बाबा वैद्यनाथ धाम के पंडे-पुजारी आज हड़ताल पर हैं। ब्राह्मण समाज को धरना देना पड़ रहा है । दुकानें बंद हैं और व्यापारी पंडा-पुरोहितों के साथ खड़े हैं। सबकी मांग बस एक है कि बाबा वैद्यनाथ मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए जाएं । सरकार चाहे तो दर्शनार्थियों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करा ले, लेकिन बाबा का दरबार शिवभक्तों के लिए खोल दे।

हजारों परिवारों के समक्ष भूखमरी की स्थिति
देवघर की अर्थव्यवस्था बहुत हद तक बाबा वैद्यनाथ मंदिर पर आश्रित है। पिछले दो सालों से मंदिर बंद हैं, लाखों की संख्या में बाबा के दर्शन को पहुंचने वाले भक्त वैद्यनाथ धाम नहीं आए हैं। दो-दो सावल मेला सन्नाटे में गुजर गया। हजारों परिवार पिछले दो सालों से कमाई नहीं होने के कारण परेशान हैं, उनके समक्ष भूखो मरने की स्थिति है।

बंद के दौरान दुकानें खोलने वालों का सामाजिक बहिष्कार
देवघर बंद का व्यापक असर दिख रहा है। सड़कों पर वाहन नहीं चल रहे हैं। सड़क और गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। इस सन्नाटे को बीच-बीच में पुलिस की चहलकदमी तोड़ रही है। पंडा धर्मरक्षिणी सभा ने एलान किया है कि जो दुकानदार बंद का विरोध करते हुए अपनी दुकानें खोलेंगे, उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा । पंडा धर्मरक्षिणी सभा का समर्थन देवघर के व्यवसायिक संघ और अन्य सामाजिक संगठन भी कर रहे हैं।
बंद को देखते हुए प्रशासन अलर्ट, हर चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात
बंद के एलान से सतर्क जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रणनीति बनाते हुए जगह जगह सुरक्षा बल को तैनात कर दिया है। मंदिर की गलियों में भी पहरा लगा दिया गया है। बंद को विफल करने की कोशिश के बीच टावर चौक पर बज्र वाहन के साथ सुरक्षा बल तैनात हैं। अभी पूरा सन्नाटा दिख रहा है। दुकान खोलने को लेकर कोई चहल पहल भी नहीं है।

