दिशा की बैठकें कराने में झारखंड फिसड्डी,  होनी थी लगभग 300 बैठकें, हुई मात्र 65

सांसद संजय सेठ के सवाल पर ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का जवाब
सांसद संजय सेठ के सवाल पर ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का जवाब

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन और जिलों के कुशल और समयबद्ध विकास के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय सुनिश्चित हो, इसके लिए दिशा समिति का गठन किया गया है। दिशा समिति कि राज्य स्तरीय बैठक प्रत्येक 6 महीने में कम से कम एक बार होनी चाहिए और जिला स्तरीय दिशा समिति की बैठक प्रत्येक 3 माह में कम से कम एक बार आयोजित की जानी चाहिए।

उक्त जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने लोकसभा में दी। लोकसभा में अतारांकित प्रश्न काल में सांसद संजय सेठ ने दिशा के लक्ष्य से संबंधित सवाल किए थे और इसकी स्थापना के उद्देश्य पर जानकारी मांगी थी। इसके साथ ही सांसद में यह भी जानना चाहा था कि गत 3 वर्षों में झारखंड में दिशा समिति की कितनी बैठक में हुई? सांसद ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए मंत्रालय के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी मांगी थी। इसी के जवाब के आलोक में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ने यह लक्ष्य और उद्देश्य बताया।

केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री के अनुसार दिशा समिति की जिला स्तरीय बैठक प्रत्येक 3 महीने में न्यूनतम एक बार होनी चाहिए। इसके तहत मंत्रालय ने जो डाटा सांसद को उपलब्ध कराया, उसके अनुसार झारखंड में दिशा की स्थिति बहुत खराब है। 2018-19 में राज्य के 24 जिलों में सिर्फ 33 बैठक में हुई। वही 2019-20 में सिर्फ 13 बैठक हुई जबकि 2020-21 में सिर्फ 19 बैठक ही हो पाई। इनमें सबसे अधिक बैठक सिमडेगा और खूंटी जिले में हुई जबकि रांची में सिर्फ 4 बैठके ही हो पाई। कई जिलों में बीते 2 वर्षों में झारखंड में दिशा की बैठक ही नहीं हुई। बीते 3 वर्षों में झारखंड के जिलावार मामलों की चर्चा करें तो लगभग 300 दिशा समिति की न्यूनतम बैठक आयोजित होनी थी, परंतु यह सिर्फ 65 बैठकों तक सिमट कर रह गई। मतलब लक्ष्य के अनुपात में 25 फ़ीसदी से भी कम बैठक झारखंड में हुई है।

पिछले 3 वर्षों में झारखंड में दिशा की बैठकों में जिन योजनाओं पर चर्चा हुई, उसमें मनरेगा, दीनदयाल अंत्योदय योजना, ग्रामीण कौशल योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, श्याम प्रसाद मुखर्जी, रुबान मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित कुल 29 योजनाओं पर दिशा की बैठकों में चर्चा हुई है।

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