कोल्हान गवर्मेंट ईस्टेट की मांग को आदिवासी संगठनों ने किया खारिज

चाईबासा में हो समाज की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला
चाईबासा में हो समाज की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला

चाईबासा । कोल्हान गवर्मेन्ट ईस्टेट के नाम से उत्पन्न अति संवेदनशील घटना एवं मुद्दे को लेकर आदिवासी हो समाज महासभा एवं अंगीकृत शाखाओं की संयुक्त पहल पर महासभा परिसर हरिगुटू चाईबासा में मानकी-मुण्डा संघ,जोहार संगठन तथा अन्य सामाजिक संगठनों के साथ सामाजिक स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक हुई ।

बैठक में विल्किंसन रूल्स,पाँचवी अनुसूचि,पेसा कानून,समता जजमेन्ट जैसे कानूनों पर विचार – विमर्श किया गया । इसके साथ ही बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों द्वारा संवेदनशील मुद्दा पर विचार प्रस्तुत कर रायशुमारी के क्रम में निम्न बिन्दु समाज के सामने सुझाये गये ÷

1. कोल्हान गवर्मेंट ईस्टेट को आदिवासी हो समाज महासभा, आदिवासी हो समाज युवा महासभा, आदिवासी हो समाज सेवा निर्मित संगठन एवं मानकी मुंडा संघ ने खारिज किया. इसका हो समाज से कोई लेना देना नहीं है. यह सिर्फ कुछ स्वार्थी तथ्यों के द्वारा हो समाज और कोल्हान को बदनाम एवं पैसा कमाने का माध्यम बनाया गया है.

2. मौजूदा समय में खेवट सिस्टम भारत आजादी के बाद समाप्त है. जब खेवट ही नहीं है फिर खेवटदार पर मानकी या मुण्डा का मतलब नहीं बनता.

3. छोटानागपुर रूलर पुलिस एक्ट 1914, कोल्हान में लागू नहीं था, फिर इस एक्ट के तहत पुलिस बहाली पूर्णता गलत एवं गैर कानूनी है.

4. हो समाज में मौजूदा विवाद के मद्देनजर निर्णय लिया गया कि उपरोक्त संगठनों के मार्फत स्वार्थी तत्वों को अपने मकसद में सफलता नहीं होने देंगे, और कोल्हान में अमन चैन को पुनः बहाल करने का प्रयास करेंगे.

5. समाज के युवाओं से अपील है कि इन स्वार्थी तत्वों के बहकावे पर न आएँ और शांति बनाए रखें.

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