भोपाल। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को भोपाल में समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं, खासकर Gen-Z को संबोधित करते हुए परिवार, माता-पिता की सेवा और महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर बात की। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि “अच्छा मर्द वही है, जो अपनी बीवी की गुलामी करता है।” उनके इस बयान की चर्चा सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों में भी हुई।
ओवैसी ने अपने संबोधन के दौरान युवाओं से पूछा कि क्या वे बदलाव लाने के लिए आगे आएंगे। इसके बाद उन्होंने युवाओं से अपनी मस्जिदों को आबाद रखने, माता-पिता की सेवा करने और बहनों को उनका हिस्सा देने की अपील की। उन्होंने इसी क्रम में युवाओं से पत्नियों का सम्मान करने को लेकर भी सवाल किया, जिस पर उन्होंने कहा कि पत्नी की “गुलामी” करने में कोई डर या शर्म की बात नहीं है।
अपने बयान को स्पष्ट करने के लिए ओवैसी ने खुद का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि वह युवाओं के सामने खड़े हैं और उनकी दाढ़ी धूप में सफेद नहीं हुई, बल्कि घर में हुई है। उन्होंने यह बात पारिवारिक जीवन और पत्नी के साथ संबंधों के संदर्भ में कही।
भोपाल में आयोजित इस सभा का मुख्य मुद्दा समान नागरिक संहिता रहा। ओवैसी ने UCC को लेकर केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि UCC के जरिए अलग-अलग समुदायों पर एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले भी उन्होंने UCC को लेकर संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का हवाला देते हुए अपनी आपत्ति जाहिर की थी।
ओवैसी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि UCC का उद्देश्य केवल समानता स्थापित करना नहीं है, बल्कि इसके जरिए गैर-हिंदू समुदायों पर हिंदू व्यक्तिगत कानूनों के प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। हालांकि, ये ओवैसी और AIMIM की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। UCC को लेकर केंद्र और भाजपा का पक्ष अलग है और सरकार इसे समान नागरिक कानून की दिशा में उठाया गया कदम बताती है।
भोपाल की सभा से पहले भी ओवैसी ने UCC को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाले NDA में शामिल दलों से अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यदि सहयोगी दलों की UCC को लेकर अलग राय है, तो उन्हें इस मुद्दे पर खुलकर अपनी स्थिति सामने रखनी चाहिए।
भोपाल में आयोजित सभा के दौरान ओवैसी ने युवाओं को संबोधित करते हुए परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उनका पत्नी के सम्मान से जुड़ा बयान इसी संबोधन का हिस्सा रहा। UCC को लेकर देश में राजनीतिक बहस जारी है और अलग-अलग दल इस कानून के प्रावधानों तथा इसके प्रभावों को लेकर अपने-अपने तर्क सामने रख रहे हैं।

