नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मामले में न्याय की मांग करने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी में एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला तेज कर दिया है। पार्टी ने इस कार्रवाई के विरोध में देशभर में आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।
राहुल गांधी ने की थी कार्रवाई की मांग
दरअसल, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस की सभा को संबोधित किया था। इसके बाद उसी स्थान पर कथित तौर पर हवन-यज्ञ और ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कांग्रेस ने इसे दलित नेता खड़गे के साथ भेदभाव से जोड़ते हुए विरोध जताया था।
राहुल गांधी ने भी इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ऐसी घटनाएं संविधान की भावना और सामाजिक न्याय के मूल्यों के खिलाफ हैं।
FIR के बाद कांग्रेस ने खोला मोर्चा
राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने राज्य इकाइयों को इस मुद्दे पर प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि खड़गे के साथ कथित तौर पर हुए व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने पर राहुल गांधी को ही आरोपी बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पार्टी इसे सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रही है।
मुख्यमंत्री आवास और राजभवन घेरने की चेतावनी
उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि यदि ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम आयोजित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी ने जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री आवास और राजभवन के बाहर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।
कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। वहीं राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर को पार्टी ने राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया है।
‘संविधान बचाओ’ अभियान से जोड़ रही कांग्रेस
कांग्रेस इस पूरे विवाद को अपने ‘संविधान बचाओ’ और सामाजिक न्याय अभियान से जोड़कर देख रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि दलितों के अधिकार, सम्मान और संविधान में मिले समानता के अधिकार की रक्षा के लिए वह आगे भी आवाज उठाती रहेगी।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि यह केवल मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि दलित सम्मान और सामाजिक बराबरी से जुड़ा व्यापक मुद्दा है।
2027 चुनाव से पहले तेज हुई सियासी लड़ाई
हल्द्वानी का यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत कई राज्यों में 2027 के विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में दलित मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए कांग्रेस के इस आंदोलन के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि वह इस मुद्दे को आने वाले दिनों में व्यापक स्तर पर उठाएगी और भाजपा सरकार को घेरने के लिए सड़क से लेकर राजनीतिक मंच तक अभियान चलाएगी।

