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  • जेएसएमडीसी के दैनिक भोगी कर्मचारियों ने नीरा यादव के प्रति आभार प्रकट किया

    जेएसएमडीसी के दैनिक भोगी कर्मचारियों ने नीरा यादव के प्रति आभार प्रकट किया

    नीरा यादव द्वारा दैनिक भोगी कर्मियों के नियमितिकरण का मामला उठाया गया था विधानसभा में 
    सरकार के अपेक्षा पूर्ण व उदासीन रवैया से जेएसएमडीसी के दैनिक भोगी कर्मियों ने विधायक आवास पहुंच कर उन्हें धन्यवाद दिया। नियमितीकरण आदेश के अनुरूप उन सभी को कर्मियों को लाभ से वंचित किया गया है। निगम के दैनिक भोगी कर्मचारियों के द्वारा कई बार सरकार से गुहार लगाया लेकिन अभी तक इसपर कोई पहल नहीं किया गया । कर्मियों ने बताया 2009 में न्यायालय का एक आदेश जारी हुआ था कि इस विभाग में कार्यरत 20 से 25 वर्ष तक जिनकी सेवा हो गई है उन्हे नियमितीकरण किया जाय। उक्त आदेश के अनुपालन में झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक द्वारा उसी समय आदेश भी दिया गया था कि निगम के महा प्रबंधक खान के अध्यक्षता में इन कर्मचारियों के नियमितीकरण की योजना बना कर मंतव्य के साथ प्रस्तुत करें । परंतु उस आदेश को भी धत्ता दिखाते हुए विभाग या सरकार द्वारा अभी तक इसपर कोई सकारात्मक कार्यवाई नहीं की गई । अंत में उन सभी कर्मचारियों ने कोडरमा की लोकप्रिय विधायक डॉ नीरा यादव जी को अपनी व्यथा सुनाया और तत्पश्चात इस मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत विधानसभा में बजट सत्र के दौरान पटल पर रखने का काम किया । विधायक नीरा यादव के इस कृत पर सभी वेतन भोगी कर्मियों ने उनके आवास जा कर उन्हे बुके देकर सम्मानित करते हुए आभार जताया। नीरा यादव ने बताया कि इनके इस मामले को मैं विधानसभा की समिति से भी पहल करवाने की कोशिश करूंगी। आभार प्रकट करने वाले कर्मियों में मूरत राम, सेवा निवृत सुखदेव यादव,लालदेव राम, रामेश्वर पंडित, बालेश्वर शर्मा, दिलीप कुमार सोनी, ललिता देवी, मीरा देवी, चंद्रिका देवी आदि उपस्थित थे।
  • मोरम उत्खनन का धंधा ले चुका है कुटीर उद्योग का रूप

    मोरम उत्खनन का धंधा ले चुका है कुटीर उद्योग का रूप

    मरकच्चो :-  प्रखंड में मोरम उत्खनन का धंधा कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। क्षेत्र में इन दिनों मोरम का अवैध उत्खनन बेखौप जारी है। इस धंधे में शामिल खनन माफिया प्रतिदिन अवैध खनन कर मालामाल हो रहे हैं। वहीं सरकार को लाखों रुपए  राजस्व का चूना लग रहा है। मोरम का अवैध उत्खनन प्रखंड के  तेलोडीह पंचायत अंतर्गत तिलैया गांव के समीप व्यापक पैमाने पर किया जा रहा है। इस धंधे में शामिल माफिया द्वारा जेसीबी मशीन का उपयोग कर पहले उत्खनन का कार्य किया जाता है और बाद में मजदूरों द्वारा चालने में चाल कर मिट्टी को अलग कर मोरम को जमा किया जाता है और शाम होते ही इकट्ठा किया गया मोरम को ट्रकों में लोड कर माफिया बेखौफ हो कर मरकच्चो, नवलशाही, जयनगर, डोमचांच व कोडरमा थाना के रास्ते बिहार के लिए भेजा जाता है। बिहार में प्रति ट्रक चालीस से पचास हजार रुपए की कीमत पर मोरम को बेचा जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि इस तरह का मोरम के अवैध उत्खनन का खेल कई वर्षों से किया जा रहा है। वहीं इस संबंध में सीओ परमेश्वर कुशवाह ने बताया कि उन्हें इस संबंध मे जानकारी नहीं है अगर ऐसा हो रहा है तो वो जांच कर कार्यवाई करेंगे।

  • सांसों के सौदागरों के खेल पर कसा नकेल, अब तक एक सस्पेंड, दो को जेल

    उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग (अजय निराला)। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हजारीबाग से गायब किए गए 183 ऑक्सीजन सिलेंडर के मामले में शिकंजा कसने लगा है।

    सांसों के सौदागरों पर नकेल कसते हुए अब तक तीन लोगों पर कार्रवाई की गई है।

    इनमें आउटसोर्सिंग कंपनी के चालक शशि कुमार और वार्ड ब्वॉय सुरेंद्र यादव को जेल भेजा जा चुका है। वहीं स्टोरकीपर शंभूनाथ झा को सस्पेंड कर दिया गया है।

    उसकी जगह पर नए स्टोरकीपर शैलेन्द्र कुमार सिन्हा को स्टोर का प्रभार सौंप दिया गया है।

    सस्पेंड किए गए स्टोर कीपर का मुख्यालय सिमडेगा बनाया गया है।

    इस जांच की जद में हजारीबाग के सिविल सर्जन डॉ संजय जायसवाल भी हैं। उनके सरकारी आवास से दो सिलेंडर बरामद हुए थे।

    हालांकि उन्होंने अपनी सफाई दी थी कि वे निजी भवन में रहते हैं, न कि सरकारी आवास में।

    इधर रांची से आए स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पिछले तीन दिनों से एचएमसीएच की व्यवस्था को खंगाल रहे हैं।

    उन्होंने बीएचटी बेड हेल्थ टिकट और रेडमीसिविर की उपलब्धता और इस्तेमाल आदि की सूक्ष्मता से जांच कर रहे हैं।

    ऑक्सीजन सिलेंडर, दवा, उपकरण और अन्य सामग्रियों के रखरखाव और हेराफेरी की भी छानबीन करने की जरूरत बताई जा रही है।

    गौरतलब है कि इस अस्पताल में ऑक्सीजन के अभाव में एक के बाद एक कोरोना मरीज दम तोड़ते रहे और दूसरी ओर 183 ऑक्सीजन सिलेंडर गायब कर सांसों के सौदागर उसका सौदा करते रहे।

    अब तक 100 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर बरामद होने की सूचना है।

    इस अमानवीय वारदात में कई सफेदपोश की भी संलिप्तता कही जा रही है।

    बताया जा रहा है कि मामले की गहन पड़ताल में जुटी विशेष जांच टीम (एसआईटी) की गिरफ्त से सांसों के अन्य सौदागर भी ज्यादा दूर नहीं हैं।

  • सांसों के सौदागरों के खेल पर कसा नकेल, अब तक एक सस्पेंड, दो को जेल

    उज्ज्वल दुनिया, हजारीबाग (अजय निराला)। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हजारीबाग से गायब किए गए 183 ऑक्सीजन सिलेंडर के मामले में शिकंजा कसने लगा है।

    सांसों के सौदागरों पर नकेल कसते हुए अब तक तीन लोगों पर कार्रवाई की गई है।

    इनमें आउटसोर्सिंग कंपनी के चालक शशि कुमार और वार्ड ब्वॉय सुरेंद्र यादव को जेल भेजा जा चुका है। वहीं स्टोरकीपर शंभूनाथ झा को सस्पेंड कर दिया गया है।

    उसकी जगह पर नए स्टोरकीपर शैलेन्द्र कुमार सिन्हा को स्टोर का प्रभार सौंप दिया गया है।

    सस्पेंड किए गए स्टोर कीपर का मुख्यालय सिमडेगा बनाया गया है।

    इस जांच की जद में हजारीबाग के सिविल सर्जन डॉ संजय जायसवाल भी हैं। उनके सरकारी आवास से दो सिलेंडर बरामद हुए थे।

    हालांकि उन्होंने अपनी सफाई दी थी कि वे निजी भवन में रहते हैं, न कि सरकारी आवास में।

    इधर रांची से आए स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पिछले तीन दिनों से एचएमसीएच की व्यवस्था को खंगाल रहे हैं।

    उन्होंने बीएचटी बेड हेल्थ टिकट और रेडमीसिविर की उपलब्धता और इस्तेमाल आदि की सूक्ष्मता से जांच कर रहे हैं।

    ऑक्सीजन सिलेंडर, दवा, उपकरण और अन्य सामग्रियों के रखरखाव और हेराफेरी की भी छानबीन करने की जरूरत बताई जा रही है।

    गौरतलब है कि इस अस्पताल में ऑक्सीजन के अभाव में एक के बाद एक कोरोना मरीज दम तोड़ते रहे और दूसरी ओर 183 ऑक्सीजन सिलेंडर गायब कर सांसों के सौदागर उसका सौदा करते रहे।

    अब तक 100 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर बरामद होने की सूचना है।

    इस अमानवीय वारदात में कई सफेदपोश की भी संलिप्तता कही जा रही है।

    बताया जा रहा है कि मामले की गहन पड़ताल में जुटी विशेष जांच टीम (एसआईटी) की गिरफ्त से सांसों के अन्य सौदागर भी ज्यादा दूर नहीं हैं।