लखनऊ। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 1947 के विभाजन को मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता की लालसा में देश का विभाजन कराया। उन्होंने कहा कि बंटवारे की त्रासदी का खामियाजा देश आज भी भुगत रहा है।
गांधी प्रतिमा से लोकभवन तक निकाली मौन पदयात्रा
योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में गांधी प्रतिमा से लोकभवन तक मौन पदयात्रा निकाली। इसके बाद लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी झेल चुके परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए।
- योगी ने विभाजन को एक बड़ी ऐतिहासिक त्रासदी बताया।
- कहा कि विभाजन की कीमत भारत आज भी चुका रहा है।
- उन्होंने लोगों से विभाजन के इतिहास और उसके कारणों को समझने की अपील की।
कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लिए वोट बैंक और सत्ता सबसे महत्वपूर्ण रहे हैं।
- उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए देश के साथ विश्वासघात किया गया।
- उनके मुताबिक विभाजन के दौरान करोड़ों हिंदुओं को अपनी मातृभूमि छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
- उन्होंने हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों के बड़े पैमाने पर विस्थापन और हिंसा का जिक्र किया।
- योगी ने कहा कि विभाजन के पीछे की परिस्थितियों और इसके जिम्मेदार लोगों पर आज भी सवाल खड़े होते हैं।
इतिहास से सीखने की जरूरत
योगी ने कहा कि इतिहास केवल परीक्षा में पढ़ने वाला विषय नहीं है, बल्कि अतीत की गलतियों से सीखने और उन्हें सुधारने का अवसर भी देता है। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य केवल त्रासदी को याद करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को इसके कारणों और परिणामों से अवगत कराना भी है।
सिंध और पंजाब का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विभाजन के दौरान ऐसे क्षेत्रों को भी पाकिस्तान के हिस्से में दिया गया, जिन पर अलग-अलग समुदायों की आबादी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने सिंध, पंजाब और बंगाल के सीमावर्ती इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि विभाजन के बाद वहां रहने वाले हिंदू परिवारों को गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
बांग्लादेश का जिक्र कर विपक्ष पर निशाना
योगी ने हाल के वर्षों में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण ऐसे मामलों पर कई दल चुप रहे।
उन्होंने कहा कि सत्ता को परिवार की विरासत समझने वाली राजनीति ने देश को पहले भी नुकसान पहुंचाया और आज भी वही प्रवृत्ति जारी है।
स्वतंत्रता सेनानियों का किया स्मरण
योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, राजगुरु, राम प्रसाद बिस्मिल, रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण किया।
उन्होंने कहा कि जिन क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया, उनके योगदान को याद रखना जरूरी है। साथ ही उन्होंने लोगों से विभाजन की त्रासदी के बारे में वर्तमान और आने वाली पीढ़ी को जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री अरुण सक्सेना, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

