जब पैसे निकले ही नहीं, किसी ने लिए ही नहीं तो घोटाला कैसे हुआ- बन्ना गुप्ता

बनिया हूं, बकरी का बच्चा नहीं जो डर जाउंगा- बन्ना गुप्ता
बनिया हूं, बकरी का बच्चा नहीं जो डर जाउंगा- बन्ना गुप्ता

रांची। कोरोना वारियर्स की प्रोत्साहन राशि अपने तथा अपने लोगों को देने के आरोप पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने सफाई दी। रांची में संवाददाता सम्मेलन में बन्ना गुप्ता ने कहा कि मंत्री कोषांग में 14 लाख 59 हजार की राशि देने का आकलन हुआ था। अब तक किसी को वो राशि नहीं दी गई। तो फिर सरयू राय करोड़ों रुपयों के घोटाले का आरोप किस आधार पर लगा रहे हैं। बन्ना गुप्ता ने कहा कि सरयू राय आकलन और निकासी का फर्क नहीं जानते ये तो बड़ी विचित्र बात है। मंत्री के बचाव में कहा है कि निर्धारित संकल्प के प्रविधानों के अनुसार सक्षम पदाधिकारी के अनुमोदन के बाद ही प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है।

नियमानुसार मिली कोरोना प्रोत्साहन राशि

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले साल एक मई तथा 10 जुलाई को जारी विभागीय संकल्पों में निहित प्रविधानों तथा फाइल में सक्षम पदाधिकारी के अनुमोदन के बाद ही प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई। विभाग के अनुसार, मंत्री, उनके आप्त सचिवों, उनके कोषांग के कर्मियों व अंगरक्षकों सहित कुल 60 पदाधिकारियों, कर्मियों को प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई जिसका 14.59 लाख व्यय का आकलन किया गया। स्वास्थ्य विभाग के कुल 94 पदाधिकारियों, कर्मियों की प्रोत्साहन राशि की अनुशंसा विभागीय कमेटी द्वारा की गई जिनमें 93 को भुगतान हुआ। इनपर 37 लाख रुपये खर्च हुए।

उन्होने यह भी कहा है कि उक्त संकल्प के तहत कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं चिकित्सा में अपने कत्र्तव्यों का निर्वहन करनेवाले स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यालयों एवं अस्पतालों के पदाधिकारियों, चिकित्सकों एवं सभी कोटि के कर्मियों को प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है। 10 जुलाई 2021 को जारी संकल्प में इसपर 16.25 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान लगाया गया है।

सरयू राय की राजनीतिक सूचिता पर सवाल

बन्ना गुप्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरयू राय राजनीतिक सूचिता की बातें करते हैं। लेकिन वो मंत्री न रहते हुए मंत्रियों के बंगले में रह रहे हैं। ऐसे में कहां गई उनकी राजनीतिक सूचिता ? बन्ना गुप्ता ने कहा कि खाद्य मंत्री रहते हुए सरयू राय पर हाईकोर्ट में मामला दर्ज हुआ था, उसका क्या हुआ। उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि सरयू राय ने एक बार नहीं, तीन-तीन बार टाटा कंपनी का पानी जमा किया। उस पानी को उन्होने कहां ले जाकर बेचा इसपर भी सवाल पूछे जाने चाहिए। बन्ना गुप्ता ने कहा कि सवाल तो इसपर भी पूछे जाने चाहिए कि मानगो में एक पुल बनाए जाने का उन्होने क्यों विरोध किया।

बन्ना का इमोशनल दाव

बन्ना गुप्ता ने कहा कि वे सरयू राय का सम्मान करते हैं। वे पैर छूकर प्रणाम करते हैं। सरयू राय जी बड़े हैं और मैं छोटी जाति का। मुझमें उनके पैर छूने को लेकर कोई ईगो नहीं है। एक सवाल के जवाब में बन्ना गुप्ता ने कहा कि मैं बनिया हूं, कोई बकरी का बच्चा नहीं जो डर जाउं।

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