटना का सूत्रधार, राहुल दुबे से मंगवाई गई थी शूटरों को देने के लिये एडवांस रकम
एसपी अनिमेष नैथानी नें बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि फायरिंग की घटना का कथित सूत्रधार स्वराज ठाकुर था। घटना के बाद उसने राहुल दुबे से शूटरों के लिए 50 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से एडवांस के रूप में मंगवाए थे। साथ ही फायरिंग की घटना के बाद कंपनी से मिलने वाले रंगदारी में से भी फायरिंग की घटना में शामिल अपराध कर्मियों को हिस्सेदारी देने की बात कही गई थी। पुलिस ने इसी एडवांस की राशि में से 32 हजार 800 रुपये नकद जब्त किये हैं। पुलिस अब इस पूरे आर्थिक लेन-देन और फायरिंग की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है।
-हथियार बरामदगी के दौरान मुख्य शूटर ने पुलिस का छिना था पिस्टल
एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य शूटर विकास कुमार सिंह ने पूछताछ में फायरिंग में प्रयुक्त हथियार को भागने के दौरान एक स्थान पर छिपाकर रखने की जानकारी दी थी। इसके बाद एसआईटी विकास को साथ लेकर उसके बताए स्थान पर हथियार बरामद करने के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान बसरिया घाटी के जंगल क्षेत्र में विकास ने पुलिस को चकमा देकर एक पुलिसकर्मी का पिस्टल छीन लिया और जंगल की ओर भागने लगा। भागते समय उसने पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। अपराधी की ओर से दो गोलियां चलाई गईं। जवाब में आत्मरक्षा और पुलिस टीम की सुरक्षा के लिए पुलिस ने तीन राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में एक गोली विकास कुमार सिंह के पैर में लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में दोबारा पकड़ लिया गया। घायल अपराधी को पहले एनटीपीसी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे हजारीबाग रेफर कर दिया गया।
-एसपी ने मुठभेड़ स्थल का किया निरीक्षण, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
प्रेस वार्ता से पहले एसपी अनिमेष नैथानी स्वयं टंडवा-पिपरवार के जंगल क्षेत्र स्थित मुठभेड़ स्थल पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने घटना से जुड़े एक-एक बिंदु की जानकारी ली। मुठभेड़ स्थल पर फॉरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अब बरामद खोखों, हथियार और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
-जिले में अपराधियों के खिलाफ दूसरी जवाबी फायरिंग की घटना
चतरा जिले में अपराधियों के खिलाफ जवाबी फायरिंग की यह दूसरी बड़ी घटना बताई जा रही है, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी है। इससे पहले 6 नवंबर 2025 को पिपरवार थाना क्षेत्र में भी पुलिस कार्रवाई के दौरान एक अपराधी घायल हुआ था। टंडवा की इस ताजा घटना के बाद पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि हथियारबंद अपराधियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि झारखंड पुलिस इस तरह के हथियारबंद अपराधियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस तरह के अपराधियों के खिलाफ पुलिस लगातार कड़ा एक्शन ले रही है। जिस तरह से अपराधियों ने कार्यालय पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, वह बेहद गंभीर मामला है। पुलिस ऐसे अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शने वाली नहीं है और कानून के दायरे में उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। अपराधियों की हर गतिविधि पर पुलिस की नजर है और घटना में शामिल बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-राहुल दुबे गैंग पर शिकंजा, मुख्य शूटर का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, फायरिंग कांड के मुख्य शूटर विकास कुमार सिंह का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। पूछताछ के दौरान विकास ने वर्ष 2022 में हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल जाने की बात स्वीकार की है। पुलिस उसके अन्य आपराधिक मामलों और पुराने संपर्कों की भी जांच कर रही है। छापेमारी एवं कार्रवाई में एसडीपीओ टंडवा प्रभात रंजन बरवार, टंडवा थाना प्रभारी पप्पू शर्मा, पिपरवार थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा, एसआई प्रभात कुमार, अमित कुमार, संदीप कुमार, तकनीकी शाखा तथा रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे। फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस फायरिंग कांड में शामिल फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी और राहुल दुबे गैंग से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने पर है।

