ट्रंप, एलन मस्क, वाल्ट्ज… अमेरिका में पीएम मोदी की बैक-टू-बैक मुलाकात, 24 घंटे में भारत को क्या मिला?
वाशिंगटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका दौरा कूटनीति और रणनीतिक बैठकों से भरपूर रहा। बीते 24 घंटों में उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, बिजनेसमैन एलन मस्क, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज समेत कई प्रमुख हस्तियों से मुलाकात कर भारत के हितों को प्राथमिकता दी। इन बैठकों से न केवल भारत-अमेरिका संबंधों को नई मजबूती मिली बल्कि व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में कई बड़े फैसले भी हुए।
ट्रंप से द्विपक्षीय वार्ता – नए व्यापार मार्ग और रक्षा सौदे पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने वाशिंगटन डीसी के ब्लेयर हाउस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अहम बैठक की। यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बाद उनकी पहली मुलाकात थी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- भारत और अमेरिका मिलकर नए व्यापार मार्ग (ट्रेड रूट) पर काम करने को तैयार हुए, जो भारत से इजरायल, इटली होते हुए अमेरिका तक जाएगा।
- अमेरिका भारत को F-35 स्टील्थ फाइटर जेट और अन्य आधुनिक हथियारों की बड़ी सैन्य बिक्री करेगा।
- अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को वापस भेजने के लिए भारत तैयार होगा।
- 26/11 हमले के दोषी तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा।
एलन मस्क से मुलाकात – क्या भारत में टेस्ला का विस्तार होगा
एलन मस्क अब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के सबसे प्रभावशाली बिजनेसमैन माने जा रहे हैं। पीएम मोदी और टेस्ला-एक्स (Twitter) के मालिक एलन मस्क की इस मुलाकात के रणनीतिक मायने बड़े हैं।
- मस्क के चीन में बड़े बिजनेस हैं, लेकिन अमेरिका-चीन तनाव के कारण भारत उनके लिए एक बेहतर विकल्प बन सकता है।
- भारत में टेस्ला के विस्तार और निवेश को लेकर चर्चा हुई।
- मोदी ने मस्क के परिवार के साथ भी बातचीत की, जिससे रिश्तों में अनौपचारिक गर्माहट भी दिखाई दी।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज से रणनीतिक वार्ता
ब्लेयर हाउस में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-अमेरिका रक्षा, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।
- रणनीतिक टेक्नोलॉजी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
- छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों, नागरिक परमाणु ऊर्जा और आतंकवाद से निपटने पर चर्चा हुई।
- पीएम मोदी ने वाल्ट्ज को भारत का एक महान मित्र बताया।
विवेक रामास्वामी से चर्चा – इनोवेशन और बायोटेक्नोलॉजी पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल के अमेरिकी एंटरप्रेन्योर विवेक रामास्वामी से भी मुलाकात की। रामास्वामी ने पहले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भाग लिया था, लेकिन बाद में डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया।
- भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर चर्चा हुई।
- इनोवेशन, बायोटेक्नोलॉजी और आंत्रप्रेन्योरशिप के महत्व पर बात हुई।
- तकनीकी और वैज्ञानिक विकास में भारत की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
मोदी का 24 घंटे में दमदार डिप्लोमैटिक परफॉर्मेंस
पीएम मोदी का अमेरिका में पहला 24 घंटे बेहद व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा। इन बैक-टू-बैक हाई-प्रोफाइल बैठकों ने दिखाया कि भारत अब झुकने के मूड में नहीं और अपने हितों को सर्वोपरि रखेगा।
- व्यापार और रक्षा में बड़ी डील्स पक्की हुईं
- टेस्ला और अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए भारत बना आकर्षण का केंद्र
- सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दों पर भारत को मिली मजबूत अमेरिकी सहमति
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस यात्रा के आने वाले 24 घंटों में भारत को और क्या बड़े फायदे मिलते हैं।

