कोडरमा। तिलैया थाना पुलिस ने बैंक लूट की साजिश को नाकाम करते हुए बिहार के चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इंदरवा बस्ती में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान एक अपराधी के पैर में गोली लगी। गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन पिस्टल, 15 जिंदा कारतूस और लूट की वारदात में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया गया है।
मुख्य बिंदु :
- बैंक लूट की तैयारी कर रहे चार अपराधी गिरफ्तार
- पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में लगी गोली
- तीन पिस्टल और 15 जिंदा कारतूस बरामद
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र को बनाया था निशाना
- तीन दिनों से बैंक की रेकी कर रहे थे आरोपी
- कार्रवाई में थाना प्रभारी के पैर में भी चोट लगी
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
एसपी कुमार शिवाशीष को सूचना मिली थी कि बिहार से आए कुछ अपराधी तिलैया थाना क्षेत्र के इंदरवा बस्ती स्थित एक मकान में ठहरे हुए हैं और बैंक लूट की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
सोमवार देर रात पुलिस टीम ने करीब तीन घंटे तक अभियान चलाया। पुलिस जब इंदरवा बस्ती स्थित मकान पर पहुंची तो वहां मौजूद अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसके तीन साथियों सन्नी, अतुल और अमन को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया।
घायल प्रिंस को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, फायरिंग से बचाव के दौरान तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के पैर में भी चोट आई है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र को लूटने की थी तैयारी
पुलिस पूछताछ में घायल आरोपी प्रिंस पांडेय ने बताया कि हाजीपुर के निरंतर सिंह की योजना के तहत वह अपने साथियों के साथ कोडरमा बाजार स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में लूट करने आया था। चारों आरोपी पिछले तीन दिनों से इंदरवा बस्ती में राय जी नामक व्यक्ति के मकान में किराए पर रह रहे थे।
आरोपियों ने बैंक की लगातार रेकी की थी और एक-दो दिन के भीतर लूट की वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी। पूछताछ में प्रिंस ने बताया कि गिरोह का कथित सरगना निरंतर सिंह गूगल मैप के जरिए बैंक की लोकेशन तलाशता है और इसके बाद अपने साथियों को संबंधित जगह भेजकर रेकी कराता है।
गोल्ड लोन की वजह से बैंक को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए निशाना बनाया गया था क्योंकि वहां गोल्ड लोन की सुविधा होने के कारण बड़ी मात्रा में सोना मिलने की संभावना थी। प्रिंस ने बताया कि वह पहली बार बैंक लूट के इरादे से कोडरमा आया था।
एसपी ने अस्पताल पहुंचकर ली जानकारी
करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान एसपी कुमार शिवाशीष लगातार पुलिस टीम से कार्रवाई की जानकारी लेते रहे। अभियान पूरा होने के बाद रात करीब 2 बजे एसपी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले घायल तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार का हाल जाना और बाद में पूरे मामले की जानकारी ली।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों और बैंक लूट की साजिश में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

