पटना। बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए मंगलवार को राहत की बड़ी पहल की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 7-7 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता राशि भेजी। इस मद में कुल 579.23 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई।
आपदा प्रबंधन विभाग ने अंचलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित परिवारों का विवरण तैयार किया था। मंगलवार सुबह 11:30 बजे सहायता राशि लाभुकों के खातों में भेजी गई। अधिकारियों के अनुसार, दिन के दौरान लाभुक परिवारों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
राशि हस्तांतरण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई बाढ़ पीड़ित परिवार सहायता से वंचित रह गया है, तो उसका नाम एक सप्ताह के भीतर सूची में जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में कोई प्रभावित परिवार राहत से छूटना नहीं चाहिए।
इस अवसर पर दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
15 जिलों में करीब 49.46 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
बिहार में इस वर्ष गंगा, गंडक, कोसी, पुनपुन समेत कई नदियों में आई बाढ़ से 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से करीब 49.46 लाख आबादी प्रभावित हुई है। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल जिले शामिल हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 1,260 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इनके माध्यम से अब तक करीब 1 करोड़ 19 लाख 33 हजार लोगों को सुबह और शाम भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
वहीं, बाढ़ पीड़ितों के लिए 13 राहत शिविर भी संचालित हैं। इन शिविरों में 11,060 लोगों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। हाल में सामुदायिक रसोई की संख्या 1,257 से बढ़ाकर 1,260 की गई है, जबकि राहत शिविरों की संख्या 15 से घटकर 13 रह गई है।
पशुओं की सुरक्षा के लिए भी प्रशासन की ओर से व्यवस्था की जा रही है। अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों में 13,121 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है।
कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग और मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर घट रहा है। हालांकि, कई स्थानों पर नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बलतारा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, पटना के दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।
इसके अलावा भागलपुर के कहलगांव, मुंगेर, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती और दरौली में घाघरा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासन की ओर से इन क्षेत्रों में जलस्तर और राहत कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है।

