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  • 316 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब लदा वाहन तिसरी पुलिस ने किया जब्त

    316 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब लदा वाहन तिसरी पुलिस ने किया जब्त

    316 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब लदा वाहन तिसरी पुलिस ने किया जब्त

    गिरिडीह एसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मिली सफलता

    तिसरी संवाददाता
    तिसरी : थाना इलाके में अवैध शराब लोड वाहन को पुलिस ने जब्त किया है. हालांकि कार्रवाई के दौरान धंधेबाज मौके से भाग खड़े हुए. शनिवार को तिसरी थाना में प्रेसवार्ता आयोजित कर एसडीपीओ नीरज कुमार सिंह ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एसपी दीपक कुमार शर्मा के द्वारा रात के करीब 2 बजे सूचना मिली कि अवैध रूप से चार पहिया वाहन में अंग्रेजी शराब को लोड कर तिसरी होते हुए बिहार ले जाया जा रहा है.

    सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तिसरी थाना प्रभारी संजय नायक, एएसआई संजय टुडू, कुलेश्वर राम आदि दलबल के साथ खिजुरी नदी के पास पहुंचे तो देखा कि तेजी से वाहन आ रही है. इस दौरान वाहन को रोकने का प्रयास किया गया तो चालक वाहन की रफ्तार तेज कर भाग निकला. इसके बाद रात्रि गश्ती दल को सूचना दी गई. इस दौरान थम्बाचक चेकनाका के पास गश्ती दल के द्वारा जांच किया जा रहा था. मौके पर जांच को देख तस्कर वाहन को मौके पर छोड़ अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग खड़े हुए.

    एसडीपीओ ने बताया कि जांच के क्रम में उक्त वाहन से 316 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई है. उन्होंने बताया कि वाहन के नंबर से उसके मालिक और धंधेबाज का पता लगाया जा रहा है. जांच पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

  • भीषण गर्मी के बीच पानी की किलत, ग्रामीणों का टूटा सब्र का बांध, संवेदक को बनाया बंधक

    भीषण गर्मी के बीच पानी की किलत, ग्रामीणों का टूटा सब्र का बांध, संवेदक को बनाया बंधक

    भीषण गर्मी के बीच पानी की किलत, ग्रामीणों का टूटा सब्र का बांध, संवेदक को बनाया बंधक

    गिरिडीह में प्रचंड गर्मी का पारा 44℃ पार, चुंजका में पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया

    गिरिडीह, 16 जून: भीषण गर्मी को लेकर जिले के विभिन्न इलाकों में जलसंकट की घोर समस्या उत्पन्न हो गयी है। स्थिति यह कि आक्रोश में लोग अब सड़क पर उतर कर विरोध कर रहे हैं। एक तरफ गिरिडीह सदर प्रखंड के चुंजका पंचायत में ग्रामीणों ने नल जल योजना से पानी सप्लाई नहीं होने के कारण संवेदक को बंधक बना लिया था। वहीं जिले के गांडेय प्रखंड के अंतर्गत हिरजन टोला की महिलाएं मोहदा मोड़ के पास सड़क पर उतर आईं और गिरिडीह- जामताड़ा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। मौके पर काफी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे सभी अपने-अपने घरों से बाल्टी, डेकची आदि को लेकर सड़क पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

    पीएचडी के कार्यपालक अभियंता मौके पर पहुँच कर आक्रोशित ग्रामीणों को कराया शांत और बंधक बने संवेदक को कराया मुक्त

    भीषण गर्मी में पेयजल की संकट झेल रहे ग्रामीणों का पारा सातवें आसमान पर है। चुंजका के ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन का कार्य कराने वाले संवेदक को रस्सी से बांध कर बंधक बना लिया। सदर प्रखंड के चुंजका में लगभग आधा दर्जन जल मीनार हैं, मगर किसी से भी पानी ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है।

    इधर ग्रामीणों ने मांग किया कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जब तक नहीं आते, तब तक कोई वार्ता नहीं होगी। सूचना पर पीएचडी के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार मंडल पहुँचकर आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया और बंधक बने संवेदक को मुक्त कराया। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द समाधान होगा।

    ग्रामीण सुरेंद्र दास ने बताया कि चुंजका में पानी की घोर समस्या है। इस चिलचिलाती धूप और गर्मी में लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। इधर ग्रामीणों ने बताया कि चार महीने से जल जीवन मिशन के तहत बोरिंग कर संवेदक द्वारा स्ट्रक्चर खड़ा कर टंकी बैठा दी गई और पाइप भी बिछा दी गई लेकिन आज तक उसमें एक बूंद पानी नहीं आया है। इसकी जानकारी कई बार संवेदक दिलीप दुबे को दी गई, लेकिन उनकी बात को संवेदक द्वारा नहीं सुना गया जिससे ग्रामीण उग्र थे। संवेदक दिलीप दुबे को गांव बुलाकर ग्रामीणों ने पहले इस भीषण गर्मी में पानी सप्लाई शुरू कराने की बात कही। सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने पर ग्रामीण उग्र हो गए और रस्सी से संवेदक का हाथ बांध दिया।

  • सड़क निर्माण कार्य मे भारी गड़बड़ी संवेदक सड़क के ऊपर से कर दिया निपा पोती।

    सड़क निर्माण कार्य मे भारी गड़बड़ी संवेदक सड़क के ऊपर से कर दिया निपा पोती।

    बिरनी/गिरिडीह : रनी प्रखंड क्षेत्र के सलेडीह से चिरुडीह गाँव में पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है।।जिसमें भारी गड़बड़ी देखने को मिल रहा है।।
    लेकिन इस पर कोई जनप्रतिनिधि और ना ही कोई पार्टी दल का नेता व विभाग इस पर गंभीरता से नही ले रहे हैं। संवेदक हरकत में आकर सड़क में दरार को सीमेंट से ऊपर से ही निपा पोती कर दिया गया है।। तस्वीरों में साफ देख सकते हैं।।
    दो दिन पहले पीसीसी का निर्माण में सड़क फट गई थी,तुरंत संवेदक हरकत में और जैसे तैस सच्चाई के छुपाने के लिए ऊपर से ही सीमेंट से लेप दिया गया,इतना ही नहीं का निर्माण में कई बार कनीय अभियंता के पास कई बार संज्ञान में दिया गया लेकिन नजरअंदाज करते हुए काम को जारी रखा है। किसी तरह का जांच किया गया ना ही किसी तरह का कार्रवाई की जा रही है।।जैसे तैसे सड़क निर्माण में मटेरियल मिला करके सड़क तेजी से बनाया जा रहा है।। इतना ही नहीं सड़क के किनारे 8 इंच की ढलाई किया जा रहा है।  लेकिन बीच में 6 इंच का ही किया जा रहा है।  देर रात को संवेदक के निर्देश पर मुंशी ने लेबर से फटे हुए सड़क पर सीमेंट का घोल डालकर निपा पोती कर दिया है।।ताकि किसी को पता ना चलिए।।इसके बाद आज सबूत मिटाने के लिए मुंशी ने अपनी चालाकी दिखायाहै।।।बरहाल मामला जो भी है जाँच का विषय है।।
  • झारखंड में बड़ा ट्रेन हादसा: आग की अफवाह के बाद मची भगदड़ में 4 की मौत; कई घायल

    झारखंड में बड़ा ट्रेन हादसा: आग की अफवाह के बाद मची भगदड़ में 4 की मौत; कई घायल

    झारखंड में बड़ा ट्रेन हादसा, आग की अफवाह के बाद मची भगदड़ में 4 की मौत; कई घायल

    झारखंड के लातेहर में एक दर्दनाक ट्रेन हादसा सामने आया है। धनबाद रेल मंडल के बरवाडीह-बरकाकाना रेलखंड के कुमंडीह स्टेशन पर शुक्रवार रात करीब आठ बजे यह हादसा हुआ। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, वहीं दर्जनभर से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घटना के बाद रेलवे के वरीय अधिकारी घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं।

    घटना का विवरण

    कुमंडीह स्टेशन पर अप लाइन में रांची-सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस खड़ी थी। इसी दौरान किसी ने अफवाह फैला दी कि ट्रेन में आग लग गई है। इससे वहां अफरातफरी मच गई। ट्रेन में बैठी सवारी इधर-उधर भागने लगी। इसी दौरान डाउन लाइन से एक मालगाड़ी गुजर रही थी, जिसकी चपेट में आने से चार यात्रियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, वहीं दर्जनभर से ऊपर लोग घायल हो गए। मृतकों में एक महिला और तीन पुरुष शामिल हैं।

    अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    धनबाद रेल मंडल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि कुमंडीह स्टेशन पर सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह सुनकर ट्रेन से उतरे हुए कुछ यात्री दूसरी ओर से आ रही मालगाड़ी के चपेट में आ गए। हताहत होने वालों का पता लगाया जा रहा है।

    घटना की जांच और हेल्पलाइन नंबर

    घटना के बाद घायलों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है और इस मामले की जांच भी की जा रही है। धनबाद मंडल के कुमंडीह स्टेशन की घटना से संबंधित जानकारी प्राप्त करने हेतु हेल्पलाइन नम्बर जारी किए गए हैं। किसी तरह की जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।


    हेल्पलाइन नंबर

    किसी भी जानकारी या सहायता के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें:

    • कामर्शियल कंट्रोल, धनबाद – 0326-2209880
    • धनबाद स्टेशन – 8756997647
    • डालटनगंज स्टेशन – 79091092320
    • बरवाडीह स्टेशन – 7485808559
    • मण्डीह स्टेशन – 7541813230
    • गढ़वा रोड स्टेशन – 7091092319

    इस दुखद घटना के दौरान अपनी जान गंवाने वालों के प्रति संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। यात्रियों से अपील है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सुरक्षित यात्रा के लिए रेल अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।

  • भीषण गर्मी में बिजली ट्रांसफार्मर जल जाने से लोग काफी परेशान

    भीषण गर्मी में बिजली ट्रांसफार्मर जल जाने से लोग काफी परेशान

    भीषण गर्मी में बिजली ट्रांसफार्मर जल जाने से लोग काफी परेशान

    बगोदर प्रखंड के देवराडीह पंचायत के केन्झिया में इस भीषण गर्मी में बिजली ट्रांसफार्मर जल जाने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसे लेकर ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक विनोद कुमार सिंह और मुखिया गायत्री कुमारी को सूचना दी। विधायक श्री सिंह ने पहल करते हुए विभाग से वार्ता कर 63 केबी का ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया। जिसका विधिवत उद्घाटन फीता काट कर मुखिया प्रतिनिधि सह माले नेता पुरन कुमार महतो और समाजसेवी उमेश मंडल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस दौरान भीषण गर्मी में बिजली ट्रांसफार्मर मिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं बगोदर विधायक और मुखिया के पहल के लिए आभार व्यक्त किया गया। मौके पर उप मुखिया स्वेत्री देवी, विनोद पासवान, अर्जुन पासवान, सागर पासवान, साजन पासवान, दिनेश पासवान, नरेश पासवान, सुरेंद्र पासवान, नरेश मांझी, मिथुन मांझी, शक्ति पासवान, मुंशी मांझी समेत अन्य लोग मौजूद थे।

  • जी-7: तीसरे कार्यकाल के पहले विदेश दौरे पर PM मोदी इटली रवाना; यात्रा की अहमियत और सम्मेलन की मुख्य बातें

    जी-7: तीसरे कार्यकाल के पहले विदेश दौरे पर PM मोदी इटली रवाना; यात्रा की अहमियत और सम्मेलन की मुख्य बातें

    जी-7 शिखर सम्मेलन वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जाता है, जिसमें विश्व की सात सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेता एकत्रित होते हैं। जी-7 देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। इस वर्ष का सम्मेलन 13 जून से इटली में आयोजित हो रहा है, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

    इस वर्ष के जी-7 शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना और विभिन्न विषयों पर सहयोग को बढ़ावा देना है। सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का भविष्य, सस्टेनेबल ऊर्जा के स्रोत, अफ्रीका की आर्थिक और सामाजिक स्थिति, और भूमध्य सागर में उत्पन्न हो रही समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन मुद्दों पर चर्चा करके, जी-7 देशों के नेता वैश्विक नीतियों को दिशा देने और सहयोग को मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति और उसके संभावित सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों पर चर्चा एक महत्वपूर्ण एजेंडा होगा। इसके साथ ही, ऊर्जा की बढ़ती मांग और पर्यावरणीय परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए सस्टेनेबल ऊर्जा स्रोतों की खोज और उनके उपयोग पर भी विचार किया जाएगा। अफ्रीका महाद्वीप की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि वहां विकास और स्थिरता को प्रोत्साहित किया जा सके। भूमध्य सागर में हो रही अवैध प्रवास और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी चर्चा का महत्वपूर्ण विषय होंगी।

    जी-7 शिखर सम्मेलन वैश्विक नीतियों और सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां विश्व के प्रमुख नेता मिलकर वैश्विक समस्याओं के समाधान और भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करते हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य न केवल वर्तमान मुद्दों का समाधान करना है, बल्कि आने वाले समय के लिए एक स्थिर और समृद्ध भविष्य की नींव रखना भी है।

    प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की अहमियत

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा उनके तीसरे कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा है, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण घटना है। यह यात्रा जी-7 जैसे उच्चस्तरीय मंच पर हो रही है, जो वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति न केवल भारत के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह देश की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को भी सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करती है।

    यात्रा का महत्व इस बात से भी बढ़ जाता है कि यह भारत और इटली के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का मौका है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात से दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों में नई ऊंचाइयां आ सकती हैं। इस बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और समझ बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें अन्य वैश्विक नेताओं से मिलने और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करेगी। जी-7 सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य देशों के नेताओं के साथ उनकी बातचीत से भारत की वैश्विक राजनीति में भूमिका और प्रभाव को और मजबूत बनाया जा सकेगा।

    अंततः, यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी को वैश्विक मंच पर भारत के दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करने का मौका देगा। यह यात्रा न केवल भारत और इटली के बीच संबंधों को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। इस प्रकार, प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण और प्रभावशाली साबित हो सकता है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जून को जी-7 सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भाग लेंगे। यह सत्र वैश्विक नीतियों और सहयोग के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित होगा। इस सत्र में प्रमुख रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा के नए स्रोत, अफ्रीका का विकास, और भूमध्य सागर की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इन विषयों का चयन इस आधार पर किया गया है कि वे न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की वैश्विक चुनौतियों और अवसरों के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर चर्चा का उद्देश्य है इसके संभावित लाभों और जोखिमों को समझना और इसे मानवता के लाभ के लिए कैसे उपयोग किया जा सकता है, इस पर विचार करना। AI की प्रगति ने कई उद्योगों में क्रांति ला दी है, लेकिन इसके साथ ही नैतिक और सामाजिक चुनौतियां भी सामने आई हैं। जी-7 देशों के साथ इस विषय पर चर्चा करने से वैश्विक स्तर पर समन्वय और सहयोग की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    ऊर्जा के नए स्रोत

    ऊर्जा के नए स्रोतों पर चर्चा का उद्देश्य है टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा देना। यह सत्र इस बात पर केंद्रित होगा कि कैसे सौर, पवन, और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अधिक प्रभावी ढंग से अपनाया जा सकता है। यह न केवल ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा बल्कि जलवायु परिवर्तन के खतरे को भी कम करेगा।

    अफ्रीका का विकास

    अफ्रीका के विकास पर चर्चा का उद्देश्य है इस महाद्वीप की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देना। अफ्रीका में निवेश और विकास के अवसरों को पहचानना और उन्हें साकार करना, वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। इस चर्चा से अफ्रीकी देशों के साथ भारत और अन्य जी-7 देशों के संबंध और भी मजबूत होंगे।

    भूमध्य सागर की सुरक्षा

    भूमध्य सागर की सुरक्षा पर चर्चा का उद्देश्य है इस क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बनाए रखना। भूमध्य सागर के आसपास के क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियां हैं। इस सत्र में इन मुद्दों के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों पर विचार किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री मोदी का इस सत्र में भाग लेना भारत की भूमिका को वैश्विक मंच पर और भी महत्वपूर्ण बनाएगा। यह भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सक्रिय रूप से योगदान देना चाहता है।

    द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुलाकातें

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुलाकातों का विशेष महत्व है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनकी प्रस्तावित द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और सांस्कृतिक सहयोग पर व्यापक चर्चा होगी। भारत और इटली के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इटली के साथ रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान के विषय पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

    इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन सहित अन्य वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात की संभावना है। इन बहुपक्षीय मुलाकातों का मुख्य उद्देश्य वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाना और भारत की भूमिका को और मजबूत करना है। जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

    जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की इन मुलाकातों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह उनके तीसरे कार्यकाल का पहला विदेश दौरा है। वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और सुदृढ़ करने के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। इन मुलाकातों के माध्यम से भारत अपनी नीतियों और प्राथमिकताओं को वैश्विक समुदाय के समक्ष स्पष्ट कर सकेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और भी मजबूती मिलेगी।

  • यूपी पुलिस के भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: 56 कर्मियों को निलंबित किया गया

    यूपी पुलिस के भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: 56 कर्मियों को निलंबित किया गया

    परिचय

    यूपी पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में, दो दिन में 12 दरोगा और छह मुंशी सहित कुल 56 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। यह कदम राज्य में भ्रष्टाचार को समाप्त करने और कानून व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

    कार्रवाई का विवरण

    इस व्यापक कार्रवाई में, न केवल दरोगा बल्कि मुंशी और अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। यह निर्णय यूपी पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा लिया गया है, जो राज्य में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कदम राज्य में पुलिस विभाग की छवि को सुधारने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

    भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष

    यूपी पुलिस के इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त हैं। पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार एक गंभीर समस्या रही है, और इसे समाप्त करने के लिए ऐसे कठोर कदम उठाना आवश्यक है।

    भविष्य की दिशा

    यूपी पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से अन्य पुलिसकर्मियों को भी एक मजबूत संदेश मिलेगा कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और जनता के विश्वास को बहाल करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भविष्य में भी, ऐसे कदम उठाने की आवश्यकता होगी ताकि पुलिस विभाग में पारदर्शिता और ईमानदारी बनी रहे।

  • डीपीएस बोकारो के संगीत शिक्षक मयंक को मिला ‘विश्वरत्न सम्मान

    डीपीएस बोकारो के संगीत शिक्षक मयंक को मिला ‘विश्वरत्न सम्मान

    डीपीएस बोकारो के संगीत शिक्षक मयंक को मिला ‘विश्वरत्न सम्मान

    कुशल शिक्षण शैली के लिए ग्लोबल अवार्ड मिलने पर प्राचार्य डॉ. गंगवार ने दी बधाई

    दुनिया भर के विभिन्न देशों से प्रतिभागी हुए थे शामिल, एकमात्र विजेता बन बढ़ाया राज्य व देश का मान

    बोकारो: दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो के संगीत शिक्षक मयंक कुमार भक्त ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है। तबला शिक्षक मयंक को विश्वरत्न सम्मान 2024 से नवाजा गया है। नीति आयोग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार से संबद्ध संगठन वर्दी वेलनेस फाउंडेशन ने वैश्विक स्तर पर संगीत शिक्षकों के लिए हाल ही में एक स्पर्धा करवाई थी। इसमें संबंधित वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि के लिए एकमात्र मयंक को उक्त सम्मान के लिए चयनित किया गया। संगीत-शिक्षण के प्रति समर्पण, लगन एवं संगीत के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारकर जीवन में समृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने बच्चों को संगीत सिखाने के नवोन्मेषी तरीके एवं आयुवार उन्हें समझाने की रोचक विधियों को लेकर अपनी प्रविष्टि भेजी थी। उन्हें पुरस्कार-स्वरूप प्रशस्ति-पत्र, शील्ड व मेडल प्राप्त हुआ। गुरुवार को विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए एस गंगवार ने मयंक को इस विश्व-प्रतिष्ठित सम्मान के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मयंक ने शिक्षकों को प्रोत्साहित करने की दिशा में विद्यालय के योगदान तथा प्राचार्य डॉ. गंगवार के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताते हुए इसके लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

    राष्ट्रीय स्तर पर पहले भी मिले हैं कई पुरस्कार, विरासत में मिला संगीत

    26 वर्षीय मयंक को तबला-वादन के साथ-साथ गायन व नृत्य विधा की भी अच्छी जानकारी है। इसके पूर्व, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर टैलेन्ट हंट विजेता, टीचर इनोवेशन अवार्ड, राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार, यूथ फेस्टिवल गोल्ड अवार्ड, स्वर संगम अवार्ड, दूरदर्शन-आकाशवाणी पुरस्कार सहित अन्य कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से संगीत में स्नातकोत्तर की डिग्री अर्जित करने वाले मयंक को संगीत अपने परिवार से ही विरासत में मिली। उनके पिता दिवाकर भक्त कतरास (धनबाद) में संगीत शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हैं और उनके बड़े भाई भानुदय भक्त भी संगीत शिक्षक हैं। माता प्रेमलता देवी को भी संगीत में रुचि रही है। इसके अलावा, मयंक ने बीएचयू में संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण उद्धव, पं. किशोर मिश्रा एवं पं. समर साहा से संगीत की विधिवत तालीम ली है। बीएचयू में पढ़ाई के दौरान उन्हें सीसीआरटी (सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्‍द्र) से विशेष छात्रवृत्ति भी मिल चुकी है। जालंधर, दिल्ली, कोलकाता, वाराणसी, रांची सहित देश के विभिन्न शहरों में उन्होंने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के संगीत सम्मेलनों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

    संस्कार और धैर्य सिखाता है संगीत

    बनारस घराने के तबला-वादन में हस्त-सिद्ध कलाकार मयंक अपनी विद्या से बच्चों को भी प्रतिभावान बनाना चाहते हैं। एक खास बातचीत में उन्होंने कहा कि संगीत संस्कार और धैर्य सिखाता है। इसमें सम्मान है और करियर की असीम संभावनाएं हैं। आकाशवाणी, रांची के आर्टिस्ट रह चुके मयंक को बचपन से ही संगीत में रुचि रही और अपने पिता की तरह उन्होंने भी इसमें ही अपना करियर बनाया। विद्यालय में शिक्षण-कार्य के अलावा वह प्रतिदिन चार से पांच घंटे रियाज करते हैं। संगीत-साधना में उन्होंने रियाज को एक अनिवार्य तपस्या बताया। उन्हें कविता-लेखन में भी रुचि है। मयंक अपने गुरुओं को ही अपना आदर्श मानते हैं।

  • अवैध तरीके से जमीन कब्जाने में हेमंत सोरेन भी शामिल: झारखंड हाईकोर्ट को ED का जवाब

    अवैध तरीके से जमीन कब्जाने में हेमंत सोरेन भी शामिल: झारखंड हाईकोर्ट को ED का जवाब

    22 मई को सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोई राहत नहीं दी। सुप्रीम कोर्ट ने सोरेन की याचिका को खारिज करते हुए तर्क दिया कि इस याचिका में कई महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए गए थे, जो न्यायिक प्रक्रिया के लिए आवश्यक थे। यह निर्णय सोरेन के खिलाफ आरोपों को और अधिक सशक्त करता है और उनके खिलाफ चल रहे जांच के मामले को मजबूती प्रदान करता है।

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया में तथ्यों की पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। तथ्य छिपाने की प्रवृत्ति न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, और इस मामले में भी यही हुआ। कोर्ट का यह दृष्टिकोण न केवल हेमंत सोरेन के लिए, बल्कि सभी राजनीतिक और सार्वजनिक व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि किसी भी प्रकार की कानूनी रियायत के लिए तथ्यों की पूरी सच्चाई आवश्यक है।

    इस फैसले ने हेमंत सोरेन के खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता को और भी बढ़ा दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पहले ही सोरेन पर अवैध तरीके से जमीन कब्जाने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय इन आरोपों को और भी मजबूत करता है, जिससे जांच एजेंसियों को उनके खिलाफ अधिक ठोस कार्रवाई करने का अवसर मिलता है।

    सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद हेमंत सोरेन के लिए कानूनी चुनौतियाँ और भी बढ़ गई हैं। इस मामले का परिणाम झारखंड की राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है और राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति को भी प्रभावित कर सकता है। अब यह देखना होगा कि सोरेन और उनकी कानूनी टीम इस फैसले का सामना कैसे करते हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया में क्या कदम उठाते हैं।

    झारखंड हाईकोर्ट को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपने जवाब में सूचित किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अवैध तरीके से जमीन कब्जाने के मामलों में सम्मिलित हैं। ED ने अपने जवाब में विस्तृत जानकारी और सबूत प्रस्तुत किए हैं, जो सोरेन के खिलाफ चल रही जांच को और अधिक पुख्ता करते हैं। इस जवाब में प्रमुखता से उल्लेखित किया गया कि सोरेन ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी और निजी भूमि पर अवैध कब्जा किया है।

    ED द्वारा प्रस्तुत सबूतों में विभिन्न दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन के विवरण, और गवाहों के बयान शामिल हैं। इन सबूतों से यह स्पष्ट होता है कि सोरेन ने अपने प्रभाव का उपयोग करके कई जमीनों पर अवैध कब्जा किया। इन मामलों में स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है, जिन्होंने सोरेन के इशारे पर अवैध गतिविधियों को नज़रअंदाज़ किया।

    प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को उजागर किया, जिनसे यह साबित होता है कि अवैध जमीन कब्जाने में उच्चस्तरीय सरकारी अधिकारियों की भी संलिप्तता रही है। ED ने यह भी बताया कि सोरेन ने अपने करीबी सहयोगियों और रिश्तेदारों के नाम पर भी जमीनें कब्जाई हैं, जिससे वे सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।

    झारखंड हाईकोर्ट को ED का यह जवाब राज्य में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह मामला न केवल हेमंत सोरेन के राजनीतिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है, बल्कि राज्य में चल रही अन्य अवैध गतिविधियों पर भी अंकुश लगाने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

    मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोप

    हेमंत सोरेन पर मनी लॉन्ड्रिंग के कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जो उनकी छवि और राजनीतिक करियर पर गहरा असर डाल सकते हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा प्रस्तुत सबूतों में विभिन्न वित्तीय लेन-देन और संपत्ति की जानकारी शामिल है, जो अवैध गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं। इन आरोपों के तहत, यह भी दावा किया जा रहा है कि सोरेन ने अपने पद का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत लाभ के लिए अवैध धन का प्रयोग किया।

    प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में बताया कि सोरेन और उनके सहयोगियों ने कई वित्तीय लेन-देन किए हैं, जो संदिग्ध माने जा रहे हैं। इसके तहत कई बैंकों के खातों में अचानक बड़ी रकम का स्थानांतरण हुआ है, जो सोरेन के आय के ज्ञात स्रोतों से मेल नहीं खाते। इस वित्तीय अनियमितता की जांच में, ED ने यह भी पाया कि कई संपत्तियों का अधिग्रहण किया गया है, जिनकी खरीद-बिक्री के दस्तावेजों में अनियमितताएं पाई गई हैं।

    इन आरोपों के मद्देनजर, झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो हेमंत सोरेन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे राज्य की राजनीति पर भी गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है।

    मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के चलते सोरेन की राजनीतिक छवि को भारी नुकसान पहुंच सकता है। उनके विरोधी इन आरोपों का फायदा उठाकर उनके खिलाफ राजनीतिक माहौल को और भी अधिक गरम कर सकते हैं। इस मामले की जांच और इसके परिणामस्वरूप आने वाले निष्कर्ष झारखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    राजनीतिक और कानूनी प्रभाव

    हेमंत सोरेन के खिलाफ अवैध तरीके से जमीन कब्जाने के आरोपों का झारखंड की राजनीति पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। इस मामले ने राज्य में उनकी पार्टी और समर्थकों के बीच असंतोष को बढ़ा दिया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस और चिंता का माहौल है। इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति में एक बड़ी हलचल मचा दी है और विपक्षी दलों को सोरेन के खिलाफ हमले का एक नया अवसर प्रदान किया है।

    राजनीतिक दृष्टिकोण से, यह मामला हेमंत सोरेन की छवि और उनकी सरकार की स्थिरता पर सवाल खड़ा कर रहा है। विरोधी दल इस मुद्दे को लेकर आक्रामक हो गए हैं और लगातार सोरेन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यह स्थिति आगामी चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, क्योंकि जनता का विश्वास हिल सकता है। सोरेन की विश्वसनीयता और उनकी पार्टी की लोकप्रियता के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

    कानूनी दृष्टिकोण से, अगर हेमंत सोरेन दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अगर अदालत में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत प्रस्तुत किए जाते हैं और उन्हें दोषी ठहराया जाता है, तो उनकी राजनीतिक करियर को बड़ा झटका लग सकता है।

    कानूनी परिणामों के अलावा, यह मामला राज्य में कानून के शासन और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भी प्रकाश डालता है। यह दर्शाता है कि कानून सभी के लिए समान है और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितनी भी बड़ी राजनीतिक हस्ती क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। इस प्रकार, यह मामला न केवल हेमंत सोरेन की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि राज्य की न्याय प्रणाली की भी परीक्षा ले रहा है।

  • बोकारो में जिला टास्क फोर्स ने सेक्टर 9 के कार वाशिंग गैराज से पांच बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया

    बोकारो में जिला टास्क फोर्स ने सेक्टर 9 के कार वाशिंग गैराज से पांच बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया

    बोकारो में जिला टास्क फोर्स ने सेक्टर 9 के कार वाशिंग गैराज से पांच बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया

    विश्व बाल मजदूरी निषेध दिवस पर कार्रवाई

    बोकारो: उपायुक्त बोकारो के निर्देशानुसार गठित जिला धावा दल ने आज श्रम विभाग के नेतृत्व में बोकारो के सेक्टर 9 के कार वाशिंग गैराज से पांच बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया। जिला धावा दल तथा बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शंकर रवानी ने कहा कि बाल मजदूरी कराना कानूनन अपराध है और नियोक्ता पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रवानी ने कहा कि बोकारो जिले में बाल मजदूरी तथा बाल तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि आज बाल मजदूरी निषेध दिवस है, जिस पर हमें विशेष रूप से बच्चों के अधिकार को लेकर सजग होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बाल शोषण के मामले की जानकारी कोई भी जिला टास्क फोर्स को दे सकता है, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू किए गए तीन बाल श्रमिक 14 वर्ष से कम उम्र के हैं, जिन्हें पुनर्वासित किया जाएगा। तथा दो की उम्र 16 वर्ष है, जिनकी काउंसलिंग की जा रही है।

    इस दौरान सीडब्ल्यूसी सदस्य प्रीति प्रसाद, जिला बाल संरक्षण इकाई की सरिता कुमारी, चाइल्ड लाइन की अनिता कुमारी, श्रम विभाग से सुबल चंद्र गोप, नेपाल मुंडा, महेंद्र महतो और सहयोगिनी के फुलेंद्र रविदास, अनिल कुमार हेंब्रम शामिल थे। बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया है। बाल कल्याण समिति विमुक्त किए गए बाल श्रमिकों को तत्काल आश्रय के लिए बाल गृह चास भेज रही है।

    सहयोगिनी के जिला समन्वयक फुलेंद्र रविदास ने कहा कि संस्था पूरे जिले में बाल मजदूरी, बाल यौन हिंसा तथा बाल विवाह को लेकर सघन रूप से कार्य कर रही है तथा बच्चों के अधिकार को लेकर संस्था एक्शन मोड में है। जिले में बाल तस्करी तथा बाल मजदूरी के किसी भी प्रकार के मामले की सूचना टोल फ्री नंबर पर या टास्क फोर्स को दी जा सकती है।