नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। अमेरिका में महंगाई के उम्मीद से ज्यादा रहने के आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हुई है। ब्याज दरों को लेकर बढ़ी अनिश्चितता का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा है और सोने-चांदी में गिरावट दर्ज की गई है।
अमेरिकी महंगाई से बढ़ी ब्याज दरों की चिंता
अमेरिका में शुक्रवार को जारी महंगाई के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में मुख्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी Core CPI में 0.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस सूचकांक में खाद्य और ऊर्जा की कीमतों को शामिल नहीं किया जाता है।
महंगाई के इन आंकड़ों के बाद बाजार में यह आशंका बढ़ गई कि फेडरल रिजर्व अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है। ब्याज दर बढ़ने की संभावना से निवेशक सोने जैसी गैर-ब्याज वाली परिसंपत्तियों में निवेश को लेकर सतर्क हो जाते हैं। इसका असर फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत गिरी
अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोने की कीमत करीब 0.2 प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ 4,340 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई। साप्ताहिक आधार पर भी सोने की कीमत में लगभग 1.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 0.8 प्रतिशत गिरकर 64 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती रही। सोने और चांदी के अलावा प्लैटिनम तथा पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं पर भी दबाव बना हुआ है।
गणेश चतुर्थी पर MCX में बदला कारोबार का समय
गणेश चतुर्थी के कारण भारतीय कमोडिटी बाजार में भी कारोबार के समय में बदलाव किया गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोमवार को सुबह के सत्र में कारोबार बंद रहा। एक्सचेंज पर ट्रेडिंग शाम 5 बजे शुरू होगी और रात 11:30 बजे तक चलेगी।
सुबह का सत्र बंद होने से पहले MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 1,52,655 रुपये के स्तर पर था। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव 2,34,886 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दर्ज किया गया।
कच्चे तेल की तेजी से भी बढ़ा महंगाई का दबाव
वैश्विक बाजार में भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया है। लाल सागर में समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका ने तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। इसके चलते WTI क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
यमन में हूती बलों से जुड़े घटनाक्रम, सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर जोखिम बढ़ा दिया है। इन घटनाक्रमों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है।
आगे बाजार की नजर फेड के फैसले पर
महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की चिंता बढ़ा दी है। अब निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर है। ब्याज दरों को लेकर फेड का रुख सोने और चांदी की अगली चाल के लिए अहम साबित हो सकता है।
फिलहाल वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम में बदलाव के साथ सोने-चांदी की कीमतों में आगे भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

