Friday 30th of January 2026 12:24:01 AM
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करियर काउंसलिंग की आड़ में कई लड़कियों से यौन शोषण: नागपुर के मनोचिकित्सक की गिरफ्तारी, पत्नी भी आरोपी

नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में एक मनोचिकित्सक की काली करतूतों का पर्दाफाश हुआ है। करियर काउंसलिंग के नाम पर कई युवतियों और नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने, वीडियो-फोटो के जरिये ब्लैकमेल करने और उन्हें धमकाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी पत्नी को सह-आरोपी बनाया गया है।

मामले का खुलासा कैसे हुआ?

पुलिस के अनुसार, यह मामला तब उजागर हुआ जब एक युवती ने ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान होकर नवंबर 2024 में शिकायत दर्ज कराई। आरोपी ने करीब 10 साल पहले काउंसलिंग के दौरान ली गई युवती की तस्वीरों का इस्तेमाल कर उसे धमकाना शुरू किया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी को पॉक्सो एक्ट और यौन उत्पीड़न के तहत गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस जांच में मिले पुख्ता सबूत

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कार्यालय से एक हार्ड डिस्क जब्त की। इसमें कई युवतियों और नाबालिग लड़कियों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो पाए गए।

  • आरोपी ने करियर काउंसलिंग के बहाने इन युवतियों का शोषण किया।
  • आपत्तिजनक सामग्री के जरिये उन्हें ब्लैकमेल करता रहा।

पुलिस की जांच और आरोपी की पत्नी की भूमिका

  • पुलिस ने आरोपी की पत्नी को सह-आरोपी बनाया है।
  • पत्नी को अपने पति की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी थी, लेकिन उसने इसे रोकने की कोशिश नहीं की।
  • पुलिस उसकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

पीड़ित छात्राओं से संपर्क

नागपुर पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में आरोपी के पास आने वाली सभी छात्राओं की सूची बनाकर उनसे संपर्क करना शुरू कर दिया है।

  • 4 जनवरी को दो और पीड़ितों ने हिम्मत जुटाकर मामले में शिकायत दर्ज कराई।
  • अब तक आरोपी के खिलाफ तीन मामले दर्ज हो चुके हैं।

विशेष समिति का गठन

नागपुर के पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंघल ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।

  • समिति में महिला पुलिस अधिकारी, महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी और महिला काउंसलर शामिल हैं।
  • यह जांच कर रही है कि अन्य पीड़ितों के साथ भी ऐसा हुआ है या नहीं।

आरोपी और सेंटर का नाम सार्वजनिक न करने का फैसला

पुलिस ने आरोपी का नाम और उसके काउंसलिंग सेंटर की जानकारी सार्वजनिक न करने का निर्णय लिया है।

  • ऐसा इसलिए किया गया है ताकि पीड़ित, जिनमें से कई अब शादीशुदा और खुशहाल जीवन जी रही हैं, की पहचान उजागर न हो।

निष्कर्ष

इस घटना ने काउंसलिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में विश्वास को झकझोर दिया है। नागपुर पुलिस मामले की तह तक पहुंचने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की करतूतों के और भी मामले सामने आ सकते हैं।

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