हिंद और हिंदी से समझौता नहीं, जरूरत पड़ी तो मंत्री पद छोड़ दूंगा- बन्ना गुप्ता

मातृभूमि और मातृभाषा से समझौता नहीं- बन्ना गुप्ता
मातृभूमि और मातृभाषा से समझौता नहीं- बन्ना गुप्ता

जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिमी के कांग्रेस विधायक और हेमंत सोरेन सरकार में स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने एक बार फिर दोहराया कि अगर उनकी मातृभूमि और मातृभाषा से समझौता किया जाता है तो वह अपने मंत्री पद से इस्तीफा देने से नहीं हिचकिचाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं कैबिनेट मंत्री पद छोड़ने के लिए तैयार हूं और जरूरत पड़ी तो विधायक की सीट भी छोड़ दूंगा। लेकिन, किसी भी सूरत में ‘हिंद’ (देश) और हिंदी (मातृभाषा) से समझौता नहीं करूंगा।

उन्‍होंने यह भी कहा कि वह न तो अपनी नैतिकता से समझौता करेंगे और न ही उन लोगों के अधिकारों के लिए लड़ना बंद करेंगे जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके लिए चाहे उन्‍हें जो भी कुर्बानी देनी पड़े।

पिछले महीने गिरिडीह में राहुल गांधी की अगुआई में हुई कांग्रेस पार्टी के चिंतन शिविर के दौरान, बन्‍ना गुप्ता ने इन ज्‍वलंत मुद्दों पर इस्तीफा देने की धमकी दी थी और दावा किया था कि कांग्रेस के सत्तारूढ़ सहयोगी झामुमो राज्य में कांग्रेस के मतदाता आधार का सफाया करने की तैयारी में जुटा है। गठबंधन सरकार में झारखंडी के नाम पर जान-बूझकर कड़े फैसले लिए जा रहे हैं।

रविवार को जमशेदपुर में संभाग स्तरीय बैठक ‘संवाद’ के दौरान बन्‍ना गुप्ता के समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे उनका रुख स्‍थानीय नीति, नियोजन नीति और 1932 खतियान के मसले पर और भी मजबूत हो गया। विशेष रूप से हेमंत सोरेन सरकार, जिसमें बन्‍ना गुप्ता मंत्री हैं ने अपने इस्‍तीफे की पेशकश करते हुए अपने वोटरों को साधने और उनके हक में लड़ने का माद्दा दिखाया।

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