झारखंड में सत्ता की शह पर बढ़ रही अपराधियों की ‘हिम्मत’ – अन्नपूर्णा देवी

कोडरमा : केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और कोडरमा की सांसद श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि झारखण्ड में अराजकता चरम पर है और रक्षक ही भक्षक बन बैठा है। अवैध वसूली के लिए सत्ता शीर्ष के संरक्षण में पुलिस हिरासत में, पुलिस की निर्मम और असंवैधानिक हिंसा के कारण लोग जान गंवा रहे हैं। ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत या हत्या हो जा रही है और सत्ता शीर्ष के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। लुटेरों और अवैध धंधेबाजों को खुली छूट दे दी गयी है और निर्दोष लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

सपही (डोमचांच) निवासी अर्जुन साव की पुलिस हिरासत हत्या कर दी गई और उनके शव को जलाने का प्रयास भी किया गया। मृतक के परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने डोमचांच के नीरू पहाड़ी के समीप शव के साथ प्रदर्शन कर न्याय की मांग की। प्रदर्शन कर रहे स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ढिबरा के लिए अवैध वसूली के लिए अर्जुन साव की प्रताड़ना और निर्मम हत्या पुलिस कर्मियों द्वारा की गयी है।

अन्नपूर्णा देवी ने वहां पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का समर्थन किया और एसपी को तलब कर इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की। एसपी ने भी स्वीकारा कि पुलिस हिरासत में अर्जुन साव के साथ ज्यादती हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

प्रदर्शन स्थल पर ही मीडिया से बातचीत में अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि राज्य में खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों की खुली लूट हो रही है और इनपर रोक लगाने के जिम्मेवार अवैध वसूली में व्यस्त हैं। झारखण्ड में कानून का राज और आम लोगों का पुलिस प्रशासन और सरकार से भरोसा समाप्त हो गया है। रूपा तिर्की और लालजी यादव सरीखे होनहार पुलिस अफसर या तो साजिशपूर्वक मार दिए जा रहे हैं या उन्हें खुदकुशी के लिए मजबूर कर दिया जाता है। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसे लोगों को यह सब करने की “हिम्मत” कहां से मिल रही है?

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि अब पानी सिर से ऊपर आ गया है। अगर राज्य के सत्ता शीर्ष ने संज्ञान लेकर इन मनबढू जमातों पर लगाम नहीं लगाया तो जनता न्याय के लिए सड़क पर उतरेगी और भाजपा भी चरणबद्ध आन्दोलन शुरू करने को बाध्य होगी।

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