देवघर। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच मेहनत और प्रतिभा के दम पर देवघर की दो बेटियों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुस्कान कुमारी और मौसम कुमारी का चयन अंडर-14 और अंडर-19 नेशनल वॉलीबॉल टीम के लिए हुआ है। दोनों खिलाड़ियों ने खेलो झारखंड और एसजीएफआई प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई है। उनके चयन से परिवार के साथ-साथ स्कूल, खेल जगत और जिले के लोगों में खुशी का माहौल है।
मुस्कान और मौसम अब राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी। दोनों खिलाड़ियों का सपना भविष्य में देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना है। उनकी इस उपलब्धि की खास बात यह है कि उन्होंने आर्थिक परेशानियों और सीमित खेल संसाधनों के बावजूद लगातार अभ्यास और मेहनत जारी रखी।
मुस्कान कुमारी के पिता दिवाकर सिंह ऑटो चलाकर परिवार का खर्च चलाते हैं। ऑटो से होने वाली आमदनी से घर के खर्च के साथ बच्चों की पढ़ाई और खेल से जुड़ी जरूरतें पूरी करना आसान नहीं था। बेटी की वॉलीबॉल प्रतिभा को देखते हुए उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उसे आगे बढ़ाने का फैसला किया। वहीं, मुस्कान की मां मनोरमा देवी ने भी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सिलाई का काम शुरू किया। माता-पिता ने अपनी जरूरतों से समझौता करते हुए बेटियों के सपनों को प्राथमिकता दी।
बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने को लेकर परिवार को समाज के कुछ लोगों की बातों का भी सामना करना पड़ा। कई लोगों ने बेटियों पर खेल के लिए खर्च करने को लेकर सवाल उठाए, लेकिन माता-पिता ने इन बातों की परवाह नहीं की। उन्होंने बेटा-बेटी में अंतर किए बिना दोनों को उनकी प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज मुस्कान और मौसम की सफलता परिवार के इस भरोसे को सही साबित कर रही है।

दोनों खिलाड़ियों ने खेलो झारखंड के तहत रांची में अपना प्रदर्शन किया था। बेहतर प्रदर्शन के बाद उन्हें एसजीएफआई प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला, जहां भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के आधार पर झारखंड से राष्ट्रीय स्तर के लिए कुल 12 खिलाड़ियों का चयन किया गया, जिसमें देवघर की मुस्कान और मौसम भी शामिल हैं।
अपनी सफलता का श्रेय दोनों खिलाड़ियों ने माता-पिता के साथ-साथ स्कूल की शिक्षिकाओं और वॉलीबॉल एसोसिएशन से जुड़े लोगों को दिया है। खिलाड़ियों के मुताबिक, अभ्यास और प्रतियोगिताओं के दौरान कई बार संसाधनों की कमी सामने आई, लेकिन परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव सहयोग दिया। स्कूल और खेल संघ से मिले प्रोत्साहन ने भी उन्हें आगे बढ़ने में मदद की।
सेंट मैरी उच्च विद्यालय की प्रिंसिपल क्रिस्टीना मुर्मू ने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के सामने कई तरह की चुनौतियां होती हैं, लेकिन मुस्कान और मौसम ने मेहनत के दम पर इन बाधाओं को पार किया है। उनकी सफलता स्कूल के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
दोनों खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की सफलता से देवघर के साथ पूरे झारखंड का नाम रोशन होता है। उन्होंने कहा कि देवघर और संथाल परगना क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है और ऐसी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बेहतर प्रयास किए जाएंगे।
मुस्कान और मौसम के राष्ट्रीय टीम में चयन की खबर से स्कूल के अन्य बच्चों में भी उत्साह है। स्कूल की छात्रा मौसमी कुमारी ने कहा कि दोनों बच्चियों के चयन की जानकारी मिलने के बाद दूसरे विद्यार्थी भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और सफलता हासिल करने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
मुस्कान और मौसम की कहानी सिर्फ राष्ट्रीय टीम में चयन तक सीमित नहीं है। यह संघर्ष, मेहनत और परिवार के भरोसे की कहानी भी है। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने बेटियों के सपनों को रोकने के बजाय उन्हें उड़ान भरने का मौका दिया। अब दोनों खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं और उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

