गिरिडीह। जिले के गावां प्रखंड निवासी कुलदीप तुरी ने जमीन विवाद में कथित अवैध कब्जे और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए कुलदीप ने अपने सिर के आधे बाल और आधी मूंछ हटा ली। इसके बाद उन्होंने गिरिडीह डीसी कार्यालय के सामने अपना विरोध जताया।
कुलदीप का कहना है कि वह अपनी जमीन से जुड़े मामले को लेकर लंबे समय से प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। स्थानीय स्तर से लेकर जिला प्रशासन तक शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी उनकी समस्या पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वह और उनका परिवार काफी परेशान है।
स्थानीय थाना से डीसी कार्यालय तक लगाई गुहार
कुलदीप तुरी के अनुसार, उनके गांव की जमीन पर कुछ लोगों ने कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया है। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय थाना में शिकायत करने के साथ-साथ संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष भी अपनी बात रखी। इसके बाद वह गिरिडीह डीसी कार्यालय तक पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग की।
कुलदीप का कहना है कि अलग-अलग स्तर पर शिकायत करने के बावजूद जमीन विवाद का समाधान नहीं हो सका। उनका आरोप है कि उनकी लगातार फरियाद के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला। इसी से नाराज होकर उन्होंने आधे बाल और आधी मूंछ हटाकर विरोध दर्ज कराने का फैसला किया।
करीब एक सप्ताह से परिवार के साथ धरने पर
न्याय की मांग को लेकर कुलदीप पिछले करीब एक सप्ताह से अपने परिवार के साथ गिरिडीह डीसी कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि परिवार के सदस्यों के साथ खुले आसमान के नीचे धरना देने के बावजूद उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हो रही है।
कुलदीप ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक व्यवस्था मौजूद है, तो उनकी शिकायत लगातार अनसुनी क्यों की जा रही है। उनका कहना है कि वह किसी तरह का विवाद नहीं चाहते, बल्कि अपनी जमीन से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच और उचित समाधान चाहते हैं।
प्रशासन से कार्रवाई और न्याय की मांग
कुलदीप तुरी ने जिला प्रशासन से जमीन से जुड़े पूरे मामले की जांच कराने और कथित अवैध कब्जे की शिकायत पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक वह अपनी मांग को लेकर प्रशासन के समक्ष आवाज उठाते रहेंगे।
फिलहाल, कुलदीप द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले में प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

