चंडीगढ़: 82 वर्षीय रिटायर्ड कर्नल दलिप सिंह और उनकी पत्नी रणविंदर कौर बाजवा ₹3.4 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए। ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाए और दंपति को डिजिटल गिरफ्तारी में रखा।
कैसे हुआ घोटाला?
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18 मार्च को व्हाट्सएप कॉल पर ठगों ने सिंह को बताया कि उनका नाम ₹5,038 करोड़ के घोटाले में है।
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उन्होंने सिंह का एटीएम कार्ड वीडियो कॉल पर दिखाकर विश्वास जीतने की कोशिश की।
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यह दावा किया गया कि Naresh Goyal (Jet Airways के पूर्व मालिक) ने सिंह का नाम घोटाले में घसीटा है।
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ठगों ने सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेश भेजे और जेल व संपत्ति जब्त करने की धमकी दी।
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10 दिनों (18-27 मार्च) तक सिंह और उनकी पत्नी को घर में ही कैद रहने के लिए मजबूर किया।
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ठगों ने ₹3.4 करोड़ विभिन्न खातों में जमा करवाए।
कर्नल सिंह की अपील
रिटायर्ड कर्नल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा:
“मैंने अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित किया। अब जीवन की इस अवस्था में मैं अपनी पूरी जीवनभर की बचत खो चुका हूँ। मेरी आखिरी उम्मीद चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल पर है।”
जाँच जारी
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चंडीगढ़ पुलिस साइबर सेल ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अधिकारियों का कहना है कि बैंक खातों और ट्रांजेक्शन डिटेल्स की गहन जांच की जा रही है।
यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते खतरे और डिजिटल फ्रॉड के नए तरीकों की गंभीरता को उजागर करता है।