रांचीः अकबर शासनकाल के बाद जैन धर्म का सबसे बड़ा दीक्षा महा उत्सव

वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने जैन धर्मावलंबियों का किया स्वागत
वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने जैन धर्मावलंबियों का किया स्वागत

रांची । अकबर शासनकाल के बाद देश में नवंबर महीने के अंतिम सप्ताह में जैन धर्म का सबसे बड़ा दीक्षा महा-उत्सव सूरत में होने जा रहा है। जैन धर्म में दीक्षा ग्रहण करने के पहले तीर्थ स्थलों का दर्शन करने निकले 72 दीक्षार्थी पारसनाथ पहाड़ी स्थित सम्मेद शिखरजी का दर्शन करने के बाद रविवार को रांची पहुंचे, जहां झारखंड सरकार की ओर से वित्त सह खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने उनका स्वागत किया।

70 साल के बुजुर्ग से 7 साल के बच्चे तक शामिल
नवंबर महीने के अंतिम सप्ताह में सूरत में आयोजित पांच दिवसीय महा उत्सव में दीक्षा ग्रहण करने वाले लोगों में सात परिवार के सभी सदस्य शामिल है। इसमें से 70 साल के बुजुर्ग से लेकर 7 साल का बच्चा शामिल है। मुंबई से आये जैन समाज के क प्रतिनिधि ने बताया कि दीक्षा ग्रहण करने वाले अधिकांश संपन्न और धनवान परिवार के सदस्य है। दीक्षा ग्रहण के पहले अपनी सारी संपत्ति, बैंक में जमा पूंजी, कंपनियों के कागजात परिवार, ट्रस्ट और अन्य लोगों को दान कर इन सभी ने सादगी से जीवन व्यतीत करने का निर्णय लिया है।

जैन धर्म में दीक्षा लेने के लिए 72 सदस्य सूरत के लिए रवाना
इस मौके पर वित्तमंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने दीक्षार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज जैन धर्म में दीक्षा लेने के लिए 72 सदस्य आज सूरत के लिए रवाना हो रहे है, इनसे समाज को सीखने की जरूरत है। आज कई लोग धन एकत्रित करने और गरीबों का शोषण करने में ही अपने को बड़ा समझते है, उन्हें यह समझने की जरूरत है। दीक्षा लेने वाले सभी सदस्य धनवार है, संपत्ति वाले परिवार से आते है, लेकिन इन्होंने सबकुछ त्याग कर समाज को एक संदेश देने का काम किया है, करुणा, त्याग और प्रेम तथा भाईचारे के इस संदेश से समाज को एक नयी दिशा मिलेगी।

राज्य सरकार ने सभी दीक्षार्थियों का किया स्वागत
राज्य सरकार की ओर से इन सभी दीक्षार्थियों का स्वागत किया गया और आने वाले समय में इन्होंने जो कठिन जीवन व्यतीत करने का निर्णय लिया है, वह बढ़िया से बीते, यही ईश्वर से कामना है।

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