ठंड ने ली आदिम जनजाति की बिरहोर महिला की जान, बगल में सो रही थी चार माह की मासूम

ठंड का सितम हजारीबाग के बड़कागांव स्थित लकुरा के इस बिरहोर परिवार पर टूटा है
ठंड का सितम हजारीबाग के बड़कागांव स्थित लकुरा के इस बिरहोर परिवार पर टूटा है

उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ रंजीत कुमार

बड़कागांव। विलुप्ति के कगार पर पहुंचे आदिम जनजाति बिरहोर समाज की एक महिला की मौत ठंड से हो जाने की बात कही जा रही है। महिला के दो मासूम बच्चे हैं। बिरहोर महिला की मौत से घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतका बड़कागांव प्रखंड स्थित लकुरा निवासी संजय बिरहोर की पत्नी 30 वर्षीय सोनी बिरहोर है। बुधवार की सुबह चार बजे अचानक वह चल बसी। बताया जाता है कि सोनी बिरहोर अपने पति के साथ महुंगाई कला में ईंट भट्ठा में मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन  करती थी।

बताया जाता है कि मंगलवार की रात सोने के बाद सुबह वह उठी, फिर उठकर पुन: सो गई। लेकिन दोबारा नहीं उठी। जब चार माह की बच्ची सुबह रोने लगी, तब पति ने उठाने की कोशिश की, लेकिन सोनी बिरहोर दोबारा नहीं उठी। तुरंत सोनी को बड़कागांव समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि परिजन का कहना है कि दो-तीन बार मिर्गी दौरा पड़ा था। मौके पर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी रवि रंजन एवं प्रखंड कल्याण पदाधिकारी भास्कर राज शव को दफनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

वहीं मुखिया प्रतिनिधि रामू गंझू ने बताया कि सरकार के दिए जा रहे सभी प्रकार के लाभ सोनी बिरहोर को दिया जा रहा था। ठंड को देखते हुए मृत्यु के आठ दिन पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी के सौजन्य से कंबल भी उपलब्ध करवाया गया था।

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