Author: ujjwalduniyapress

  • जिले में मजदूरों को नहीं मिल रहा रोजगार, दूसरे राज्य में पलायन करने को मजबूर

    नितेश जायसवाल/उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/लातेहार । जिले में मजदूरों को रोजगार देने का संकल्प कागजों में सिमटता जा रहा है। करोना काल में प्रवासी मजदूर काफी मुसीबतों का सामना कर घर लौटे हैं। घर लौटने के बाद मजदूरों की स्थिति काफी दयनीय हो गई उन्हें अबतक रोजगार प्राप्त नहीं हुआ है । ऐसी स्थिति में मजदूर मजबूर होकर काम की तलाश में बाहर का रुख कर रहे हैं।
     अब जिले के कई प्रखंडों से मजदूरों का पलायन जारी है।

    लातेहार के हेरहंज चंदवा ,बालूमाथ,मनिका,गारू, महुआटांड समेत कई प्रखंडों से मजदूर बेबस होकर दूसरे राज्यों में काम पर जाने को मजबूर  हैं। प्रतिदिन बिचौलियों व ठेकेदारों के द्वारा बोलेरो,बस,ट्रेन के द्वारा लोगों को दूसरे राज्य ले जाया जा रहा हैं। कुछ मजदूरों को तो बिना निबन्धन या बिना रजिस्ट्रेशन कराए ही ठेकेदारों के द्वारा ले जाया जा रहा हैं। हेरहंज प्रखंड के सभी पंचायतों से मजदूरों को ले जाया जा रहा हैं । वहां के दर्जनों मजदूरों ने बताया कि वे काम करने को लेकर बेंगलुरु, अहमदाबाद को जा रहे हैं। उन्हें एडवांस के तौर पर 10 से 12 हजार रुपए प्राप्त हुए हैं। ठेकेदार ने उन्हें काम के बदले प्रतिदिन तीन सौ रुपए देने का वादा किया है। वहीं कहीं कहीं तो दुगना मजदूर के नाम पर भी मजदूरों को ले जाया जा रहा है। 

    इधर जिले के लगभग सभी प्रखंड से भी मजदूरों का पलायन प्रतिदिन कई छोटी बड़ी गाड़ियों से बाहर जाने का सिलसिला जारी है। इधर विभाग की माने तो जिले में मनरेगा के अलावे कई योजनाएं चल रही है जिसमें मजदूरों को काम मिला है। लेकिन लगता हैं कि सभी मजदूरों का सिर्फ कागज पर नाम तक ही सीमित रह गया हैं । जिला प्रशासन व प्रखण्ड प्रशासन मजदूर पलायन को रोक पाने में असफल साबित हो रहे है। जिले में मनरेगा योजनाएं सिर्फ कागज में ही पूरा होती हैं जिसके कारण लोग पलायन करने के लिए मजबूर हैं।हर गांव में पांच योजनायें संचालित कर लोगों को काम मुहैया करवाना था। लेकिन बहुत ऐसे गांव हैं जहाँ एक भी योजना को अब तक संचालित नहीं किया गया हैं। 

  • न दाम मिलेगा, न सम्मान…अपने ही खेतों में मजदूर बन जाएगा किसान

    उज्ज्वल दुनिया /रांची । झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा है कि संसदीय परंपरा और संवैधानिक व्यवस्था की अनदेखी कर संसद में पारित कृषि संबंधित तीन काले कानूनों के कारण किसानों की एमएसपी छीन ली जाएगी और उन्हें कांट्रेक्ट फॉर्मिंग के जरिये खरबपतियों का गुलाम बनने पर मजदूर किया जाएगा। उन्हें न दाम मिलेगा, न सम्मान मिलेगा, किसान अपने ही खेत में मजदूर बन जाएगा। 

    राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत लातेहार में आज संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि जिस वप्रधानमंत्री को रबी और खरीफ फसलों में अंतर पता नहीं, वह किसानों का भला क्या खाक करेगा, इसलिए कहा जाता है-नीम हकीम खतरा-ए-जान। उनका ट्वीट पढ़े, उन्हें धान और गेंहू का अंतर पता नहीं है। 

    प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि नये कृषि कानून से किसान गुलाम बन जाएंगे । संसद में संविधान का गला घोंटा जा रहा है । खेत-खलिहान को पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने का षड़यंत्र किया जा रहा है। हरित क्रांति को हराने की साजिश की जा रही है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि नरेंद्र मोदी कसम तो किसानों की खाते है, लेकिन फायदा चंद पूंजीपति मित्रों को पुहंचाते है। 
    इस मौके पर पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे और प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि रोहित प्रियदर्शी उरांव भी उपस्थित थे।

  • मैं पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता, जो जिम्मेदारी मिली है उसे निभाऊंगा

    उज्ज्वल दुनिया /रांची । भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी का एक अनुशासित कार्यकर्ता हूं, जो पार्टी के साथ आगे बढ़ रहा है। हम सभी हृदय से सदैव कार्यकर्ता ही रहेंगे। पार्टी द्वारा मुझे दिए गए इस महत्वपूर्ण दायित्व को मैं पूरी जिम्मेदारी और क्षमता के साथ निभाऊंगा। जो आदर्श और विचारधारा की विरासत डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी से मिली है, मैं उसे पूरी तरह से कायम रखूंगा। मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता को यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का हृदय से आभार और धन्यवाद करता हूं।

  • सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस की लापरवाही से नष्ट हुए सबूत या जानबूझकर सबूत को मिटाया गया?

    उज्ज्वल दुनिया /रांची : राजधानी के लोअर बाजार थाना क्षेत्र में पुरानी पुलिस लाइन के समीप स्थित पुलिस गेस्ट हाउस में 12 अगस्त को 14 वर्षीया छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किये जाने के मामले में अनुसंधान के दौरान लापरवाही बरती गयी है। अनुसंधान के दौरान लापरवाही बरतने की वजह से मामले में केस से जुड़े साक्ष्य भी नष्ट हो गये हैं।

    इस बात का खुलासा तब हुआ, जब प्रभारी डीजीपी के निर्देश पर रांची रेंज के डीआईजी अखिलेश कुमार झा और दूसरे पुलिस पदाधिकारियों ने इस केस की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पाया गया है कि पुलिस गेस्ट हाउस के जिस कमरे में छात्रा के साथ रेप हुआ था। घटना के एक महीना बाद पुलिस उस कमरे में जांच के लिए पहुंची। कमरे के बेड में घटना के दिन का चादर भी बेड पर ही पड़ा हुआ था। लेकिन पुलिस के पहुंचने से एक दिन पहले बेड का चादर बदल दिया गया था।

    लेकिन इस अवधि में चादर जप्त कर एफएसएल के पास नहीं भेजने की वजह से घटना से जुड़े साक्ष्य नष्ट और बर्बाद हो गये। इसी तरह से पुलिस ने अनुसंधान के दौरान नाबालिग का मेडिकल जांच तो करवाया, लेकिन पुलिस ने उसके द्वारा घटना के दिन पहने गये कपड़े को एफएसएल से जांच करवाने के लिए जप्त नहीं किया। जिसके कारण भी घटना से संबंधित साक्ष्य नष्ट हो गये।
    इसके अलावा घटना के मुख्य आरोपी विपुल जिसे पूर्व में पुलिस नाबालिग के अपहरण के आरोप में जेल भेज चुकी है। पुलिस ने उसका भी मेडिकल जांच रेप से संबंधित साक्ष्य एकत्र करने के लिए नहीं करवाया था। अब पुलिस के पास इस घटना को वैज्ञानिक रूप से स्थापित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है। क्योंकि आरोपी विपुल का साधारण मेडिकल जांच हुआ था।

    इसलिए घटनास्थल से अब विपुल का डीएनए बरामद करने के लिए पुलिस के पास कोई उपाय नहीं है। इसके अलावा भी पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान के बिंदु पर कुछ अन्य लापरवाही भी बरती है। अनुसंधान के मामले में लापरवाही बरतने की बात को सीनियर पुलिस अधिकारियों ने भी गंभीरता से लिया है।

    मामले में साक्ष्य नष्ट करने वाले पुलिस अफसरों के खिलाफ साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में कार्रवाई की जा सके। इसपर भी पुलिस अधिकारी विचार कर रहे हैं। हालांकि अभी इस पर कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।

    मामले में अनुसंधानकर्ता के अलावा रांची जिला के सीनियर पुलिस अधिकारियों के स्तर से भी अनुसंधान में लापरवाही बरतने की बात सामने आ रही है। क्योंकि घटना घटना के एक माह बीत जाने के बावजूद सीनियर अधिकारियों के स्तर केस के अनुसंधानकर्ता को कोई दिशा निर्देश नहीं दिया गया था।

    एक तरफ से इस केस की मॉनिटरिंग भी सीनियर अधिकारियों के स्तर नहीं की गयी थी। उल्लेखनीय है कि 12 अगस्त को नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म की घटना पुलिस गेस्ट हाउस में घटना घटी थी। इसके बाद नाबालिग डालटेनगंज अपने परिचित के पास चली गई थी। जिसके कारण घटना की असली जानकारी उसके पिता को भी नहीं मिल सकी थी।

    उन्होंने 13 अगस्त को अपनी बेटी के अपहरण का केस लोअर बाजार थाने में दर्ज करवाया था। पुलिस इस अपहरण केस में पूर्व में विपुल और करण नामक युवक को न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। वहीं पुलिस इस केस में एक एएसआई राजकुमार शर्मा को जेल भेज चुकी है। नाबालिक के साथ रेप की पुष्टि तब हुई थी जब 18 अगस्त को सीडब्ल्यूसी ने पीड़ित नाबालिग का बयान लिया था।

  • तलाकशुदा महिला का आठ साल तक करता रहा यौन शोषण, अब उसके बच्चे पर बुरी नजर

    उज्ज्वल दुनिया /रांची:पटना एम्स में तैनात तलाकशुदा महिला के बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर पिछले 8 वर्षों से उससे शारीरिक संबंध बनाने साथ ही बच्चे के साथ भी रेप का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित महिला के द्वारा रांची के चुटिया थाने में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की खबर है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ कर गहनता से छानबीन की जा रही है।

    ]पीड़ित महिला के आरोपों के अनुसार संजीव कुमार करीब 8 साल से उसके साथ नजदीकियां बढ़ाते हुए जबरन शारीरिक संबंध बना रहा था। आरोपित ने महिला के बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर उसको अपने हवस का शिकार बनाया है। पीड़िता के मुताबिक आरोपित की नजर उसकी संपत्ति पर थी और उसी वजह से वह उससे शादी करना चाहता था और मना करने पर उसके बच्चे के साथ मारपीट करता था। जबरदस्ती महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाता था।
    महिला ने कहा कि आरोपित संजीव कुमार ने उसको और उसके बच्चे को जबरदस्ती 24 सितंबर को पटना से रांची लाया।उसे पटना से रांची स्थित एक होटल में ले आया फिर उसके साथ गलत काम किया।

    पीड़िता का बयान है कि उसे डरा धमका कर उसके पैसे से ऐश करता था। बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर पीड़िता के एटीएम कार्ड भी ले लिया है। पीड़िता के अनुसार, एक माह पहले आरोपी ने जबरन उसे डरा धमका कर रजिस्ट्री ऑफिस में शादी करने के लिए आवेदन दिया था। जब पीड़िता ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया तो वह पटना आ गया। फिर आरोपी संजीव कुमार ने उसे और उसके बेटे को जबरन रांची ले गया और उससे रेप भी किया।

  • जेपी नड्डा की नई टीम में रघुवर दास और अन्नपूर्णा देवी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

    समीर उरावं अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए 

    उज्ज्वल दुनिया /नई दिल्ली ।  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को राष्ट्रीय टीम घोषित कर दी। राष्ट्रीय महासचिव पद से राम माधव, पी मुरलीधर राव, सरोज पांडेय और अनिल जैन की जगह नए चेहरों को मौका दिया गया है। जेपी नड्डा की टीम में कुल 12 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आठ राष्ट्रीय महासचिव, 13 राष्ट्रीय सचिव और 23 राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए गए हैं।
    ये बने राष्ट्रीय उपाध्यक्षडॉ. रमन सिंह, वसुंधरा राजे सिंधिया, राधा मोहन सिंह, बैजयंत जय पांडा, रघुबर दास, मुकुल रॉय, रेखा वर्मा, अन्नपूर्णा देवी, डॉ. भारती बेन शियाल, डीके अरुणा, एम चौबा एओ, अब्दुल्ला कुट्टी

    ये बने राष्ट्रीय महामंत्री

    भूपेंद्र यादव, अरुण सिंह, कैलाश विजयवर्गीय, दुष्यंत कुमार गौतम, डी पुरुन्देश्वरी, सीटी रवि, तरुण चुग, दिलीप सैकिया

    ये बने राष्ट्रीय मंत्री

    विनोद तावड़े, विनोद सोनकर, विश्वेश्वर टुडू, सत्या कुमार, सुनील देवधर, अरविंद मेनन, हरीश द्विवेदी, पंकजा मुंडे, ओम प्रकाश ध्रुवे, अनुपम हाजरा, डॉ. नरेंद्र सिंह, विजया रहाटकर, डॉ. अलका गुर्जर

    ये बने राष्ट्रीय प्रवक्ता

    अनिल बलूनी, संजय मयूख, संबित पात्रा, सुधांशु त्रिवेदी, शाहनवाज हुसैन, राजीव प्रताप रूडी, नलिन एस कोहली, राजीव चंद्रशेखर, गौरव भाटिया, जफर इस्लाम, टॉम वडक्कन, संजू वर्मा, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, इकबाल सिंह लालपुरा, सरदार आरपी सिंह, राज्यवर्धन सिंह राठौर, अपराजिता सारंगी, हिना गावित, गुरुप्रकाश, मम्होनलुमो किकन, नुपूर शर्मा, राजू बिष्ट, केके शर्मा

    अन्य पदों पर हुई नियुक्तियां

    बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव संगठन पद पर बरकरार रहेंगे। उनके साथ राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री वी सतीश, सौदान सिंह और शिव प्रकाश का भी पद बरकरार है। बीजेपी आईटी सेल हेड पद पर अमित मालवीय भी बरकरार हैं। तेजस्वी सूर्या को भाजपा युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष डॉ. के लक्ष्मण और किसान मोर्चा का अध्यक्ष राजकुमार चाहर और अनुसूचित जाति मोर्चा का लाल सिंह आर्य और अनुसूचित जनजाति का समीर ओरांव को अध्यक्ष बनाया गया है। जमाल सिद्दीकी को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। कोषाध्यक्ष पद पर राजेश अग्रवाल की नियुक्ति हुई है।

  • स्वच्छ भारत में अस्वच्छ बॉलीवुड का क्या काम: केंद्रीय मंत्री

    जोधपुर । बॉलीवुड में चल रहे अवैध ड्रग्स मामले को लेकर गोरखपुर से सांसद और मशहूर अभिनेता रवि किशन ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। शेखावत ने कहा कि स्वच्छ भारत में अस्वच्छ बॉलीवुड का कोई काम नहीं है। 

    शेखावत ने कहा कि सांसद रवि किशन द्वारा बॉलीवुड में चल रहे अवैध ड्रग्स मामले को लेकर संसद में उठाए गए गंभीर मुद्दे ने देश का ध्यान आकर्षित किया है। हमारी युवा पीढ़ी बॉलीवुड के कलाकारों से प्रभावित रहती है, ऐसे में सांसद रवि किशन द्वारा कलाकारों की साफ छवि को लेकर देश की संसद में चिंता व्यक्त करना सराहनीय है। शेखावत ने कहा कि मैं सांसद रवि किशन को इस अत्यावश्यक विषय पर पहल करने की बधाई देता हूं। पिछले दिनों शेखावत ने ट्वीट करके अभिनेत्री कंगना रनौत का समर्थन भी किया था। उन्होंने कहा था कि जहां हमारी सरकार देश के लोगों को स्वच्छ भारत देने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं वास्तव में नशा मुक्त स्वच्छ भारत को प्राप्त करने के लिए हमें राष्ट्र के हर कोने में पद्मश्री कंगना रनौत जैसे साहसी और राष्ट्रवादी लोगों की आवश्यकता है।

  • पठानकोट सेक्टर से सेना ने पकड़ा पाकिस्तानी कबूतर

    चंडीगढ़ । भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित बमियाल सेक्टर में शनिवार सुबह एक पाकिस्तानी कबूतर संदिग्ध हालत में पकड़ा गया है। पठानकोट जिला लंबे समय से पाकिस्तानी आतंकियों के निशाने पर है। पाकिस्तानी कबूतर पर सियालकोट की मोहर लगी हुई है। दावा किया जा रहा है कि बीएसएफ ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।बुधवार रात भी इस तरह का घटनाक्रम हो चुका है। गश्त के दौरान बीएसएफ ने टिंडा फारवर्ड पोस्ट के पास पाकिस्तान की तरफ से आए लाइट लगे गुब्बारे पकड़े थे। शनिवार को हुए घटनाक्रम के बारे में पठानकोट के एसपी ऑपरेशन हेमपुष्प शर्मा ने बताया कि एक कबूतर बार-बार एरिया में चक्कर काट रहा था। इसे देखकर बीएसएफ के जवान सतर्क हो गए और उन्होंने उसे पकड़ लिया। कबूतर की जांच करने पर पाया गया कि यह पाकिस्तान की तरफ से भेजा गया है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक इसके पंखों पर सियालकोट ग्रुप के नाम की मुहर लगी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा यह जांच की जा रही है कि कबूतर में किसी तरह की चिप या डिवाइस तो नहीं लगी है। कबूतर को स्कैन किया जा रहा है। इसके अलावा कबूतर की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

  • एनसीबी ने साढ़े 5 घंटे तक किया फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से पूछताछ

    सारा अली खान, श्रद्धा कपूर से पूछताछ जारी

    मुंबई, 26 सितंबर (हि.स.)।  सुशांत सिंह मौत प्रकरण में ड्रग्स एंगल की छानबीन में शनिवार को नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से साढ़े 5 घंटे तक गहन पूछताछ की है। लेकिन एनसीबी दीपिका से पूछताछ से संतुष्ट नहीं हुई है, इसलिए फिर से उनको बुला सकती है। इसी मामले में फिल्म अभिनेत्री श्रद्धा कपूर, सारा अली खान और प्रियंका प्रकाश से एनसीबी की पूछताछ जारी है। एनसीबी ने इन सबका मोबाइल फोन बरामद कर लिया है।  सुशांत सिंह मौत मामले में ड्रग्स एंगल की जांच कर रही एनसीबी ने सबसे पहले फिल्म अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को चैट के आधार पर गिरफ्तार किया था। रिया से पूछताछ ने बाद एनसीबी ने इस मामले में क्वान टैलेंट कंपनी की मैनेजर जया साहा से पूछताछ किया था। जया साहा ने दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर के नाम एनसीबी को बताए थे। जया साहा ने ड्रग संबंधी मोबाइल चैट भी एनसीबी को सबूत के दौर पर दिया। इस चैट ग्रुप की एडमिन दीपिका पादुकोण थीं। इतने सबूत मिलने के बाद शनिवार को एनसीबी ने दीपिका पादुकोण, श्रद्धा कपूर, श्रद्धा कपूर और करिश्मा प्रकाश को छानबीन के लिए बुलाया था। सूत्रों के अनुसार दीपिका ने पूछताछ में व्हाट्सअप ग्रुप की बात स्वीकार कर ली है। दीपिका ने एनसीबी को बताया कि चैट में प्रयुक्त माल शब्द का मतलब ड्रग नहीं है, वह सिगरेट की बात कर रही थीं। इसी तरह उन्होंने कभी भी ड्रग न लेने की बात एनसीबी को बताया है। पूछताछ करते समय एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर के.पी.एस.मलहोत्रा खुद उपस्थित थे। एनसीबी ने दीपिका से दर्जनों सवाल किए लेकिन दीपिका ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। एनसीबी की टीम फिल्म अभिनेत्री सारा अली खान, श्रद्धा कपूर व करिश्मा प्रकाश से पूछताछ कर रही है। सारा अली खान ने बताया कि वह सुशांत सिंह के साथ लिव इन रिलेशन में थीं। सारा ने एनसीबी को बताया कि वह सुशांत के साथ थाईलैंड गई थीं और सुशांत शुटिंग के दौरान ड्रग का सेवन करते थे। एनसीबी की पूछताछ अब भी जारी है। 

  • पत्रकारिता का मौजूदा स्वरूप मालिक के संपादक बनने की वजह : केएन गोविंदाचार्य

    राजीव मिश्र (हिन्दुस्तान समाचार)

    पटना, 26 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संस्थापक, राष्ट्रीय चिंतक और विचारक केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि पत्रकारिता का मौजूदा स्वरूप मालिक के संपादक बनने की वजह है। टीवी पत्रकारिता में कंटेंट का अभाव और आवाज पर जोर है। इससे उसकी विश्वसनीयता कमजोर हुई है। लेकिन, आज भी प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता ज्यादा है और उसे बनाये रखने की जरूरत है।

    प्रतियोगिता के दौर में आपाधापी बढ़ी है। इससे तथ्य कमजोर हो गये हैं या कह सकते हैं गुम हो गये हैं। उन्होंने कहा कि भावना से शहीद हुआ जा सकता है, पर विजयी नहीं। विजयी होने के लिए संयम और धैर्य की जरूरत है और यह हर क्षेत्र में लागू होता है। शुक्रवार की शाम वे हिन्दुस्थान समाचार के दफ्तर में अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।

    अपने अध्ययन अवकाश के 20 साल पूरा होने पर गंगा किनारे अध्ययन यात्रा पर निकले राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संस्थापक, राष्ट्रीय चिंतक और विचारक केएन गोविंदाचार्य बक्सर, आरा होते हुए पटना पहुंचे। उन्होंने बताया कि अध्ययन यात्रा पर निकलने का उद्देश्य 20 वर्ष पूर्व की गई यात्रा के परिपेक्ष्य में वर्तमान समय को देखना और दर्ज करना है। पटना से मुंगेर, भागलपुर, साहेबगंज, फरक्का होते हुए उनकी यात्रा संपन्न होगी।

    गोविंदाचार्य ने कहा कि संस्कार से देश का विकास होगा। बिना संस्कारों के भारत का निर्माण नहीं कर सकते हैं। गंगा जी और गौमाता की चिंता किए बगैर स्वदेशी विकास संभव नहीं है। यहां की परंपरा और कृषि को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि नक्सली, वामपंथी जैसी ताकतें नये सिरे से एकजुट होने का प्रयास कर रही हैं और देश को अस्थिर करने के फिराक में हैं।

    तीन तलाक, अनुच्छेद 370 समाप्त करना नरेंद्र मोदी सरकार के सांस्कृतिक और साहसिक कदम

    गोविंदाचार्य ने कहा कि तीन तलाक और अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के अलावा राम मंदिर, नई शिक्षा नीति ये कुछ बड़े काम हुए हैं। इसके बारे में पहले सिर्फ चर्चा हुआ करती थी, लेकिन अब बदलाव हुए हैं। इससे उत्साह है। यह नरेंद्र मोदी सरकार का सांस्कृतिक और साहसिक कदम है। इससे देश का आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का आत्मनिर्भर भारत का संकल्प अच्छा है।