शहीदों की शौर्य गाथा छात्रों के लिए उत्तम प्रेरणा : डॉ जे.पी. सूर

 

पलामू :

एम के डीएवी पब्लिक स्कूल मेदनीनगर में 22 वाँ कारगिल विजय दिवस मनाया गया । इस अवसर पर डीएवी प्रबंधनर्कत्त समिति न्यू दिल्ली के निर्देशक P.S-I डॉ जे.पी. सूर ने अपने प्रेषित संदेश में कहा कि हमारे विद्यालय में विषय ज्ञान के साथ-साथ मूल्य आधारित शिक्षा दी जाती है जिसका परिणाम कारगिल युद्ध में देखने को मिला डीएवी के पूर्ववर्ती छात्र कैप्टन बत्रा एवं अन्य ने डीएवी की गरिमा बढ़ाई। सूर साहब ने अपने संदेश में कहा कि डीएवी 132 साल पुरानी संस्था अपनी एक हजार से अधिक शाखाओं में बच्चों को देशभक्त बनाने का काम करती है इन विद्यालयों के छात्रों में स्वामी दयानंद जी के आदर्श की प्रति छाया दिखाई देती है यह छात्र समाज के जिम्मेदार पदों पर आसीन होकर देश सेवा कार्य करते हुए और मां भारती के भालका झुकने नहीं देते हैं। डीएवी पब्लिक स्कूल रांची जोन एफ के सहायक क्षेत्र अधिकारी एम.के. सिन्हा ने प्रेषित संदेश में कहा कि हमारे विद्यार्थियों में पराक्रम एंव देश भक्ति भावना कूट-कूट कर भरी होती है विद्यालय एवं देशवासी उन्हें यही संदेश देते हैं कि एक इंच पीछे नहीं हटना चाहे इंच-इंच कट जाना।

विद्यालय में आयोजित समारोह में नगर में उपलब्ध अवकाश प्राप्त सैनिक जो कारगिल युद्ध के सहभागी व साथी रहे गयानंद पांडेय , कामाख्या नारायण सिंह, शंभू नाथ सिंह एंव राम सिंह उपस्थित थे. गयानंद पांडे ने अपनी युद्ध की भयावहता और प्राकृतिक दुरूहता की चर्चा करते हुए देशवासियों से शहीदों के परिजनों की मदत का आग्रह किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर जी.एन. खान ने कहा कि ऐसे आयोजनों से हम विद्यार्थियों के अंदर देशभक्ति की भावना भरने में सक्षम हो सकते हैं इस अवसर पर विद्यालय के स्थानीय प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष सतवीर सिंह सदस्य गुरबीर सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र देकर किया गया कार्यक्रम में विद्यालय के द्वादश छात्र छात्रा स्वीटी ने ऑनलाइन कविता प्रस्तुत किया संगीत शिक्षक नीरज कुमार सिन्हा एवं आनंद पाठक ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया मंच संचालन वरिष्ठ शिक्षिका मीनाक्षी कर्ण ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कन्हैया राय नें किया। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक अजय कुमार उपाध्याय, शैलेंद्र कुमार आलोक कुमार, चंद्रशेखर पांडे एवं नीरज कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *