जेपी केंद्रीय कारा परिसर स्थित डिटेंशन सेंटर से दो विदेशी बंदी फरार

पूर्व में भी यहां से एक बंदी हो चुका है फरार

जिला प्रशासन के जिम्मे थी सुरक्षा व्यवस्था, खंगाले जा रहे हैं सीसीटीवी फुटे

हजारीबाग। जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा परिसर स्थित डिटेंशन सेंटर (अवैध रूप से भारत प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए) से दो बंदी मंगलवार को फरार हो गए। बताया जा रहा है कि दोनों विदेशी नागरिक म्यांमार  मूल के रोहिंग्या नागरिक थे। भागने वाले बंदियों में मो. जावेद और मो. जाहिद का नाम शामिल है। अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के जुर्म में दोनों ने सजाएं पूर्ण कर ली थी। जिसके बाद पिछले 11 माह से इन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा जा रहा था। बतातें चलें कि म्यांमार सरकार रोहिंग्याओं को राज्य विहीन मानती है और उन्हें देश की नागरिकता देने से इनकार करती है।

जिला प्रशासन के जिम्मे थी सुरक्षा व्यवस्था

जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा हजारीबाग के काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने जानकारी देते हुए बताया कि डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था जिला प्रशासन के अंतर्गत है। यहां जिला बल के 4-1 के जवान इनकी सुरक्षा में लगे थे। अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि आखिर दोनों बंदी सेंटर से कब और कितने बजे फरार हुए। काराधीक्षक ने कहा कि मंगलवार के दिन 1:47 बजे उन्हें पता चला कि उक्त  सेंटर से दो बंदी फरार हुए हैं। उन्होंने बताया कि सुबह को उन्हें दिया जाने वाला नाश्ता भी उसी तरह पड़ा हुआ है।

खंगाले जा रहें हैं सीसीटीवी फुटेज

कैंप में लगे सीसीटीवी फुटेज से जानकारी तलाशने में सदर एसडीपीओ मुकेश प्रजापति, जेपी नारायण केंद्रीय कारा के काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर व जेलर तथा लोहसिंघना थाना प्रभारी निशि कुमारी लगे हुए हैं। फुटेज से यह तलाशने के प्रयास किया जा रहा है कि आखिर कैसे व कितने बजे तथा किन रास्तों से होकर बंदी फरार हुए।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल  

बंदियों के फरार होने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इतने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था वाले क्षेत्र से फरार होने के मामले को लेकर सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो रहें हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह पता चला है कि कैंप की सुरक्षा में लगे जवान शराब के नशे में धुत रहतें हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि नशेड़ियों की बदौलत सुरक्षा लगाकर प्रशासन ने कितनी बड़ी भूल की है।

पूर्व में भी एक बंदी हो चुका है फरार

कैंप से फरार होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी यहां से एक बंदी फरार हो चुका है। बावजूद इसके प्रशासन ने इसे संजीदगी से नहीं लिया। जिसके कारण यहां फिर से दो बंदी भागने में सफल हुए हैं। इन दोनों बंदियों के फरार होने के बाद अब इस कैंप में एक भी बंदी नहीं है।

क्या कहते हैं एसपी और सदर एसडीओ

इस संबंध में पूछे जाने पर एसपी कार्तिक एस ने बताया यह डिटेंशन सेंटर जिला प्रशासन के नियंत्रण में है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर तैनात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस संबंध में सदर एसडीओ विद्याभूषण प्रसाद ने कहा कि अभी इस मामले पर एसडीपीओ व काराधीक्षक की टीम जांच कर रही है। यदि जांच के क्रम में सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही सामने आती है तो निश्चित रुप से उपर कार्रवाई की जाएगी।

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