संथाल विद्रोह के महानायक की जयंती में शामिल हुए सीएम हेमंत सोरेन

साहिबगंज: हूल क्रांति के महानायक सिदो कान्हू जयंती में सीएम हेमंत सोरेन हुए सम्मलित. परंपरा के तहत ही 11 अप्रैल को उक्त जयंती मनाई जाती है. सीएम हेमंत सोरेन, सासंद विजय हांसदा, विधायक प्रतिनिधि सह झामुमो केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा, डीसी डाँ. रामनिवास यादव, एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा ने भोगनाडीह स्टेडियम मे सिद्धो कान्हो की प्रतिमा पर विधिवत पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया इस दौरान आदिवासी संस्कृति के तहत ही गीत भी गाए गए. वैसे जिला समेत प्रदेश के कई इलाकों में लोग क्रांति के महानायक को याद कर उनकी जयंती मना रहे हैं.

भोगनाडीह के स्टेडियम में की पूजा-अर्चना

सिदो कान्हो की जयंती पर शहीद के वंशजों की ओर से पैतृक गांव भोगनाडीह स्थित स्टेडियम में सिदो-कान्हू, चांद भैरव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा अर्चना किया.

क्रांति स्थल भी पहुंचे सीएम

क्रांति स्थल पंचकठिया जहां सिद्धो कान्हो को फांसी दी गई थी, वहां सीएम हेमंत ने अपने काफिले के साथ क्रांति स्थल पर पूजा अर्चना कर नमन किया.

1857 से दो साल पहले छेड़ दी थी जंग

इतिहास के पन्नों को पलटें तो आजादी के लिए पहला बिगुल फूंकने का जिक्र 1857 में मिलता है. लेकिन, इससे दो साल पहले ही झारखंड में संथालों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आजादी की जंग छेड़ दी थी. संथालों ने नारा दिया था “करो या मरो, अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो” और नारा देने वाले थे सिदो-कान्हू, अंग्रजों के खिलाफ मोर्चा खोल उनके छक्के छुड़ा दिए थे. वीर सपूतों के शहादत में प्रत्येक साल 11 अप्रैल को जयंती के रूप मे मनाया जाता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.