दिव्यांग छात्रों को आरक्षण न देने पर यूपीएससी को हाई कोर्ट का नोटिस

नई दिल्ली, 10 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रीलिम्स परीक्षा में दिव्यांग छात्रों को वैधानिक आरक्षण नहीं देने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने यूपीएससी और केंद्र सरकार को 31 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

संभावना सोसायटी ने दायर याचिका में कहा है कि यूपीएससी की प्रीलिम्स परीक्षा के लिए जारी नोटिफिकेशन में नियुक्तियों का सही आंकड़ा नहीं बताया गया है। उसकी जगह नोटिफिकेशन में कहा गया है कि संभावित नियुक्तियां 796 पदों पर होंगी। ऐसी स्थिति में दिव्यांग कैटेगरी के लिए 4 फीसदी पदों की गणना करना असंभव है। याचिका में कहा गया है कि यूपीएससी के नोटिफिकेशन में संभावित नियुक्तियों जैसे शब्द का इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है।

याचिका में कहा गया है कि अगर संभावित नियुक्ति जैसे शब्द को स्वीकार भी कर लिया जाए तो भी 796 नियुक्तियों के हिसाब से 32 सीटें दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए होनी चाहिए लेकिन नोटिफिकेशन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 24 सीटें बताई गई हैं। याचिका में कहा गया है कि ये गंभीर गणितीय चूक है। याचिका में कहा गया है कि मंत्रालयों से पूछने पर दिव्यांगों के लिए बैकलॉग नियुक्तियों की कोई जानकारी नहीं दी गई है। दिव्यांगों के लिए बैकलॉग नियुक्तियों पर यूपीएससी के नोटिफिकेशन में भी कोई चर्चा नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: