-झारखंड में धनबाद के बाद चरही-बड़कागांव हजारीबाग जिला बन गया है कोयले के अवैध कारोबार का केंद्र
-हजारीबाग जिला के बड़कागांव, उरीमारी, गिद्दी,चरही, चुरचू क्षेत्र से दिनदहाड़े धड़ल्ले से चल रहा कोयले का अवैध कारोबार
अजय निराला उज्जवल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग। झारखंड में कोयला के अवैध कारोबारियों की चांदी कट रही है। बरसात के इस मौसम में भी कोयले का अवैध खनन और कारोबार इन दिनों बदस्तूर जारी हैl प्रदेश में बदनाम धनबाद के बाद अब हजारीबाग जिला भी कोयले के अवैध खनन और कारोबार के लिए एक बड़ा केंद्र बन गया है। जिला के कई थाना क्षेत्रों से कोयले का अवैध खनन और कारोबार वरोटोक धड़ल्ले से चल रहा है। जिला के कोयला उत्पादन के क्षेत्र में कोयल की अवैध कारोबारी का खुला राज चल रहा है। वहीं क्षेत्र के अपराधियों और रंगदारों का चारागाह बन गया है l कोयला के अवैध कारोबारियों से इन्हें एक मोटी राशि मिल रही हैl
जानकार सूत्रों की माने तो हजारीबाग जिला के बड़कागांव, चरही, चुरचू और गिद्दी थाना क्षेत्र से रोजाना दर्जनो ट्रक और हाईवा अवैध कोयला लेकर क्षेत्र में स्थित स्पंज फैक्ट्री में पहुंचा रहे हैंl गिद्दी थाना क्षेत्र के खपिया से कोयला का अवैध कारोबार दिनदहाड़े खुलेआम धड़ले से चल रहा है। खपिया में अवैध खनन कर कोयला जमा किया जा रहा है। यहां सीसीएल के चोरी किए गए कोयले को भी जमा किया जा रहा है। यहां जमा किए गए अवैध कोयला को पहले तो देर रात को स्पंज फैक्ट्री में पहुंचाया जा रहा था। लेकिन अब दिन दहाड़े जेसीबी मशीन लगाकर ट्रकों पर कोयले को लाद कर फैक्ट्री में पहुंचाया जा रहा है। बताया जाता है की गिद्दी के होसिर में स्थित स्पंज फैक्ट्री में रोजाना 50 ट्रक से अधिक अवैध कोयला पहुंचाया जा रहा है।
वही बताया जा रहा है कि हजारीबाग जिला के बड़कागांव थाना क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों से भी बड़े पैमाने पर कोयला का अवैध खनन किया जा रहा है। जिन्हें हजारीबाग जिला के दासोखाप, पन्द्रह माइल हार्ड कोक फैक्ट्री, सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित स्पंज फैक्ट्री में पहुंचाया जा रहा है l चंदन सिंह नामक व्यक्ति का चरही थाना क्षेत्र के चनारो और चुरचू थाना क्षेत्र के करगी में अवैध कोल डीपू संचालित है। इसकी सूचना चरही थाना पुलिस से लेकर जिले के पुलिस कप्तान तक को भी है। लेकिन कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन नाम का चीज नहीं दिख रहा है। जिसके कारण अवैध कारोबारियों का मनोबल सातवें में आसमान पर पहुंचा हुआ है। ऐसा नहीं है की जिले में पद स्थापित बड़े अधिकारियों को इस बात की जानकारी नहीं है। जिला से लेकर राजधानी तक सभी लोग यह बात जान रहे हैं कि कोयले का अवैध खनन और कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। वहीं जानकारों का कहना है कि हजारीबाग जिले के चरही थाना क्षेत्र भी कोयला के अवैध कारोबारियों के लिए स्वर्ग बना हुआ है। सीसीएल के हजारीबाग क्षेत्र के बंद पड़े खदानों और कोयला स्टॉक से कोयले का अवैध चोरी और कारोबार चल रहा है। इसके अलावा बड़कागांव थाना क्षेत्र के इंदिरा-पसरिया, सेहदा, चपरी, बादम, गोंदलपुरा, राउतपारा, अंबाझरना, के खदान से कोबाड़-बंदा के रास्ते प्रतिदिन दर्जनों ट्रक और हाइवा निकल कर स्थानीय स्पंज फैक्ट्री और बिहार-यूपी के मंडियों तक पहुंच रहा है। सेहदा-चपरी में अभी तीन अवैध कोयला डीपू संचालित है। इसकी पुष्टि सीआईएसएफ की छापामारी में अवैध कोयला और कोयले से लदे जब्त ट्रकों से हुई है।इसी तरह रामगढ़ जिला के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी अवैध कोयला निकालकर चुरचू थाना क्षेत्र के करगी-बोदरा, और आंगो थाना क्षेत्र के बुजुर्ग नानो, ओरिया, बंदा, तक ट्रेक्टर के माध्यम से अवैध कोयला पहुंचाया जा रहा है। इस क्षेत्र के भी अवैध कोयले को रामगढ़ जिला के स्पंज फैक्ट्री में पहुंचाया जा रहा है। हजारीबाग और रामगढ़ जिला के स्पंज फैक्ट्री कोयला के बड़े खरीददार बन गए हैं। अवैध कोयले के घंधे में रिषि सिंह,चंदन सिंह और संदीप कुमार सिंह खुलेआम कहते हैं कि नीचे से ऊपर तक मेरा मैनेज है। कौन मेरा क्या बिगाड़ लेगा।


