राज्यपाल ने सरकार को लौटाई टीएसी की फाइल

राज्यपाल के फाइल लौटाने के बाद सरकार के अंदर गहन मंथन
राज्यपाल के फाइल लौटाने के बाद सरकार के अंदर गहन मंथन

रांची। राज्यपाल रमेश बैंस ने टीएसी की फाइल सरकार को लौटाे हुए कहा है कि टीएसी की नई नियमावली संविधान की पांचवी अनुसूची की भावना के खिलाफ है। राज्यपाल के अधिकारों व शक्तियों का अतिक्रमण बताया है । उन्होने कहा कि टीएसी में कम से कम दो सदस्यों को नामित करने की शक्ति राज्यपाल के पास होनी चाहिए ।

राज्यपाल ने लिखा है कि सरकार ने टीएसी की नई नियमावली तैयार करते समय राज्यपाल से कोई परामर्श नहीं लिया, जो संविधान की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल व दूसरे विधि विशेषज्ञों की राय का हवाला देते हुए लिखा है कि पांचवीं अनुसूची के मामले में कैबिनेट की सलाह मानने को राज्यपाल बाध्य नहीं हैं।

सरकार के पास फाइल पहुंचने पर इस पर गहन मंथन शुरू हो गया है । राज्यपाल ने लिखा है कि टीएसी के हर फैसले को अनुमोदन के लिए राजभवन के पास जरूर भेजना चाहिए । जनजातियों के कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिये । टीएसी के हर फैसले को अनुमोदन के लिए राज्यपाल के पास भेजना चाहिए ।

राज्यपाल ने दिखाया आईना: दीपक प्रकाश

सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि जनजातीय सलाहकार परिषद का गठन असंवैधानिक और अपूर्ण है। भारत के संविधान की पांचवी अनुसूची का उल्लंघन करते हुए हेमंत सरकार ने टीएसी का गठन किया है। उन्होने कहा कि हेमंत सरकार मनमानी करने पर उतारू है। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए टीएसी का गठन किया गया है। राज्यपाल के अधिकारों का हनन करते हुए टीएसी का गठन किया गया है। मामले में भारतीय जनता पार्टी लगातार सवाल उठाते रही है।

दीपक प्रकाश ने कहा कि इस बार महामहिम राज्यपाल ने भी सवाल खड़े किया है। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल समेत विधि विशेषज्ञों की राय ने स्पष्ट कर दिया है कि हेमन्त सरकार टीएसी का गठन मनमाने तरीके से की है। उन्होंने कहा कि 5वीं अनुसूची संसद से बना कानून है, जिसे राज्य सरकार को बदलने का अधिकार नहीं है। 5वीं अनुसूची आदिवासी समाज के कल्याण और उन्नति से संबंधित है जिसे हेमन्त सरकार अपने तरीके से तोड़ रही है। यह अदिवासी समाज के हितों पर कुठाराघात है।

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