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JNU की दीवारों पर ‘Free Umar Khalid’ और ‘Long Live Naxalbari’ के नारे, ABVP ने जताई आपत्ति

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में दीवारों पर लिखे राजनीतिक नारों को लेकर नया विवाद सामने आया है। परिसर की कुछ दीवारों पर ‘Free Umar Khalid’ यानी ‘उमर खालिद को रिहा करो’ और ‘Long Live Naxalbari’ यानी ‘नक्सलबाड़ी जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे मिलने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कड़ी आपत्ति जताई है।

ABVP की जेएनयू इकाई ने आरोप लगाया है कि इस तरह की गतिविधियों से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो सकता है। संगठन ने प्रशासन से मामले की जांच कराने, नारों को लिखने वालों की पहचान करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

वीर सावरकर के चित्र के पास आपत्तिजनक लेखन का भी आरोप

ABVP ने यह भी आरोप लगाया है कि परिसर में हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर के चित्र के पास आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखी गई हैं। संगठन का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना या किसी व्यक्तित्व के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना उचित नहीं है।

ABVP की जेएनयू इकाई के अध्यक्ष मयंक पंचाल और इकाई सचिव प्रवीण पीयूष ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

हालांकि, दीवारों पर नारे लिखने के लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी छात्र संगठन या व्यक्ति की संलिप्तता को जांच पूरी होने से पहले स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

JNU प्रशासन ने लिया संज्ञान

मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि परिसर में नारे कब और किसने लिखे। प्रशासन ने यह भी कहा है कि विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना में कौन शामिल था और विश्वविद्यालय के नियमों के तहत आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

कौन हैं उमर खालिद?

उमर खालिद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व शोधार्थी हैं। वह सितंबर 2020 से फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े कथित व्यापक साजिश मामले में जेल में हैं। इस मामले में उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आरोप लगाए गए हैं।

उनकी गिरफ्तारी और लंबे समय से जारी न्यायिक हिरासत को लेकर छात्र संगठनों तथा नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के बीच समय-समय पर बहस होती रही है। ‘Free Umar Khalid’ का नारा इसी मामले में उनकी रिहाई की मांग से जुड़ा है।

जामिया विवाद के बाद JNU में भी चर्चा

JNU में यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब इससे पहले दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की दीवारों पर ‘Free Kashmir’ और ‘Free Sharjeel Imam’ जैसे नारे लिखे मिलने की खबरें सामने आई थीं। जामिया में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी चल रहे हैं।

दोनों विश्वविद्यालयों में दीवारों पर लिखे नारों को लेकर विवाद के बीच प्रशासन की जांच और संबंधित पक्षों के दावों पर नजर बनी हुई है। फिलहाल JNU मामले में नारों को लिखने वालों की पहचान और उनकी मंशा की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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