संदिग्ध आईएस आतंकी के घर से मिली फिदायीन जैकेट

पत्नी के समझाने के बावजूद नहीं माना और करता रहा फिदायीन हमले की तैयारी 

संदिग्ध आईएस आतंकी अबू यूसुफ दो वर्षों से घर पर जुटा रहा था बारूद 

बलरामपुर । दिल्ली में शनिवार को गिरफ्तार किये गए आईएस आतंकवादी अबू यूसुफ उर्फ मोहम्मद मुस्तकीम के पैतृक घर से यूपी एटीएस ने विस्फोटक सामग्री के साथ ही फिदायीन हमले के लिए तैयार की गई जैकेट भी बरामद की है। वह दो वर्षों से बारूद और अन्य विस्फोटक सामग्री इकट्ठा कर रहा था। 
आतंकी की पत्नी आयशा ने यह स्वीकारा कि उसके पति ने घर पर बारूद और अन्य सामग्री इकट्ठा कर रखी थी। वह थोड़ा-थोड़ा करके सामान लाते और खाली बक्से में रखते थे। उसको इस बात की भी नहीं जानकारी है कि उसके पति ने इसकी ट्रेनिंग मोबाइल से ली या किसी और से और वो यह सब किसके लिए कर रहे थे। जब मैंने उनसे कहा कि उन्हे ऐसा काम नहीं करना चाहिए, तो मुझसे कहा कि मुझे इस काम के लिए नहीं रोकना चाहिए। पत्नी ने कहा कि उसके चार बच्चे हैं, मैं इन बच्चों को लेकर कहां जाऊंगी तो उसने कहा कि सब अल्लाह मालिक है। इस तरह से हमारी बातों को टाल देते थे। 

घर में तलाशी, बरामद हुई सामग्री 

दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद एटीएस और पुलिस ने यूसुफ के घर की तलाशी ली। अबू यूसुफ के घर से भूरे रंग के रंग की जैकेट में 3 विस्फोटक पैकेट और नीले रंग की एक चेक जैकेट में 4 विस्फोटक पैकेट मिले, जिन्हें सुरक्षित रूप से हटा दिया गया। चमड़े की बेल्ट में 3 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक मिला है। इस दौरान 3 सिलेंड्रिकल मेटल बॉक्स, टारगेट प्रेक्टिस के लिए वुडन कार्ड, आईएस का एक झंडा, 30 से ज्यादा बॉल बियरिंग बरामद हुई है। 

जा चुका सऊदी अरब 

यूसुफ की पत्नी आयशा ने बताया कि बारूद, छर्रे, बेल्ट जैकेट, बैटरी और तार पुलिस बीती रात अपने साथ ले गई है। यह बारूद यूसुफ 2 साल से इकट्ठा कर रहा था। उससे सम्पर्क रखने वालों के घर पर भी तलाशी ली गयी है। यहां से कुछ दस्तावेज व कुछ लोगों के मोबाइल कब्जे में लिये गए हैं। पत्नी आयशा ने बताया कि मुस्तकीम कुछ वर्ष पहले मुंबई में पीओपी का काम कर रहा था। उसके बाद वह टूरिस्ट वीजा पर छह माह के लिए दुबई भी गया था। वर्ष 2006 में चार वर्ष के लिए सऊदी अरब गया था। पुलिस को तलाशी के दौरान पत्नी व बच्चों के नाम पासपोर्ट भी मिला है। 

बोले ​पिता, पता होता तो देता पुलिस को सूचना 

गिरफ्तार आतंकी मुस्तकीम के पिता मोहम्मद कफील अहमद ने बताया कि उसका अपना अलग कमरा था और उसी में ही रहते थे। हम तो अपनी खेती-बाड़ी के काम में लगे रहते थे, इसलिए कभी नहीं पता चल पाया कि वह इस काम में लगा है। हमें ऐसे लड़के की जरूरत नहीं। बहू ने भी कुछ नहीं बताया। अगर हमें कुछ पता होता तो सबसे पहले पुलिस को वह खुद सूचना करते। पिता ने यह भी बताया कि वह घर से यह बताकर निकला था कि लखनऊ के चंदन हॉस्पिटल में मामा के लड़के का ऑपरेशन है, उसे देखने जाना है। पिता ने खुद के बुढ़ापे, बहू और उसके चार बच्चों का हवाला देकर पुलिस से उसे सुधारने और माफी की अपील की है। 

पुलिस गांव में डाले है डेरा 

आतंकी गतिविधियों में संलिप्त युसुफ के गांव में एटीएस और दिल्ली पुलिस की टीमें डेरा डाले हुए हैं। मामले में और साक्ष्य को जुटाने के लिए टीमें जगह-जगह ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। अबु यूसुफ से काफी देर तक पूछताछ के बाद यूपी एटीएस ने देर रात उतरौला से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इस दौरान तीन लोगों को छोड़ने जाने की भी बात कही जा रही है। 

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