Saturday 22nd \2024f June 2024 10:18:37 AM
HomeLatest Newsदलित विरोधी है हेमंत सरकार, दोषियों का कर रही संरक्षण

दलित विरोधी है हेमंत सरकार, दोषियों का कर रही संरक्षण

राज्य भर में भूख से हुई मौत की न्यायिक जांच हो


उज्ज्वल दुनिया /रांची । राज्य में हो रहे भूख से मौत और दलितों के ऊपर हो रहे अत्याचार मामले को लेकर रविवार को रांची के भाजपा कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सह चंदनकियारी विधायक अमर कुमार बाउरी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।


उन्होंने कहा कि 6 मार्च को बोकारो जिला के कसमार में भूखल घासी की मौत भूख के कारण हो जाती है। जिसका प्रमाण अखबारों और मीडिया में आई खबरों से मिलता है। मामले को लेकर उस वक्त चल रहे विधानसभा सत्र में भी मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकृष्ट करवाया गया था। बावजूद इसके अधिकारियों का दबाव लगातार भूखल घासी के परिजनों पर बनाया जा रहा था। उन्हें कहा जा रहा था कि वे अखबारों और मीडिया में कहे कि भूखल घासी की मौत का कारण बीमारी है। 

भूख से मौत को बीमारी बताने की साजिश 

बाउरी ने  कहा कि इसके ठीक दो महीने के बाद भूखल घासी के बेटे की मौत बीमारी के दौरान हो जाती है और फिर अगस्त महीने में उसकी बेटी की भी मौत भी हो जाती है। तीन मौतों के बाद भूखल घासी के परिवार को तीन सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। अब स्थिति यह है कि बाकी के बचे परिवार को डर है कि अगर उनके साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना होती है तो सरकार की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं मिलेगी।


अमर कुमार बाउरी ने बताया कि वर्तमान में विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है और सरकार को इस बात का डर है कि कहीं भूखल घासी का मामला विधानसभा में फिर से ना आ जाये इसलिए भूखल घासी के परिवार को बोकारो परिसदन में अतिथि के तौर पर रखा गया है। अब यह तो सरकार ही जाने कि उन्हें बतौर अतिथि रखा गया है या फिर उन्हें हाईजैक करके सरकारी संरक्षण में रखा गया है।

दलितों से अत्याचार के मामले को दबाने की कोशिश में सरकार 

वहीं उन्होंने एससी एसटी एक्ट मामले में दर्ज केस के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि दुमका में रंजीत तुरी ने एससी एसटी एक्ट में केस दर्ज किया। जिसे दबाने के लिए राज्य के मुखिया के भाई जिला के अधिकारियों पर दबाव बनाते नजर आए। और कोई करवाई नही होने दिया। झरिया की लीलू बाउरी ने जब एक अधिकारी पर गाली गलौज का मामला एससी एसटी एक्ट में दर्ज करवाया तो उसके बाद भी उसके इस केस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments