रांची: जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी की जांच लगातार जारी है। अदालत ने टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी की रिमांड अवधि तीन दिन और बढ़ा दी है। वहीं, पूछताछ पूरी होने के बाद उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पूछताछ में सामने आए अहम बिंदु
- एसटीएफ के आईजी अनूप बिरथरे की अध्यक्षता में गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है।
- जांच टीम अब तक 60 से अधिक संदिग्धों के बयान दर्ज कर चुकी है।
- सीआईडी अभय तिवारी से लगातार पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
- पूछताछ में अभय ने कथित तौर पर 12-12 लाख रुपये लेकर प्रश्नपत्र लीक कराने की बात बताई थी।
- आरोप है कि बोकारो में अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे।
- जांच में अभय के भी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होने और इसी के जरिए परीक्षा में सफल होने का दावा सामने आया है।
वेबेल एजेंसी भी जांच के घेरे में
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसी वेबेल पर भी पेपर लीक में संलिप्तता के आरोप लगे हैं। सीआईडी एजेंसी के मालिक मिथिलेश सिंह की तलाश कर रही है। जांच एजेंसी के मुताबिक, मिथिलेश सिंह से पूछताछ मामले की कई महत्वपूर्ण कड़ियों को स्पष्ट कर सकती है।
14वें जेपीएससी फर्जीवाड़े में 2 सितंबर को सुनवाई
इधर, 14वें जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांग्ते समेत पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 2 सितंबर की तारीख तय की है।
सीआईडी ने सुनवाई के दौरान अदालत में केस डायरी भी प्रस्तुत की। जमानत याचिका दाखिल करने वालों में एल खियांग्ते, अभय कुमार तिवारी, श्वेता गुप्ता, सुमन सौरव और उमेश कुमार शामिल हैं।
सीआईडी ने एल खियांग्ते को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था, जबकि टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी को 22 जुलाई को गोड्डा से गिरफ्तार किया गया था। श्वेता गुप्ता उस समय जेपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थीं।

