
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने कश्मीर दौरे के दौरान ऐसा बयान दे डाला जिससे देश भर में विवाद पैदा हो सकता है. राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस पर हमला बोलते हुए कहा कि इनके कारण देवी लक्ष्मी, दुर्गा और सरस्वती की शक्ति कम हो गई है।
राहुल गांधी ने क्या कहा ?
राहुल गांधी ने कहा कि कल जब मैं वैष्णो माता जी के मंदिर में गया, तब वहां त्रिशक्तियाँ थीं- दुर्गा जी, लक्ष्मी जी, सरस्वती जी । ‘दुर्गा जी’ जिन्हें हम दुर्गा माँ कहते हैं; दुर्गा शब्द ‘दुर्ग’ से आता है; ‘दुर्गा माँ’ यानी वो शक्ति जो रक्षा करती हैं ।
उन्होंने आगे कहा, ”लक्ष्मी मां यानी वो शक्ति जो ‘लक्ष्य’ को पूरा करती हैं । अगर आपका लक्ष्य’ पैसा है, तो जो आपने कहा वो भी सही है । आपका लक्ष्य कुछ और है तो उस लक्ष्य को पूरा करने की जो शक्ति हमें मिलती है, वो हैं ‘लक्ष्मी मां’ ।
राहुल गांधी ने कहा, ”सरस्वती जी वो शक्ति हैं, जिन्हें हम विद्या, ज्ञान की देवी/शक्ति कहते हैं । ये त्रिशक्तियाँ हैं । ये त्रिशक्तियाँ जब घर में होती हैं या देश में होती हैं, तो देश की तरक्की होती है . हिन्दुस्तान में नोटबंदी और GST से माँ लक्ष्मी जी शक्ति घटी है या बढ़ी है? किसानों के बनाए गए तीन काले कानूनों से दुर्गा माँ की शक्ति घटी है या बढ़ी है? जब हिन्दुस्तान के हर संस्थान में, कॉलेज और स्कूल में आरएसएस का व्यक्ति बैठाया जाता है तो सरस्वती माँ की शक्ति घटती है या बढ़ती है? जवाब है- घटती है ।

राहुल गांधी बार-बार सनातन धर्म का अपमान करते हैं- बीजेपी
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कुछ दिन पहले आपने (राहुल गांधी) जीएसटी की तुलना गब्बर सिंह से की थी । जिस जीएसटी की तुलना आप गब्बर सिंह से कर रहे थे आज उसी की तुलना मां लक्ष्मी से कर रहे हैं । हमारी भावनाओं के साथ आप खिलवाड़ क्यों कर रहे हैं ? क्या राहुल गांधी को लगता है कि हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने से कश्मीर के मुसलमान कांग्रेस को वोट दे देंगे। अगर वो ऐसा सोचते हैं तो ये उनका बचपना है ।
कश्मीर में दोबारा अशांति फैलाना चाहती है कांग्रेस
संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को दुख हो रहा है, क्योंकि जम्मू कश्मीर में तुष्टिकरण और भेदभाव की राजनीति खत्म हो रही है और विकासवाद आगे बढ़ रहा है. आज यह जान के दुख हुआ, आज कोई साधारण दिन नहीं, आज गणेश चतुर्थी है. ऐसे में भारती परंपराओं का हनन होता है. ऐसे में यदि हमारे देवी देवताओं का अपमान किया जाता है तो मुझे लगता है ये उचित नहीं है ।

