अधिकारियों और बिचौलियो के मिलीभगत से जेसीबी से हो रहा है मनरेगा का काम

नितेश जायसवाल / उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/लातेहार । हेरहंज प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत चिरु पंचायत में मनरेगा योजना में रात को जेसीबी मशीन लगा कर कार्य कराया जा रहा है । ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बीडीओ,बीपीओ,पंचायत सेवक,मुखिया व रोजगार सेवक को बंधी बंधाई रकम दी जाती है ।

जीओ टैकिंग कर मनरेगा के तहत पेमेंट

मनरेगा योजना कार्यो में जेसीवी मशीन से कार्य कर बाद में जीओ टैकिंग कर मनरेगा के तहत पेमेंट किया जाता है। अगर किसी प्रकार जेसीबी का नाम आने पर कहा जाता है की उस योजना का तो जीओ टैकिंग हीं नही किया गया है। इस तरह से सभी के मिलीभगत से मनरेगा कार्यो का पैसे की सभी लोग मिलकर बंदरबांट कर रहे हैं। बहुत हीं कम ऐसी योजना हैं जिसका नियम के तहत कार्य किया जाता है जिसको लाभुक को भुगतान करने के लिए कई कई बार उनको जी हुजूरी करनी पड़ती है फिर भी पैसा कुछ काट दिया जाता है।

शिकायत के बावजूद नहीं हो रही सुनवाई 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मनरेगा से कुँए के कार्य मे वेंडर द्वारा मनमानी तरीके से पेमेंट किया जाता हैं ।लेकिन अब तक इस पर कोई करवाई नहीं किया जा रहा हैं। जिसके कारण लोगो को रोजगार नहीं मिल पा रहा हैं जिसके चलते मजदूर पलायन करने को विवश हैं। लगातार सूत्रों से जानकारी मिलती थी ।लेकिन पुख्ता सबूत नही होने के कारण खबर को नहीं लगाया गया था।

इसी तरह का मामला चिरु पंचायत में सोमवार को रात्रि में  जेसीबी मशीन योगेंद्र साव के डोभा निर्माण में लगा हुआ था। इस बाबत में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी प्रदीप कुमार दास से पूछे जाने पर उन्होंने  बाइट देने से किया इनकार।

क्या कहती हैं बीपीओ रतन कुमारी? 

वही बीपीओ रतन कुमारी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि स्थल निरीक्षण करने के बाद ही इस बारे में बताएंगे।इससे यह तो बता चल गया कि सभी मिलकर इस मामला की लीपापोती करने की कोशिश जारी हैं।

पूर्व में भी मिल चुकी हैं शिकायतें

बताते चले कि पूर्व से भी हेरहंज प्रखण्ड में मनरेगा योजना में जेसीबी मशीन  कार्य हो जाने के बाद योजना का जियो टेकिंग किया जाता हैं।क्योंकि अगर किसी तरह का कोई मामला आता हैं तो कह देंगे कि अभी तो जिओ टेकिंग हुआ ही नहीं हैं और इस तरह का योजना अभी नहीं चल रहा हैं। ऐसा कह कर प्रखण्ड क्षेत्र में मनरेगा का कार्य किया जा रहा हैं। जिसके कारण लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा हैं। सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी मनरेगा योजना में जेसीबी मशीन का उपयोग किया जा रहा हैं।

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