लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल करने पर विचार

लड़का और लड़की दोनों के विवाह की न्यूनतम उम्र अब 21 साल होगी
लड़का और लड़की दोनों के विवाह की न्यूनतम उम्र अब 21 साल होगी

मोदी सरकार ने कैबिनेट में एक प्रस्ताव रखा है जिसमें लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल से बढ़ा कर 21 साल करने की बात है । केंद्र सरकार का तर्क है कि अगर लड़कों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल है तो फिर लड़कियों के लिए 18 साल क्यों हो ? 1978 में बना हिंदू विवाह अधिनियम ही  भेद-भाव बढ़ाने वाला है । सरकार का मानना है कि लड़का-लड़की की शादी की न्यूनतम उम्र एक समान करने से महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा और लड़कियों की शिक्षा का स्तर बेहतर होगा।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद केंद्र की मोदी सरकार बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 में एक संशोधन पेश करेगी । इसके बाद विशेष विवाह अधिनियम और हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 जैसे व्यक्तिगत कानूनों में संशोधन लाएगी। बुधवार को दी गई मँजूरी दिसंबर 2020 में जया जेटली की अध्यक्षता वाली केंद्र की टास्क फोर्स द्वारा नीति आयोग को सौंपी गई सिफारिशों पर आधारित है।

लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र में कब-कब हुए बदलाव 

• 1846- 10 वर्ष

• 1891- 12 वर्ष

• 1929- 14 वर्ष

• 1978- 18 वर्ष
लड़का – 21 Years

(1978 से पहले लड़का की शादी की न्यूनतम उम्र सीमा नहीं थी)

सामाजिक बदलाव के पड़ाव

विधवा की दोबारा शादी के लिए

• Widow Re-Marriage Act- 1856

बाल विवाह रोकने के लिए

• Prohibition of Child Marriage Act –  2006

हिंदू-सिख-जैन आदि के लिए शादी का कानून

• Hindu Marriage Act, 1955

मोदी का सामाजिक सुधार (लड़का-लड़की एक समान)

• Cabinet clears push to raise marriage age from 18 to 21

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