Sunday 29th of March 2026 01:00:33 PM
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नए साल से आयुष विश्वविद्यालय होगा क्रियाशील

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के सभी आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, योग और नैचुरोपैथी महाविद्यालय अगले वर्ष से उत्तर प्रदेश राज्य आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर से संबद्घ हो जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में प्रस्तावित इस नवीन विश्वविद्यालय को आगामी वर्ष से क्रियाशील करने के निर्देश दे दिए हैं। विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तत्परता के साथ कराए जाने के निर्देशों के साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसी तैयारी की जाए, जिससे कि आयुष विश्वविद्यालय में महाविद्यालयों की संबद्घता एवं अन्य प्रशासनिक कार्य सत्र 2021-22 से शुरू हो जाए। विवि परिसर में शिक्षण कार्य सत्र 2022-23 से शुरू करने की टाइमलाइन तय की गई है।

राज्य आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से 29,987़83 लाख का बजट तय किया गया है। निर्माण ईपीसी मोड पर होगा। तय टाइमलाइन के अनुसार पहले चरण में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन, सूचना एवं मूल्यांकन केन्द्र, चिकित्सालय भवन एवं आवासीय ब्लाक का निर्माण दिसम्बर 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। जबकि, एकेडमिक ब्लक और हॉस्टल जून 2022 तक तैयार किया जाएगा और गेस्ट हाउस, सभागार निर्माण व अन्य कार्य तीसरे चरण में होंगे। विवि निर्माण के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया चल रही है। यह काम इसी महीने पूरा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आयुष विवि को विभाग की प्राथमिकता में रखने के निर्देश देते हुए कहा है कि जनवरी 2021 के दूसरे पखवारे में इसका शिलान्यास किया जाना है। शिलान्यास से पूर्व की सारी प्रक्रिया अविलम्ब पूरी कर ली जाए ताकि निर्माण कार्य तुरंत प्रारंभ हो सके। विश्वविद्यालय में आयुर्वेद, योग एवं नेचुरोपैथी शिक्षण संस्थान की स्थापना के संबंध में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के स्तर पर गठित सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन के मानकों के अनुरूप ही कार्यवाही की जाएगी।

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